15/07/2026
फाइलों में अटका पुल, ग्रामीणों ने खुद उठाई जिम्मेदारी: जान जोखिम में डालकर बनाई अस्थायी पुलिया
थुनाग (मंडी)। "क्या प्रशासन किसी मासूम के बह जाने का इंतजार कर रहा है?" यह सवाल सिर्फ एक छात्रा का नहीं, बल्कि मंडी जिले के सराज क्षेत्र की उन आधा दर्जन पंचायतों का है, जो पिछले आठ वर्षों से एक पक्के पुल की बाट जोह रहे हैं। जब सरकारी दावों और विभाग की फाइलों से लोगों का भरोसा उठ गया, तो अंततः हार मानकर ग्रामीणों ने खुद ही अपनी जान बचाने का बीड़ा उठा लिया।
छात्रा की पुकार ने जगाया जमीर मामला सीनियर सेकेंडरी स्कूल चिऊणी का है। ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा कल्पना की सोशल मीडिया पर की गई एक भावुक पोस्ट ने सिस्टम की संवेदनहीनता को कटघरे में खड़ा कर दिया। छात्रा की इस मार्मिक पुकार ने न केवल सोशल मीडिया पर लोगों को झकझोर दिया, बल्कि सालों से सोई हुई स्थानीय पंचायत और ग्रामीणों के जमीर को भी जगा दिया।
जान हथेली पर रखकर खड्ड पार करने को मजबूर ग्रामीण चिऊणी-घियार सड़क महज एक रास्ता नहीं, बल्कि डोभा, घियार, लैंद, बुराहड़ा, बणेंशी और कालचाहड़ी जैसे आधा दर्जन गांवों की लाइफलाइन है। बरसात के दिनों में समैड़ा खड्ड विकराल रूप धारण कर लेती है, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाती है। सबसे अधिक खतरा स्कूली बच्चों को होता है, जो हर दिन अपनी जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन के झूठे आश्वासनों के कारण पिछले साल एक व्यक्ति की खड्ड में गिरकर मौत भी हो चुकी है।
ग्रामीणों ने पेश की एकजुटता की मिसाल प्रशासन की सुस्ती से तंग आकर मंगलवार को घियार गांव के ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए खुद ही समैड़ा खड्ड पर अस्थायी पुलिया बनाने का फैसला किया। पंचायत के सहयोग से ग्रामीणों ने अपनी पीठ पर भारी-भरकम लकड़ियां ढोईं और कड़ी मशक्कत के बाद एक अस्थायी पुलिया का निर्माण कर डाला। इस दौरान निके राम, दुर्गा दास और सेवानिवृत्त शिक्षक जालम राम जैसे स्थानीय निवासियों ने व्यवस्था पर कड़ा रोष जताया और पूछा कि क्या सरकार किसी और बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है?
क्या कहता है विभाग? पंचायत प्रधान भारती नेगी ने सरकार से अविलंब पक्का पुल बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगी। वहीं, इस संबंध में लोक निर्माण विभाग मंडल सराज के अधिशासी अभियंता नितीश शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, "पुल निर्माण के लिए डीपीआर पहले ही सरकार को भेजी जा चुकी है। जैसे ही सरकार से बजट स्वीकृत होगा, पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा l