21/10/2024
बहराइच में दंगा होता है। एक मुसलमान के घर पर लगे हुए धार्मिक झंडे को कट्टरपंथियों द्वारा उखाड़ दिया जाता है। अपने परिवार की सुरक्षा करते हुए उस घर के मालिक ने एक उग्रवादी को गोली मार दी। वह मौके पर मर गया। ऐसा पुलिस की FIR में लिखा है। उसे किसने मारा नहीं पता। घटना दुखद थी। जल्दी उस मृतक के परिवार को न्याय मिले। मृतक की आत्मा को ईश्वर शांति प्रदान करे।
सेल्फ डिफेंस (आत्म रक्षा) का आदेश भारतीय न्याय संहिता देती है। यदि किसी के घर पर कोई हमला करे, बचाव में वह अपनी लाईसेंसी गन से किसी को मार दे, तो कोर्ट उसे रिहा कर देती है। थोड़ा वक़्त लगता है। लेकिन रिहाई तय है।
फिर यूपी पीडब्ल्यूडी विभाग उस घर समेत आसपास के दर्जनों घरों/दुकानों पर अवैध कब्ज़े का नोटिस चस्पा करती है। मतलब ये कि पहले उग्रपंथियों का सामना कीजिए। उनकी मन की आग शांत हो और आप बच जाएं तो सरकारी बुल्डोजर, दंगाईयों की शक्ल में आपका घर/मकान गिराने आ जाए। इससे बड़ा अन्याय इस संसार में भला कहा होगा?
इन सब के बीच एक हीरो आता है। फिल्मी पर्दे वाला नहीं। काले कोट वाला। नाम है S M Rehman Faizy सैय्यद महफूज़ुर्रहमान फैज़ी। प्यार से लोग फैजी भाई कहते हैं। अवध बार के पूर्व उपाध्यक्ष। हर धर्म और जाति का पसंदीदा। फासीवादी ताकतों का विरोधी। कल छुट्टी का दिन था। करवाचौथ का त्यौहार था। कोर्ट खुली। स्पेशल बेंच बैठी। और न्यायपालिका ने आदेश दिया कि फिलहाल बहराइच में बुल्डोजर नहीं चलेगा। ये जलवा है मेरे फैजी भाई का। अन्याय के विरूद्ध, न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी, अंतिम सांस तक। गलत किसी के साथ हो, वह चाहे हिंदू हो या मुसलमान, हम सब उसके साथ हैं।