Lohaghat & Champawat - Pithoragarh - Uttarakhand

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भारतीय स्वाधीनता से पहले कुमाऊं के शेष भाग की तरह लोहाघाट भी कई रजवाड़े वंशों द्वारा शासित रहा है। 6ठी सदी से पहले यहां कुनिनदों ने शासन किया। उसके बाद खासों तथा नंदों एवं मौर्यों का शासन हुआ। माना जाता है कि बिंदुसार के शासन काल में खासों ने विद्रोह कर दिया था जिसे उसके पुत्र सम्राट अशोक ने दबाया। इस काल में कुमाऊं में कई छोटे-मोटे सरदारों तथा राजाओं का शासन था। यह 6ठी से 12वीं सदी के दौरान संभव

हो पाया कि एक वंश शक्तिशाली बना और इस समय अधिकांश समय यहां कत्यूरियों का शासन रहा।परंतु इस दौरान भी चंद शासकों ने चंपावत पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया। उस समय चंपावत के निकट होने के कारण लोहाघाट एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र था।12वीं सदी में चंद वंश को प्रधानता मिली, जब उन्होंने अपना अधिकार विस्तृत कर अधिकांश कुमाऊं पर शासन किया और वर्ष 1790 तक शासन करते रहे। अपनी स्थिति सुदृढ़ करने के लिये उन्होंने कई छोटे-मोटे प्रमुखों को पराजित किया तथा पड़ोसी राज्यों से युद्ध भी किया। इस वंश के शासन काल में एकमात्र विराम तब आया जब गढ़वाल के पंवार राजा प्रद्युम्न शाह, कुमाऊं का राजा बना यहां जो प्रद्युम्न चंद के नाम से जाना लगा। वर्ष 1790 में स्थानीय रूप से गोरखियोल कहे जाने वाले गोरखों ने कुमाऊं पर कब्जा कर लिया और चंदों के शासन का अंत कर दिया। वास्तव में प्रथम गोरखा आक्रमण लोहाघाट पर ही हुआ।गोरखों का शोषण भरा शासन वर्ष 1815 में समाप्त हो गया जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें परास्त कर कुमाऊं पर अधिकार कर लिया। द हिमालयन गजेटियर (वॉल्युम III, भाग I, वर्ष 1882) में ई टी एटकिंस ने लिखा है कि वर्ष 1881 में लोहाघाट की आबादी 64 महिलाओं सहित कुल 154 ही थी। वह यह भी बताता है कि लोहाघाट सैनिकों की छावनी भी रहा था पर उसे पहुंच, की समस्या के कारण हटा दिया गया।तिब्बत के प्राचीन व्यापारिक मार्ग पर होने के कारण लोहाघाट का प्रमुख व्यापारिक शहर होना सुनिश्चित हुआ। तिब्बत से भारत, पहाड़ी रास्तों को पार करने में निपुण भोटिया लोग प्रमुख व्यापारी थे जो लोहाघाट के बाजार में ऊन भेड़/बकरी, बोरेक्स एवं नमक बेचने के लिये आते तथा तिब्बत के लिये मोटे कपड़े, चीनी (खासकर गुड़) मसाले एवं तंबाकू खरीदकर ले जाते। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के कारण यह व्यापारिक कार्य एकाएक ठप्प पड़ गया और फलस्वरूप दोनों देशों के बीच व्यापारिक दृष्टि से लोहाघाट का महत्व कम हो गया।लोहाघाट का इतिहास स्वामी विवेकानंद से भी संबद्घ है, जिन्हें पास ही मायावती में एक अद्वैत आश्रम की स्थापना करने का श्रेय जाता है। यहां वे कई बार आये तथा वर्ष 1901 में दो सप्ताह से अधिक दिनों तक रूके। उन्होंने इस क्षेत्र के बारे में कहा, “यही वह जगह है, जिसका सपना मैं बचपन से देखा करता था। मैने बार-बार सदैव यहां रहने का प्रयास किया पर इसके लिये उपयुक्त समय नहीं मिल सका तथा कार्य व्यस्तता के कारण मुझे इस धार्मिक स्थान से दूर जाना पड़ा। मैं अंतर्मन से प्रार्थना एवं आशा करता हूं और विश्वस्त भी हूं कि मेरे अंतिम दिन यही बीतेंगे। पृथ्वी के सभी स्थानों में हमारी जाति की सर्वोत्तम यादें इन्हीं पर्वतों से संबद्ध हैं।”अंग्रेजों के औपनिवेशिक शासन से भारत के स्वाधीन होने पर कुमाऊं, उत्तर प्रदेश का एक भाग बना। वर्ष 1972 में अल्मोड़ा जिला का चंपावत तहसील पिथौरागढ़ में शासन किया गया तथा सितंबर 15, 1997 को चंपावत जिला को स्वतंत्र पहचान मिली और लोहाघाट इसका एक हिस्सा बना। वर्ष 2000 में लोहाघाट वर्तमान नये राज्य उत्तराखंड का भाग बना जो तब उत्तरांचल कहलाता था।
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State Uttarakhand
District(s) Champawat
Population 5,828 (2001)
Density 1,295 /km2 (3,354 /sq mi)
Time zone IST (UTC+5:30)
Area 4.5 square kilometres (1.7 sq mi)
Elevation 1,754 metres (5,755 ft)

Guess the Place 😁Hint : Lohaghat 😜
19/03/2021

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05/07/2020

मां भगवती मंदिर, देवीधार (लोहाघाट)

लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र के प्रसिद्ध देवीधार महोत्सव की रौनक इस वर्ष कोराना के चलते फीकी पड़ गई। रविवार पांच जुलाई को मुख्य मेले के दिन देव रथ यात्राएं नहीं निकलेंगी। परंपरा का निर्वहन करते हुए रायनगर चौड़ी, डैंसली और कलीगांव से मां भगवती की मूर्ति को डलिया में रखकर देवीधार मंदिर लाया जाएगा।
तीनों ही गांवों से देवडांगर और पुजारी ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। देवीधार मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता ने बताया कि पांच दिनी महोत्सव के दौरान शासन प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दूरी बनाते हुए बारी-बारी से दर्शन कर मां का आशीर्वाद लिया जा रहा है। महोत्सव में शैक्षिक, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महोत्सव के जुड़े डैंसली, कलीगांव, रायनगर चौड़ी, गोर्खानगर में ग्रामीण समितियों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तीनों ही गांवों के मंदिरों को रंग रोगन से चमकाया गया है। ग्रामीण सामाजिक दूरी का पालन करते हुए गांव के मंदिर में पूजा, अर्चना कर रहे हैं।

सौजन्य से :— अमर उजाला

आखिरकार दिल्ली एन सी आर मैं फंसे हुए अपने उत्तराखंडी लोगों को ( जिसमे से ज्यादातर गाजी पुर रेन बसेरा में ठहरे हुऐ थे व क...
27/03/2020

आखिरकार दिल्ली एन सी आर मैं फंसे हुए अपने उत्तराखंडी लोगों को ( जिसमे से ज्यादातर गाजी पुर रेन बसेरा में ठहरे हुऐ थे व कुछ दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हुऐ थे) लेकर आज शाम ( 26/03/2020 ) को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की तीन बसें 1रामनगर हल्द्वानी , (कुमाऊँ क्षेत्र) UP-78F 1756 , UR18FT 8543, 2 ऋषिकेश-देहरादून (गढ़वाल क्षेत्र) UP78F1 8963, व तीसरी बस टनकपुर के लिए रवाना हो गयी हैं। इन सबकी संख्या 107 थी। देश में लॉक डाउन के कारण हमारे ये सभी लोग दिल्ली में फंसे गऐ थे, इन सबको पहाड़ में इनके घरों तक पहुंचाना दिल्ली सरकार , उत्तर प्रदेश प्रशासन व उत्तराखंड प्रशासन के सहयोग से ही संभव हो पाया।इन सबके प्रयास से ये लोग अब अपने गंतव्य पर पहुंच जाएंगे। मैं उत्तराखंड की अपनी उन सभी सामाजिक संस्थाओं और उन सभी जागरूक समाज-सेवी भाईयों का तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ जिनके अथक प्रयास से हमारे ये भाई लोग अपने घर पहुंच पा रहे हैं।यह सब सबके संयुक्त प्रयास से ही संभव हो पाया।

धन्यवाद ।

While going out to buy essential groceries or medications or anything... Maintain a safe distance from every...It's for ...
26/03/2020

While going out to buy essential groceries or medications or anything... Maintain a safe distance from every...

It's for everyone's safety🙏🙏

क : कोई 🙏रो : रोड पर 🙏न : न निकले 🙏 -19 Lockdown, Lohaghat😷
24/03/2020

क : कोई 🙏
रो : रोड पर 🙏
न : न निकले 🙏

-19 Lockdown, Lohaghat😷

22/03/2020

5 o'clock @ Lohaghat

Lohaghat mein Janta Curfew !!Aapke ilake mein kaisa hai curfew ka status?
22/03/2020

Lohaghat mein Janta Curfew !!
Aapke ilake mein kaisa hai curfew ka status?

https://www.youtube.com/watch?v=gYlpnJHegcwSoap और Sanitizer Coronavirus को कैसे मारते हैं ? How Soap kills Virus in Hin...
22/03/2020

https://www.youtube.com/watch?v=gYlpnJHegcw

Soap और Sanitizer Coronavirus को कैसे मारते हैं ? How Soap kills Virus in Hindi || Soap vs Sanitizer

Kya Sanitizer aapki skin ke liye aacha hai?

Are Soaps and Sanitizers really efficient in killing Coronavirus? Does washing your hands frequently have side-effects? Can Frequent use of sanitizers damage...

13/12/2019

Mayavati 13 December 2019

!🌨! Snowfall in Advaita Ashram Mayawati 13 December 2019 !❄!
13/12/2019

!🌨! Snowfall in Advaita Ashram Mayawati 13 December 2019 !❄!

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