04/03/2026
आदरणीय सदस्यगण,
होली के पावन अवसर पर समाज के सभी आदरणीय सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
होली रंगों, सौहार्द और एकजुटता का त्योहार है। यह हमें स्मरण कराती है कि अच्छाई, एकता और सत्य की सदैव बुराई और विभाजन पर विजय होती है। आइए, इस पवित्र अवसर का उपयोग अपने आपसी संबंधों को और सुदृढ़ बनाने, मतभेदों से ऊपर उठने तथा अपने समाज की प्रगति और गरिमा के लिए एकजुट होकर खड़े रहने के संकल्प के रूप में करें।
होली के रंग प्रत्येक घर में सुख, आपसी सम्मान और भाईचारा भर दें। आइए, हम यह दृढ़ निश्चय करें कि कोई भी बुराई, गलतफहमी या बाहरी प्रभाव हमारे समाज की एकता को कभी भंग नहीं कर सके। हमारी शक्ति हमारी एकजुटता, सहयोग और सामूहिक बुद्धिमत्ता में निहित है।
आप एवं आपके परिवार को आनंदमय, शांतिपूर्ण और समृद्ध होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।
एकता में ही हमारी शक्ति है — साथ मिलकर हम निरंतर आगे बढ़ते रहें।
इस अवसर पर मैं यह भी साझा करना चाहता हूँ कि पिछले लगभग 20 वर्षों में मुझे समाज की सेवा करने का अवसर विभिन्न स्तरों पर मिला। मेरी सामाजिक यात्रा की शुरुआत आलमबाग के एक छोटे से क्षेत्र (लगभग एक चौथाई भाग) में स्थानीय स्तर पर सेवा कार्यों से हुई। इसके बाद मुझे क्रमशः
• लखनऊ जिला अध्यक्ष,2005-2012
• उत्तर प्रदेश सह संयोजक (Akhil Bhartiya Kushwaha Mahasabha),2012- 2015
. उत्तर प्रदेश संयोजक (Akhil Bhartiya Kushwaha Mahasabha),2016- 2021
• निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश, 2022- 2025
• तथा अंततः राष्ट्रीय प्रधान महासचिव (Chief General Secretary)
के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।
मैंने सदैव यह प्रयास किया कि महासभा अनुशासन, पारदर्शिता और दीर्घकालिक सामाजिक उद्देश्यों के आधार पर कार्य करे तथा उसे राजनीति से अलग रखते हुए एक स्वच्छ और विश्वसनीय सामाजिक मंच बनाया जाए।
दुर्भाग्यवश, वर्तमान परिस्थितियों में मैं स्वयं को महासभा के एजेंडा के साथ उसी प्रकार से आगे नहीं जोड़ पा रहा हूँ, जैसा कि मैं उसके लिए आवश्यक मानता हूँ—विशेषकर अनुशासन और दीर्घकालिक सामाजिक दृष्टि के संदर्भ में।
इसी कारण, तथा व्यापक समाजहित को ध्यान में रखते हुए, मैंने पूर्व कार्यकारिणी के विरुद्ध रोहिणी न्यायालय में दायर अपनी रिट याचिका भी वापस ले ली है। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि पिछले लगभग तीन वर्षों से चले आ रहे विवाद के कारण जो ठहराव समाज में उत्पन्न हुआ है, वह समाप्त हो सके और समाज आगे बढ़ सके।
यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व कार्यकारिणी द्वारा बैंक से निकाली गई राशि, जिस पर आरोप लगाए गए थे, वह पूरी राशि अब जमा कर दी गई है।
इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मैं महासभा की सक्रिय गतिविधियों से स्वेच्छा से विराम ले रहा हूँ।
हालाँकि, समाज और मानवता के व्यापक हित में सेवा करने की भावना मेरे लिए सदैव खुली रहेगी।
मैं इस अवसर पर उन व्यक्तित्वों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता भी व्यक्त करना चाहता हूँ जिन्होंने मेरी सामाजिक यात्रा के दौरान निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और विश्वास बनाए रखा।
सबसे पहले मैं श्री बांकेलाल मौर्य जी (सेवानिवृत्त महाप्रबंधक, बैंक) का विशेष आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने लगभग 18 वर्षों तक मुझ पर अटूट विश्वास बनाए रखा और सामाजिक कार्यों में पारदर्शिता तथा ईमानदारी की भावना को बनाए रखने में सदैव मेरा साथ दिया।
इसी प्रकार मैं श्री आनंद मौर्य जी, जिला मुख्य सचिव, लखनऊ महासभा का भी धन्यवाद करता हूँ। पिछले लगभग 7 वर्षों से उन्होंने मेरे साथ रहकर सामाजिक सेवा के कार्यों में सहयोग दिया, मुझे व्यक्तिगत रूप से समझा और एक मित्र की तरह मार्गदर्शन तथा सुझाव देते रहे।
मैं श्री सुरेंद्र कुशवाहा जी, जिला अध्यक्ष ( कांग्रेस) उन्नाव का भी आभारी हूँ, जिन्होंने हर चरण पर मुझे राजनीति की बारीकियाँ समझाईं और सार्वजनिक जीवन में व्यवहारिक दृष्टि विकसित करने में योगदान दिए ।
अंत में मैं अपने सामाजिक गुरु स्वर्गीय आदरणीय श्री लखपति कुशवाहा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उन्होंने ही मुझे 35 वर्ष की आयु में पहली बार समाज की सेवा का अवसर दिया, जो मेरे सामाजिक जीवन की वास्तविक शुरुआत थी।
इन सभी महानुभावों के सहयोग, विश्वास और मार्गदर्शन के बिना मेरी यह यात्रा संभव नहीं होती।
सादर,
नीरज कुशवाहा
Architect & Urban Planner
Ex-State President, ABKMS U.P.
Ex-National Chief General Secretary, ABKMS