04/03/2026
आज होली हवे... सभे के दिल के गहरायी से होली के ढेर सारा शुभकामना!
आजु जीवन में अइसन पहिलका बेर भइल बा कि होली नियन बड़ त्योहार पर हम घर ना जा पवनी। दिल्ली नियन शहर, सरकारी बस एक दिन के छुट्टी, अउर काल्ह ऑफिस के जरूरी काम... मन त बहुते रहे, बाकिर मजबूरी अइसन भइल कि चाह के भी घर के राह ना पकड़ पवनी।
सच कहल जाव त, परदेस में रह के हर त्योहार काट लिहल जाला, बाकिर होली अउर दिवाली... ई दू गो अइसन परब हवे कि अगर घर से दूर बीते, त मन एकदम खाली-खाली अउर उदास हो जाला।
🥘 घर के स्वाद अउर गाँव के महक
सबसे पहिले याद आवत बा ओही घर के पकवान— गुजिया, खस्ता अउर मालपुआ... ई सब अइसन चीज ह जवन साल भर भले ना मिले, बाकिर होली के दिन हर घर के रसोई से एकर खुशबू उठेला। गाँव के ओही त खासियत बा कि हर घर से पकवान के गमक आवेला, अउर हर दरवाजा अपनापन से सभे खातिर खुला रहेला।
🙏 संस्कार अउर बचपन के याद
होली के ऊ सबेर आजुओ आँख के सोझा नाचत बा— नहा-धो के नया कपड़ा पहिरल, अबीर-गुलाल अउर प्रसाद लेके मंदिर जाइल, अउर फिर घर-घर जा के बड़-बुजुर्गन के गोड़ छू के असीरवाद लिहल। छोटका लोगन के गले लगावल अउर ऊ हुड़दंग... सब याद आवत बा।
हमरा घर के बगल में झुना फुआ रहली। हर साल होली पर ओकरा हाथ के बनल गरमा-गरम समोसा के स्वाद आजुओ जीह पर बसल बा। ऊ बोला-बोला के खियावल, ऊ दुलार... अब कहाँ!
❤️ मेल-मिलाप के असली रंग
होली के असली रंग त ओही मेल-मिलाप में बा। आजु के दिन केहू छोट-बड़ ना रहे, ऊँच-नीच के भेद मिट जाला अउर सब केहू एक-दूसरा के रंग में रंग जाला। अउर ओकर बाद दोस्तन के टोली... ऊ शरारत, ऊ हँसी-ठिठोली अउर हुड़दंग, सब अब बस याद बन के रह गइल बा।
आज रूम पर बानी, अकेले... कभी पुरान बात सोच के मन खिल उठत बा, त कभी ई सोच के उदासी छा जात बा कि आज आपन लोग साथे नइखे। बाकिर होली त खुशियन के त्योहार हवे, एही से बस ईहे अरज बा कि सब केहू खुश रहे, नीक रहे अउर सुरक्षित रहे।
घर से दूर रह के मेहनत करत हर बेटा-बेटी के तरफ से, गाँव-घर के जतने बड़ लोग बा, सभे के गोड़ लागतानी। प्रणाम! 🙏
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