14/11/2025
(RJD) 23 % वोट शेयर हासिल किया, लेकिन सीटों की संख्या इसके अनुरूप नहीं रही। इसके पीछे कई कारण हैं,
1. वोट शेयर ↔ सीटों का संबंध नहीं सीधा
RJD को बिहार विधानसभा चुनाव में लगभग 22.76 % वोट मिले, जो राज्य में सबसे अधिक था।
लेकिन सीटों में उनका प्रदर्शन बहुत कम रहा — कुछ ही सीटें जीत सके।
इसका मतलब है कि ‘वोट शेयर’ बढ़ना जरूरी है-लेकिन पर्याप्त नहीं-उस वोट शेयर का सही तरह से वितरण हो, हर सीट पर प्रभावी हो।
2. वोट बंटवारा / गठबंधन में कमजोरी
RJD-गठबंधन को अपनी पुरानी वोट बैंक (मुख्य रूप से मुस्लिम + यादव) से आगे बढ़ने में मुश्किल आई।
कुछ ऐसा हुआ कि अल्पसंख्यक-वोट, और अन्य पिछड़े वर्गों में विभाजन हुआ — उदाहरण के लिए
(AIMIM), (Jan suraj), (JJP) जैसे दलों ने कुछ वोट काटे।
3. RJD का वोट बैंक कुछ क्षेत्रों और समाज-समूहों में घना है, लेकिन बहुत सारी सीट्स में पार्टी को पर्याप्त बहुमत नहीं मिला।
जैसे- उत्तर बिहार, कोसी क्षेत्र में RJD की पहुँच कम रही।
4. विपक्ष के मुकाबले ज्यादा संगठित सरकार / गठबंधन
सरकार/विपक्ष में जो गठबंधन था (विशेष रूप से Bharatiya Janata Party + Janata Dal (United)) उन्होंने सीट-शेयरिंग, वोट बैंक विस्तार, विकास-मुद्दा आदि में बेहतर रणनीति दिखाई।
विश्लेषण
RJD का 23 % वोट शेयर अच्छा संकेत है कि पार्टी का समर्थन व्यापक है, लेकिन वोट का राजनैतिक मतलब यह है कि- “हर सीट पर जितना वोट चाहिए उतने वोट होना”, “दुश्मन के वोट बांटना नहीं होना”, “गठबंधन की रणनीति मजबूत होना”। जब ये पूरी नहीं हुईं-तो अधिक वोट शेयर होने पर भी जीत नहीं मिली।
ये सब भी सलाहकार और रणनीतिकार नहीं समझ सके तो उसको लात मार के आज़ाद कर देना चाहिए।🙏🙏
✍️Danish Hussain
R.J.D - राष्ट्रीय जनता दल