12/03/2023
CBI,ED सहित तमाम के केंद्रीय जाँच एजेंसी सिर्फ लालू यादव और उनके परिवार को परेशान नहीं कर रही है बल्कि बिहार के उन तमाम गरीब मजदूर शोषित बंचित उपेक्षित लोगो के साथ अन्याय कर रही है क्यूंकि लालू यादव ने की एक अघोषित घोषणा है की जबतक उनके छोटे पुत्र बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बन जाएंगे उनके द्वारा यह फर्मूला नहीं बताया जाएगा कैसे देश भर में अंबानी के बाद पिछले 40 वर्षों में अगर किसी व्यक्ति का अप्रत्याशीत रूप से आर्थिक विकास हुआ है तो वो लालू यादव ही है. बिना किसी बड़ कारोबार के केवल वेतन भोगी होकर छह बेटी के बाप लालू प्रसाद आज हजारों करोड़ के मालिक है. जमींदारों के पास जमीन कहां से आये और रजवारों के पास दौलत कहां से आयी, इसपर शोध करनेवालों अब वक्त बदल गया है. थोडा वक्त लालू जैसे प्रबंधक, अर्थशास्त्री और कारोबारी पर भी खर्च कीजिए. सूत्र पता कीजिए....
विधायक से अधिक वेतन पानेवाले ओबीसी और दलित समाज के लोगों को भी उस सूत्र की जरुरत है. गाय चरानेवालों, बकरी चरानेवालों को यह सूत्र बताना है कि महज 30 साल में वो बिना किसी कारोबार के कैसे हजारों करोड के मालिक बन सकते हैं. जरा सोचिए यह सूत्र कितना बडा सामाजिक बदलाव लायेगा, आर्थिक तो लायेगा ही.
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लालू की आलोचना मत कीजिए, उनसे सीखने की जरुरत है. 30 साल पहले एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी आवास में रहनेवाला परिवार आज जितनी दौलत का मालिक है, वो प्रबंधन संस्थान में पढ़ने और पढ़ाने का विषय है. कभी सोचती हूं रमानंद तिवारी, कर्पूरी ठाकुर और यहां तक कि बीपी मंडल ने जीवन में क्या किया. लालू ने जीवन में वो सब पाया जो 30-40 साल पहले सपनों में भी नहीं सोचा था.. हर गरीब को लालू यादव होना चाहिए...