14/04/2026
कोटी-कोटी नमन! 🙏
आज हम आधुनिक भारत के शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी की जयंती मना रहे हैं। अक्सर लोग उन्हें सीमाओं में बांध देते हैं, लेकिन सच तो यह है कि बाबासाहेब का संघर्ष हर उस व्यक्ति के लिए था जिसे समाज की मुख्यधारा से दूर रखा गया।
चाहे वो किसानों के अधिकार हों, फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के काम के घंटे तय करना हो, या महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाना—बाबासाहेब की दूरदृष्टि ने हम सबको सशक्त बनाया।
उन्होंने सिखाया कि "एक सफल क्रांति के लिए केवल असंतोष का होना काफी नहीं है, बल्कि न्याय और राजनीतिक अधिकारों में अटूट विश्वास का होना आवश्यक है।"
आइए, आज जाति और पंथ के भेदों को भुलाकर एक ऐसे भारत के निर्माण में जुट जाएं, जहाँ 'मानवता' ही सबसे बड़ा धर्म हो।