15/11/2025
***वरीयता की अनदेखी और 'पचास हजार' के कथित लेनदेन पर सवाल***
***प्रभारी अवर अभियंता (In-Charge Junior Engineer) नियुक्ति में अनियमितता का आरोप, पुराने TG2 कर्मचारियों की अनदेखी***
शाहजहांपुर - हाल ही में हुई प्रभारी अवर अभियंताओं (Probationary Junior Engineers) की नियुक्तियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि वरिष्ठता (Seniority) को दरकिनार करते हुए पुराने और अनुभवी TG2 कर्मचारियों को प्रभारी अवर अभियंता नहीं बनाया गया। इसके बजाय, कथित तौर पर पचास हजार रुपये के लेनदेन के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं, जिसे अधिशासी अभियंताओं (Executive Engineers) द्वारा रची गई एक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
वरिष्ठता की अनदेखी: कई पुराने और योग्य TG2 कर्मचारी, जो लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन्हें प्रभारी अवर अभियंता नहीं बनाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि नियुक्तियों में अनुभव और वरिष्ठता क्रम को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया गया है।
कथित 'डील' का खेल: सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों के लिए एक निश्चित राशि, कथित तौर पर पचास हजार रुपये, का लेन-देन हुआ है। यह आरोप लगाया गया है कि नियुक्तियां योग्यता या वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि पैसे के आधार पर की गई हैं।
अधिशासी अभियंताओं की रणनीति: कर्मचारियों का मानना है कि यह सब अधिशासी अभियंताओं द्वारा जानबूझकर किया गया है ताकि अपनी मनचाही नियुक्तियाँ की जा सकें और विभागीय नियमों को नज़रअंदाज़ किया जा सके।
कर्मचारियों में रोष
इस घटना के बाद विभाग के पुराने TG2 कर्मचारियों में भारी रोष है। एक वरिष्ठ TG2 कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हम सालों से ईमानदारी से काम कर रहे हैं और पदोन्नति के लिए योग्य हैं, लेकिन हमारी वरिष्ठता की कोई कद्र नहीं है। जो पैसा दे सकता है, वही आगे बढ़ रहा है। यह पूरी तरह से अन्याय है।"
विभागीय प्रतिक्रिया
इस मामले में अभी तक किसी भी वरिष्ठ विभागीय अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है और मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की जा रही है।
आगे की कार्रवाई:
यह देखना होगा कि विभाग इन आरोपों पर क्या संज्ञान लेता है और क्या वरिष्ठता को दरकिनार करने और कथित भ्रष्टाचार की इस 'रणनीति' पर कोई जांच बैठाता है या नहीं।
Note:- यह रिपोर्ट TG2 (Gopniy naam )द्वारा दिए गए आरोपों पर आधारित है और आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट किसी व्यक्ति या विभाग पर लगे आरोपों की सत्यता की गारंटी नहीं लेती है।