13/05/2026
PMO India Facebook MYogiAdityanath President of India BJP Uttar Pradesh Bharatiya Janata Party (BJP)
सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
प्रधानमंत्री कार्यालय,
नई दिल्ली - 110011
विषय: लखनऊ, गोमती नगर (विशेष खंड) में 25 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ की कटाई – विवादित पार्क में विभागीय त्रुटियों के कारण सावित्री पूजा से ठीक 3 दिन पहले घोर पाप करने का मामला – जांच एवं कार्यवाही की मांग
महोदय,
सादर प्रणाम।
मैं लखनऊ का नागरिक हूं और पर्यावरण तथा धार्मिक संरक्षण के प्रति गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए यह पत्र लिख रहा हूं।मैं स्वयं भाजपा का कार्यकर्ता एवं समर्थक हूं तथा राष्ट्र की स्वयंसेवा करने में पूर्ण विश्वास रखता हूं।
गोमती नगर (विशेष खंड - निकट पुष्पलता फार्मेसी) के एक विवादित पार्क में, जो LDA के डेटाबेस में अभी तक अपडेट नहीं है, SDM सचिन वर्मा के नेतृत्व में विद्युत विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य सभी जुड़े विभागों ने स्थानीय लोगों के भारी विरोध को दबाते हुए कम से कम 25 वर्ष पुराने बहुमूल्य बरगद के पेड़ को आज दिनांक 13 मई 2026 को कटवा दिया।
विभागीय त्रुटियों के कारण पहले नीम आदि अन्य पेड़ काटे गए और साथ ही सालों से पूजा-अर्चना किए जा रहे इस बरगद के वृक्ष को भी काट दिया गया। जय-निवेदन और अनुग्रह अब थोथे हो गए हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह कटाई वट सावित्री व्रत/पूजा से ठीक 3 दिन पहले (16 मई 2026) की गई।
धार्मिक दृष्टि से बरगद (वट वृक्ष) शिव स्वरूप माना जाता है। हिंदू परंपरा में इसे त्रिमूर्ति का प्रतीक बताया गया है — जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में सदाशिव का वास है।
“अश्वत्थरूपी भगवान् वटरूपी सदाशिवः”
वट सावित्री व्रत में सुहागिन महिलाएं बरगद की पूजा कर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। ऐसे पवित्र वृक्ष को सावित्री पूजा से ठीक पहले काटना घोर पाप है।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पेड़ के रक्षकों को गुंडों की भाँति व्यवहार किया, उन पर मुकदमा लिखने की धमकियाँ दीं। जब पेड़ काट दिया गया तो स्थानीय लोगों का हृदय विदीर्ण हो गया।
SDM के अनुसार सभी विभागों से अनुमति थी, लेकिन पेड़ का सुरक्षित स्थानांतरण संभव होने के बावजूद उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
मैंने स्थानीय स्तर पर प्रयास भी किया था। डीएम लखनऊ के CUG नंबर 94150 05000 पर अनुरोध करने के बाद मुझे 96513 34433 इस नंबर पर मौर्य जी से बात करने के लिए कहा गया, ऐसा किया भी गया। फिर भी पेड़ बच नहीं सका।
मैं सकारात्मक योगदान भी देना चाहता हूं — मैं सरकार को दो नए बरगद के पेड़ (सप्लिंग्स) दान करने को तैयार हूं और SDM सचिन वर्मा जी से अनुरोध करूंगा कि वे इन दोनों पेड़ों को सुरक्षित स्थान पर लगाकर उन्हें जीवित एवं संरक्षित रखने का वचन दें और उसका पालन करें।
मैं आपसे विनम्र अनुरोध करता हूं कि:
इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए जिसमें SDM सचिन वर्मा, विद्युत विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभाग शामिल हों। जांच में LDA डेटाबेस की त्रुटि, विवादित पार्क का मुद्दा, transplantation विकल्प न अपनाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की बात भी शामिल हो।
सभी दोषी अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए। जिसमें उन्हें विनाश की जगह सृजन करने की प्रेरणा दी जाय।
कटे बरगद के पेड़ के स्थान पर कम से कम 10 गुना नए पेड़ लगाने तथा Transplantation की नीति को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए जाएं।
लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में पुराने पेड़ों (खासकर बरगद, पीपल) की सुरक्षा, विवादित भूमि पर लगे वृक्षों की सुरक्षा और transplantation policy को प्रभावी बनाने के निर्देश जारी किए जाएं।
आशा है कि आप स्वयं शिव भक्त होने के नाते और पर्यावरण व सांस्कृतिक-धार्मिक धरोहर संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण इस मामले में त्वरित न्याय और संरक्षण के निर्देश देंगे।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भवदीय
विनिर्मुक्त:
#पृथ्वी