JUST few WORDS

JUST few WORDS कुछ अपने दिल की

16/03/2022

बहुत बहुत धन्यवाद मेरी पंक्तियों को अपनी आवाज़ देने के लिये और साथ ही साथ इतनी सुन्दर शाॅर्ट वीडियोज् के साथ सजाने के लिये

समझ पाना तब आना....
07/03/2022

समझ पाना तब आना....

.अहद-ब-अहद मसाफ़-ए-जीस्त हारा हूँ मैं,गुमनामियों में गया, वो उजला सितारा हूँ मैं, सर-कशी रही है दुनिया-दारों से हमेशा मे...
02/03/2022

.
अहद-ब-अहद मसाफ़-ए-जीस्त हारा हूँ मैं,
गुमनामियों में गया, वो उजला सितारा हूँ मैं,

सर-कशी रही है दुनिया-दारों से हमेशा मेरी,
नदी का एक किनारा थे वो तो दूसरा किनारा हूँ मैं,

आगोश में थे मेरी जब जब उन्हें जरूरत थी मेरी,
मेरी  जरूरतों पर  हमेशा ही  बेसहारा  हूँ मैं,

रहेगी जंग  यूँ ही  ब-दस्तूर  जारी अब,
सोने से भरा हूँ पर  लोहे का पिटारा हूँ मैं....

~ सूर्यांश "अधीर"

रीति रिवाज़ के कारण घर को छोड़कर जाती लड़कियाँ मन में क्या सोचती होंगी उसको बड़ी खूबसूरती से प्रस्तुत किया है दृष्टि जी ...
27/02/2022

रीति रिवाज़ के कारण घर को छोड़कर जाती लड़कियाँ मन में क्या सोचती होंगी उसको बड़ी खूबसूरती से प्रस्तुत किया है दृष्टि जी ._.talks ने।
पढ़े और प्रेम 🧡 दें

सियासतबाज़ी...
26/02/2022

सियासतबाज़ी...

मैं अपने शब्दों से तेरी तस्वीर बना देता हूँ....
24/02/2022

मैं अपने शब्दों से तेरी तस्वीर बना देता हूँ....

अंत ही तो नयी शुरुआत है। हार मिली बार बार,झेल रहे हो तिरस्कार,घिरे हो चुनौतियों से,आत्मा पर हो रहा प्रहार,इसमें घबराने क...
19/02/2022

अंत ही तो नयी शुरुआत है।

हार मिली बार बार,
झेल रहे हो तिरस्कार,
घिरे हो चुनौतियों से,
आत्मा पर हो रहा प्रहार,
इसमें घबराने की क्या बात है?
अंत ही तो नयी शुरुआत है।

रहता है विचलित मन,
छाये है अंदर बादल,
प्रश्नों का है वारणावर्त
अंदर है बस उथल पुथल,
हिम्मत तुम्हारी, तुम्हारे साथ है,
अंत ही तो नयी शुरुआत है।

चिंता और अवसाद घेरे है,
उलझनों के बस फेरें है,
प्रयास हो जाते है असफल,
मुश्किल पथ पर पग तेरे है,
दिन भी आयेगा, अगर रात है,
अंत ही तो नयी शुरुआत है।

समय एक सा ना रहता है,
रंक को भी वो राव करता है,
जीतना आसान कहाँ होता है?
कुंदन भी हथौड़े की मार सहता है,
बस एक और प्रयास की तो बात है,
अंत ही तो नयी शुरुआत है।

~ सूर्यांश "अधीर"

चुप्पी साधन है उन सवालों से दूर रहने का जो तंग करते है....
15/02/2022

चुप्पी साधन है उन सवालों से दूर रहने का जो तंग करते है....

हारता रहा, गिरता रहा, उठकर फिर संभलता रहा,मैं चलता रहा, मैं चलता रहा।                                                   ...
14/02/2022

हारता रहा, गिरता रहा, उठकर फिर संभलता रहा,
मैं चलता रहा, मैं चलता रहा।

बहुत दिनों बाद एक collaboration किया है आप सभी पढ़े और विचार व्यक्त करें।आज का collaboration  जी के साथ है जो कि एक बहुत...
12/02/2022

बहुत दिनों बाद एक collaboration किया है आप सभी पढ़े और विचार व्यक्त करें।
आज का collaboration जी के साथ है जो कि एक बहुत उम्दा लेखिका है, उनके समकक्ष लिखने का प्रयास मैंनें भी किया है आशा करते है आपको पसन्द आयेगा।

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12/02/2022

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पुरुषों को भावनाओं के तूफान को देना उचित नहीं समझा विधाता तो उसने दी कठोरता और कटुता....                                ...
11/02/2022

पुरुषों को भावनाओं के तूफान को देना उचित नहीं समझा विधाता तो उसने दी कठोरता और कटुता....

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