02/06/2026
हिसार में अनिल रेढू को न्याय दिलाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और पीड़ित परिवार द्वारा किए गए बड़े विरोध प्रदर्शन और लगातार बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग बैकफुट पर आया है। इस जन आक्रोश को देखते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा निम्नलिखित बड़े कदम उठाए गए हैं:
जांच का ट्रांसफर (केस ट्रांसफर): परिजनों और बसपा नेताओं का सबसे बड़ा आरोप यह था कि हिसार पुलिस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है और हत्या की धाराओं को बदल रही है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) ने इस केस की जांच हिसार पुलिस से छीनकर फतेहाबाद पुलिस को सौंप दी है। अब फतेहाबाद की टीम इस पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच करेगी।
धाराएं दोबारा जोड़ने पर समीक्षा: परिजनों की मुख्य मांग थी कि एफआईआर से हटाई गई हत्या की धारा (302) को दोबारा जोड़ा जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि फतेहाबाद पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर कानूनी धाराओं की समीक्षा कर उचित धाराएं जोड़ी जाएंगी।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित: नामजद आरोपियों (बंटी, रणदीप, सोमबीर और कर्ण) की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने स्पेशल टीमों का गठन किया है और उनकी लोकेशन पर छापेमारी की जा रही है।
मुआवजे और सुरक्षा का आश्वासन: लघु सचिवालय पर हुए इस भारी प्रदर्शन के बाद स्थानीय सिविल प्रशासन ने पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता (मुआवजे) और परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार रोजगार दिलाने से जुड़ी मांगों के प्रस्ताव को उच्च अधिकारियों और सरकार के पास भेजने का भरोसा दिया है।
बसपा नेताओं और पीड़ित परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि फतेहाबाद पुलिस की जांच में भी ढिलाई बरती गई या आरोपियों को तुरंत जेल नहीं भेजा गया, तो इस आंदोलन को पूरे हरियाणा स्तर पर और उग्र रूप दिया जाएगा।