Governor of Uttar Pradesh

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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन, लखनऊ में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित ‘एशियन लैक्रॉस चैंपिय...
02/09/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन, लखनऊ में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित ‘एशियन लैक्रॉस चैंपियनशिप-2026’ में स्वर्ण पदक जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी श्री परमजीत कुमार ने अपने परिवारजनों के साथ शिष्टाचार भेंट की।
राज्यपाल महोदया ने श्री परमजीत कुमार को मेडल पहनाकर सम्मानित किया तथा उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन, लखनऊ में डॉ. अजय कुमार (IFS), मंत्री, भारतीय दूतावास, वाशिं...
02/09/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन, लखनऊ में डॉ. अजय कुमार (IFS), मंत्री, भारतीय दूतावास, वाशिंगटन तथा श्री प्रकाश गुप्ता (IFS) महावाणिज्यदूत, सीजीआई सिएटल ने शिष्टाचार भेंट की।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन, लखनऊ में माननीय मंत्री, खाद्य एवं रसद विभाग तथा नागरिक आपूर...
02/09/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन, लखनऊ में माननीय मंत्री, खाद्य एवं रसद विभाग तथा नागरिक आपूर्ति, उत्तर प्रदेश सरकार श्री मनोज कुमार पाण्डेय ने शिष्टाचार भेंट की।

01/09/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में देश की जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि पर देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुखी नीतियों का परिचायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत इसी गति से विकसित भारत के संकल्प की ओर निरंतर अग्रसर रहेगा।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार स...
31/08/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार समिति की सदस्य एवं समाजसेविका डॉ. शोभा विजेन्द्र द्वारा लिखित पुस्तक ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ पर आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल जी ने ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषय पर लिखी गई पुस्तक की परिचर्चा में उपस्थित होकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पुस्तक की लेखिका डॉ. शोभा विजेन्द्र को इस महत्वपूर्ण विषय पर पुस्तक के माध्यम से अपने विचार समाज तक पहुंचाने तथा देश के विभिन्न स्थानों पर संवाद की श्रृंखला को आगे बढ़ाने के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा को समझने के साथ-साथ इसमें महिलाओं की भूमिका और सहभागिता को समझना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में समाज में महिलाओं की स्थिति और महिला सशक्तिकरण की यात्रा में व्यापक परिवर्तन देखा है। समय के साथ महिलाओं के प्रति परिवार और समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है।
उन्होंने विद्या भारती से अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्या भारती के साथ निरंतर संवाद, मार्गदर्शन एवं विचार-विमर्श होता था। संस्कृत को पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा योग शिक्षा को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी विद्या भारती के प्रयासों का उन्होंने उल्लेख किया।
राज्यपाल जी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की शुरुआत परिवार से होती है। उन्होंने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक थे। उन्होंने कहा कि जब परिवार यह तय कर लेता है कि बेटी को पढ़ाना है, तो उसके लिए रास्ते स्वतः निकल आते हैं। इसलिए बेटियों की शिक्षा के प्रति परिवार की सोच में बदलाव अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा गांवों को गोद लेकर किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक राज्य विश्वविद्यालय द्वारा पांच गांवों को गोद लिया गया है। इन गांवों के बच्चों को विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरक प्रस्तुतियों का अवसर मिलता है। शिक्षकों द्वारा बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें तैयार किया जा रहा है। बच्चे सुंदर-सुंदर प्रस्तुतियां करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि आज परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य विश्वविद्यालययों के दीक्षांत समारोह में अवार्ड प्राप्त करने वाले बच्चों में लड़कियों की संख्या उल्लेखनीय रूप से अधिक दिखाई देती है तथा स्टार्टअप के क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बेटियां हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज की अनावश्यक टिप्पणियों पर ध्यान न देकर सही सोच और सही दिशा के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
महिला आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए राज्यपाल जी ने गुजरात में महिला एवं बाल कल्याण विभाग में अपने कार्यकाल का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय अनेक महिलाओं के पास जमीन अथवा संपत्ति के दस्तावेज न होने के कारण उन्हें व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती थी। इस व्यवस्था में आवश्यक बदलाव कर महिलाओं के नाम पर संपत्ति संबंधी दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया, जिससे उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध हुआ और वे अपने व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने लगीं। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं का व्यवसाय संचालित कर रही हैं।
उन्होंने ‘ड्रोन दीदी’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं कृषि क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से बीज एवं दवा के छिड़काव जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
राज्यपाल जी ने महिलाओं के स्वास्थय को भी महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं प्रायः परिवार की जिम्मेदारियों में अपने स्वास्थय की उपेक्षा करती हैं। इसलिए 40 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं की नियमित स्वास्थय जांच कराई जानी चाहिए तथा ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय से जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में उनके प्रयासों से पिछले लगभग डेढ़ से दो माह में अभियान चलाकर बड़ी संख्या में बेटियों का एचपीवी टीकाकरण कराया गया है। उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि वे अपनी बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं और उनके स्वस्थ भविष्य की जिम्मेदारी निभाएं।
राज्यपाल जी ने नशामुक्त समाज के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने पूर्वांचल की महिलाओं द्वारा गठित ‘ग्रीन आर्मी’ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ये महिलाएं नशामुक्ति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक कार्य कर रही हैं। नदी में स्नान के दौरान फेंके गए कपड़ों को एकत्र कर उनकी सफाई एवं सिलाई कर उपयोगी उत्पाद तैयार करने का कार्य भी महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि आधी आबादी की सक्रिय सहभागिता के बिना समग्र विकास संभव नहीं है। बेटियों को बचाने, पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए समाज की सोच में निरंतर बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी दोनों को समान अवसर मिलने चाहिए तथा दोनों की शिक्षा और विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
राज्यपाल जी ने कहा कि बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने गुजरात में कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध कड़े कदम उठाए गए और दोषियों को दंडित कराया गया। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में भेदभाव समाप्त करने के लिए परिवार की सोच बदलना सबसे महत्वपूर्ण है और यह परिवर्तन शिक्षा एवं अनुभव से आता है।
राज्यपाल जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में अपने सार्वजनिक जीवन के दौरान संघ से जुड़े अनेक लोगों के साथ संवाद एवं उनके कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला। उनके अनुभवों और समाज के प्रति समर्पण से बहुत कुछ सीखने को मिला।
इस अवसर पर राज्यपाल जी को पुस्तक ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया।
कार्यक्रम के दौरान ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ विषय पर आधारित लघु फिल्म का प्रसारण भी किया गया। फिल्म के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संघ के कार्यों में महिलाओं की सहभागिता, मातृशक्ति के सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज जन भवन, लखनऊ के गांधी सभागार में माननीय प्रधानमंत्री श्र...
31/08/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज जन भवन, लखनऊ के गांधी सभागार में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 137वीं कड़ी का पुनः प्रसारण किया गया। जन भवन में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम को देखा। इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा की अध्यक्ष श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्...
31/08/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा की अध्यक्ष श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज जन भवन, लखनऊ में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की वार्षिक सामान्य बैठक संपन्न हुई।
बैठक में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित सामाजिक एवं मानवीय गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजनाओं एवं कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक का प्रमुख उद्देश्य रेडक्रॉस की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाते हुए स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन तथा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा रही मानवीय सहायता को सुदृढ़ करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी अपने स्थापना उद्देश्यों के अनुरूप सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करे। उन्होंने कहा कि सोसाइटी की गतिविधियों को और अधिक गति देने की आवश्यकता है। किसी भी आपदा अथवा आवश्यकता के समय जिस प्रकार सेना के जवान समाज की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं, उसी प्रकार सोसाइटी की ऐसी विशिष्ट पहचान बननी चाहिए कि लोग उसे सेवा और मानवीय सहायता के लिए भरोसेमंद संस्था के रूप में देखें।
राज्यपाल जी ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा इसके लिए स्थान चिन्हित किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक जनपद में ऐसे स्थान भी चिन्हित करने को कहा, जहां स्वच्छता अभियान चलाकर उन्हें स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सके। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने तथा लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
अपने कानपुर दौरे के दौरान रेल यात्रा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल जी ने बताया कि उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर गंदगी देखी। इसके बाद जन भवन में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नगर निगम के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया, जिसमें लगभग 40 टन कूड़ा एकत्र किया गया। इस प्रकार के कार्यों से बच्चों और युवाओं में भी स्वच्छता एवं सेवा का संस्कार विकसित किया जा सकता है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।
राज्यपाल जी ने योग को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 अगस्त, 2026 को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान द्वारा आयोजित विशेष योग सत्र में सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उज्बेक योग साधकों ने योग किया तथा प्रधानमंत्री जी ने स्वयं उनके योगासनों को देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज पूरी दुनिया भारत से योग सीख रही है और उसे अपना रही है। भारत की प्राचीन योग परंपरा विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।
उन्होंने रेडक्रॉस के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को निर्देश दिया कि वे अपने आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में जाकर वहां बच्चों को योग सिखाने का कार्य करें। उन्होंने जन भवन में संचालित आदर्श माध्यमिक विद्यालय का उदाहरण देते हुए बताया कि जन भवन में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी वहां बच्चों को योग सिखाने का कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार की पहल प्रदेश के अन्य विद्यालयों में भी की जानी चाहिए।
राज्यपाल जी ने वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उनके घर जाएं और बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराएं। इसके लिए अभियान चलाया जाए तथा यह भी निरीक्षण किया जाए कि बच्चे नियमित रूप से विद्यालय जा रहे हैं अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि केवल नामांकन कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने का आह्वान किया। राज्यपाल जी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एचपीवी वैक्सीन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की पहल की है, जिससे बेटियों के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को माननीय प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रत्येक जनपद में अभियान चलाकर एक ही दिन में एक करोड़ बेटियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों से भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को टीकाकरण से जोड़ने का आह्वान किया।
राज्यपाल जी ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी के कार्यों को केवल निर्धारित गतिविधियों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि बड़े लक्ष्य निर्धारित कर सतत प्रयास किए जाएं। उन्होंने संस्था के सदस्यों से आपस में मिलकर कार्य करने, एक-दूसरे से निरंतर संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा कार्यों से जोड़ने का आह्वान किया।
टीबी उन्मूलन अभियान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल जी ने बताया कि टीबी मरीजों को गोद लेने के अभियान की शुरुआत उन्होंने मध्य प्रदेश से की थी और बाद में इसे उत्तर प्रदेश में भी व्यापक रूप दिया गया। अब तक लगभग चार लाख टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें टीबी मुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालय भी इस अभियान से जुड़े हैं तथा विश्वविद्यालयों द्वारा 500 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार, पोषण एवं देखभाल में सहयोग किया जाएगा।
राज्यपाल जी ने प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि जनसहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों को शैक्षणिक किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को इस कार्य से और अधिक जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने आसपास के विद्यालयों में सब्जी एवं किचन गार्डन विकसित करने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
राज्यपाल जी ने मिर्जापुर एवं काशी क्षेत्र की लगभग 2,000 महिलाओं द्वारा ‘ग्रीन आर्मी’ के रूप में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ये महिलाएं तालाबों की खुदाई एवं सफाई, समाज में नशामुक्ति के लिए जागरूकता, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा पर्यावरण संरक्षण सहित अनेक सामाजिक कार्य कर रही हैं। इन महिलाओं को मनरेगा से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास भी किया गया है। शिक्षित युवा भी इनके साथ जुड़कर सामाजिक कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नदियों के किनारे लोग जो पुराने कपड़े छोड़ जाते हैं, उन कपड़ों को एकत्र कर इन महिलाओं द्वारा कपड़े के थैले तैयार किए जा रहे हैं, जिससे प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और प्लास्टिक मुक्त समाज की दिशा में योगदान मिल रहा है। महिलाओं को इस कार्य के लिए जनसहयोग से सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
राज्यपाल जी ने बताया कि महिलाओं की मांग पर उन्हें चप्पल बनाने की मशीन भी उपलब्ध कराई गई। इसके लिए जन भवन की ओर से आर्थिक सहयोग दिया गया। इन महिलाओं द्वारा तैयार की गई चप्पल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेजी गईं, जिसकी प्रधानमंत्री जी ने सराहना की। जिलाधिकारी के सहयोग से इन महिलाओं के लिए भवन का निर्माण भी कराया जा रहा है।
उन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों से कहा कि वे इन महिलाओं से मिलें, उनके कार्यों को समझें और उनके साथ जुड़कर सेवा एवं आजीविका से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि संस्था में महिलाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए, ताकि उनकी क्षमता और अनुभव का उपयोग समाज सेवा के व्यापक कार्यों में किया जा सके।
राज्यपाल जी ने बताया कि उनका अपना परिवार भी समाज सेवा के कार्यों से जुड़ा हुआ है तथा परिवार द्वारा जरूरतमंद परिवारों को गोद लेकर उनका सहयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से ऐसे परिवार, जहां अकेली मां अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही है, उनके सहयोग के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को ऐसे परिवारों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालय भी विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। विश्वविद्यालयों द्वारा कपड़े एकत्र किए जाते हैं और उन्हें जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सेवा एवं सहयोग की भावना से जोड़ना आवश्यक है। जब बच्चों में बचपन से ही सेवा का भाव विकसित होता है तो वे बड़े होकर समाज सेवा तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जुड़ते हैं और उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना भी मजबूत होती है।
राज्यपाल जी ने कहा कि समाज सेवा के प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया जाए और उसे प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास किए जाएं। उन्होंने रेड क्रॉस के सदस्यों से आपस में निरंतर मिलते रहने, अनुभव साझा करने, समन्वय के साथ कार्य करने तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों को राज्यपाल जी ने सम्मानित भी किया।

31/08/2026
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज जन भवन, लखनऊ में ...
30/08/2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज जन भवन, लखनऊ में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ के विद्यार्थियों ने नशे के दुष्प्रभावों से बचाने तथा समाज में नशा मुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
यह आयोजन भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिखाया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। प्रस्तुति में यह संदेश दिया गया कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए चिंता का विषय है।
विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से स्वयं दूर रहें, अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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