08/10/2015
lao g commerce aalio jankaari !!!
हो सकता है कुछ एक ने पढ़ रखी हो। पर जिन्होंने
नहीं पढ़ी है जरुर पढ़े।
बैंक नोट: वो सबकुछ जो आप हमेशा जानना चाहते थे
►कौन तय करता है कि कितने रुपये छपेंगे?
-कब और कितने करेंसी नोट छपने हैं, इसका फैसला रिजर्व बैंक
करता है।
-इसे करेंसी मैनेजमेंट कहते हैं।
-बैंक किस मूल्य के कितने नोट छापेगा, यह विकास दर,
मुद्रास्फीति दर, कटे-फटे नोटों की संख्या और रिजर्व
स्टॉक की जरूरतों पर निर्भर करता है।
-करेंसी नोट की मांग का पता लगाने के लिए
सांख्यिकीयविधियों का सहारा लिया जाता है।
►इन्हें कहां पर छापा जाता है स्याही, कागज कहां का?
-देश में चार बैंक नोट प्रेस, चार टकसाल और एक पेपर मिल है।
-नोट प्रेस मध्यप्रदेश के देवास, नासिक, सालबोनी और मैसूर में
हैं।
-1000 के नोट मैसूर में छपते हैं।
-देवास की नोट प्रेस में एक साल में 265 करोड़ नोट छपते हैं।
-इनमें 20, 50, 100, 500 रुपए मूल्य के नोट शामिल हैं।
-देवास में तैयार स्याही का ही उपयोग किया जाता है।
-मप्र के ही होशंगाबाद में सिक्यूरिटी पेपर मिल है।
-नोट छपाई पेपर होशंगाबाद और विदेश से आते हैं। जबकि टकसाल मुंबई,
हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में हैं।
►हम तक करेंसी कैसे पहुंचती है?
-रिजर्व बैंक के देशभर में 18 इश्यू ऑफिस हैं। ये अहमदाबाद, बेंगलुरू,
बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी,
हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, नई
दिल्ली, पटना व थिरुवनंतपुरम में स्थित हैं।
-इसके अलावा एक सब-ऑफिस लखनऊ में है। प्रिंटिग प्रेस में छपे नोट
सबसे पहले इन ऑफिसों में पहुंचते हैं। यहां से उन्हें कमर्शियल बैंक
की शाखाओं को भेजा जाता है।
►बेकार हो चुके नोटों को कहां जमा करते हैं?
नोट तैयार करते वक्त ही उनकी ‘शेल्फ
लाइफ’ (सही बने रहने की अवधि) तय
की जाती है। यह अवधि समाप्त होने पर या लगातार
प्रचलन के चलते नोटों में खराबी आने पर रिजर्व बैंक इन्हें वापस
ले लेता है। बैंक नोट व सिक्के सर्कुलेशन से वापस आने के बाद इश्यू
ऑफिसों में जमा कर दिए जाते हैं। रिजर्व बैंक सबसे पहले इनके
असली होने की जांच करता है। उसके बाद इन
नोटों को अलग किया जाता है, जो दोबारा जारी किए जा सकते हैं।
बेकार हो चुके नोटों को नष्ट कर दिया जाता है। इसी तरह
सिक्कों को गलाने के लिए मिंट भेज दिया जाता है।
►बैंक नोट क्यों कहते हैं?
रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाने के कारण इन्हें बैंक नोट
कहा जाता है।
►कैसे छपते हैं?
विदेश या होशंगाबाद से आई पेपर शीट एक खास
मशीन सायमंटन में डाली जाती है। फिर
एक अन्य मशीन जिसे इंटाब्यू कहते हैं उससे कलर
किया जाता है। यानी कि शीट पर नोट छप जाते हैं।
इसके बाद अच्छे और खराब नोट
की छटनी हो जाती है। खराब
को निकालकर अलग करते हैं। एक शीट में करीब 32
से 48 नोट होते हैं।
►कैसे नंबर अंकित करते हैं?
शीट पर छप गए नोटों पर नंबर डाले जाते हैं। फिर
शीट से नोटों को काटने के बाद एक-एक नोट की जांच
की जाती है। फिर इन्हें पैक किया जाता है। पैकिंग के
बाद बंडलों को विशेष सुरक्षा में ट्रेन से भारतीय रिजर्व बैंक तक
भेजा जाता है।
►क्या खासियत होती है
इनमें?
* बैंक नोट
की संख्या चमकीली स्याही से
मुद्रित होती है। बैंक नोट में चमकीले रेशे होते हैं।
अल्ट्रावायलेट रोशनी में दोनों देखे जा सकते हैं।
* कॉटन और कॉटन के रेशे मिश्रित एक वॉटरमार्क पेपर पर नोट मुद्रित
किया जाता है।
* नई श्रंखला वाले 500 और 1000 रुपए मूल्य के नोट की छपाई
के लिए प्रति वर्ग सेमी वजन को बढ़ाने के साथ-साथ अधिक मोटाई
वाले कागज का उपयोग किया गया है।
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धन्यवाद।
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