01/10/2016
हम डरते नहीं अणुबमों से, विस्फोटक जलपोतों से,
हम डरते है ताशकंद शिमला जैसे समझौतों से,
सियार भेडिये से डर सकती, सिंहो कि औलाद नहीं,
भरतवंश के इस पानी कि, है तुमको पहचान नहीं,
एटम बम बनाकर के तुम, किस मद पर हो फूल गये,
पेंसठ, इकत्तर और निन्यानवें के, युद्धों को शायद भूल गये,
तुम याद करो अब्दुल हमीद ने, पैटर्न टेंक जला डाला,
हिन्दुस्तानी नेटो ने अमरीकी जेट जला डाला,
तुम याद करो गाजी का बेड़ा, झटके में ही डूबा दिया,
ढाका के जनरल नियाजी को, दूध छठी का पीला दिया,
तुम याद करो नब्बे हजार, उन बंदी पाक जवानो को,
तुम याद करो शिमला समझौता, इन्द्रा के एहसानो को,
पाकिस्तान तू कान खोलकर सुन ले,
कि अबकी जंग छिड़ी तो सुनले, नामो निशां नहीं होगा,
कश्मीर तो होगा, लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा।
लाल कर दिया लहू से तुमने, श्रीनगर कि घाटी को,
किस गफलत पर छेड़ रहें, तुम सोई हल्दीघाटी को,
जहर पिलाकर नफरत का, इन कश्मीरी परवानो को,
भय और लालच दिखलाकर, तुम भेज रहें नादानों को,
खुले प्रशिक्षण खुले शस्त्र है, खुली हुई शैतानी है,
सारी दुनियां जान चुकी, ये हरकत पाकिस्तानी है,
बहुत हो चुकी मक्कारी, बस बहुत हो चूका हस्तक्षेप,
समझा दो उनको वरना, भभक उठेगा पूरा देश,
देश अगर हो गया खड़ा तो, त्राहि त्राहि मच जायेगी,
पाकिस्तान के हर कोने में, महाप्रलय आ जायेगी,
क्या होगा अंजाम, तुम्हे इसका अनुमान नहीं होगा,
कश्मीर तो होगा, लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा।
ये अवाक्स ये एटम बम पर हिम्मत कौन दिखायेगा,
इन्हें चलाने को क्या बोलो, बाप तुम्हारा आएगा,
अबकी चिंता मत कर, चेहरे का खोल बदल देंगे,
इतिहास कि क्या हस्ती है, पूरा भूगोल बदल देंगे,
धारा हर मोड़ बदलकर, लाहौर से गुजरेगी गंगा,
इस्लामाबाद कि छाती पर, लहराएगा भारत का तिरंगा,
रावलपिंडी और कराची तक, सब कुछ गर्त हो जाएगा,
सिंधु नदी के आर पार, पूरा भारत हो जाएगा,
फिर सदियों सदियों तक, जिन्ना जैसा शैतान नहीं होगा,
कश्मीर तो होगा लेकिन, पाकिस्तान नहीं होगा।
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जय हिन्द, जय भारत !
वन्दे मातरम !!