R.J.D Surajgaraha ,Bihar

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दिन-रात आरक्षण के नाम पर SC/ST/OBC के लोगों को गाली देने वाले, आज उनसे भी कम अंकों पर नौकरी ले रहे हैं।ये बिहार पुलिस का...
28/05/2026

दिन-रात आरक्षण के नाम पर SC/ST/OBC के लोगों को गाली देने वाले, आज उनसे भी कम अंकों पर नौकरी ले रहे हैं।

ये बिहार पुलिस का फाइनल रिजल्ट है जिसमें EWS=SC=ST=66 सबके कटऑफ बराबर हैं, जबकि OBC का कटऑफ EWS से 6 अंक और अधिक है।

क्या अब ये उनके हिसाब से मेरिट की हत्या नहीं है..!!

लहरें कितनी भी ऊंची क्यों न हों, माँ की ममता से बड़ी नहीं हो सकतीं।यह तस्वीर देखकर मन भावुक हो गया! तस्वीरें तो बहुत देखी...
01/05/2026

लहरें कितनी भी ऊंची क्यों न हों, माँ की ममता से बड़ी नहीं हो सकतीं।यह तस्वीर देखकर मन भावुक हो गया! तस्वीरें तो बहुत देखी है मैंने, पर जबलपुर के बरगी बांध से आई इस तस्वीर ने आज कलेजे के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। यह महज़ एक हादसा नहीं, एक माँ के बलिदान की वो दास्तां है जिसे देख कर पत्थर भी रो पड़े
जबलपुर के बरगी बांध से आई इस तस्वीर ने रूह को कंपा दिया है।जब मौत सामने खड़ी थी और लहरें निगलने को बेताब थीं, तब एक माँ ने हार नहीं मानी। उसने अपनी लाइफ जैकेट खुद के लिए नहीं, बल्कि अपने 4 साल के कलेजे के टुकड़े को बचाने के लिए पहनी और उसे अपने सीने से ऐसे सटा लिया कि मौत भी उन्हें जुदा न कर सकी।जब मौत क्रूज़ पर सवार होकर आई और लहरें काल बनकर झपटीं, तो उस माँ के पास शायद अपनी जान बचाने के चंद मौके थे। पर एक माँ... जो खुद को भूल सकती है, अपने बच्चे को लहरों के हवाले कैसे कर देती?
जब पानी की गहराई से माँ-बेटे के पार्थिव शरीर निकाले गए, तो दोनों एक ही लाइफ जैकेट में लिपटे हुए थे। माँ ने अपनी आखिरी सांसों की डोर से अपने 4 साल के मासूम को सीने से बांध रखा था। वह ठंडी पड़ चुकी बाहें अब भी अपने लाल को सुरक्षा का अहसास करा रही थीं। मानो कह रही हों,डरो मत बेटा, जब तक माँ है, तुम्हें कुछ नहीं होने देगी।कहते हैं मौत सबको अलग कर देती है, पर यहाँ माँ की ममता ने मौत को भी हरा दिया। वह खुद तो चली गई, पर जाते-जाते दुनिया को बता गई कि माँ होना किसे कहते हैं।ये तस्वीर नहीं, कलेजे पर लगा एक घाव है। उस माँ के चरणों में कोटि-कोटि नमन, जिसने अपनी ममता के लिए जान की बाजी लगा दी।

27/04/2026
लापता (MISSING) – कृपया मदद करें 🚨लखीसराय के सूर्यगढ़ा थाना अंतर्गत नवाबगंज गांव से एक किशोर लापता है। परिजनों का रो-रोक...
04/04/2026

लापता (MISSING) – कृपया मदद करें 🚨
लखीसराय के सूर्यगढ़ा थाना अंतर्गत नवाबगंज गांव से एक किशोर लापता है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नाम- सत्यम कुमार
पिता का नाम- फुलेश्वर यादव
ग्राम- नवाबगंज, थाना- सूर्यगढ़ा, जिला- लखीसराय (बिहार)
कल शाम से
📞 संपर्क करें
यदि आपको यह किशोर कहीं भी दिखे, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर सूचित करें:
👉 7368999152
👉 8271355800
आपकी एक शेयरिंग किसी बच्चे को उसके परिवार से मिला सकती है। कृपया इसे ग्रुप्स में फॉरवर्ड करें। 🙏

वंचित उपेक्षित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के हिमायती और कुर्मी चेतना रैली के नायक श्री सतीश कुमार जी के निधन पर भावपूर्ण...
10/03/2026

वंचित उपेक्षित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के हिमायती और कुर्मी चेतना रैली के नायक श्री सतीश कुमार जी के निधन पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

09/03/2026

Congratulations Team India for winning T-20 World Cup!

Well Done Suryakumar Yadav & Team!

तेज प्रताप यादव लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र हैं, लाज़मी है लालू प्रसाद यादव का अपने प्रथम पुत्र से अत्याधिक लगाव और प...
08/03/2026

तेज प्रताप यादव लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र हैं, लाज़मी है लालू प्रसाद यादव का अपने प्रथम पुत्र से अत्याधिक लगाव और प्यार रहा होगा लेकिन जब तेज प्रताप यादव ने पिता के सामाजिक न्याय और उनके आदर्शों के ख़िलाफ़ कदम उठाया तो लालू प्रसाद यादव ने पुत्र मोह त्याग कर अपने ही प्रथम पुत्र को घर के साथ साथ पार्टी से बाहर कर दिए।

यहीं नहीं लालू प्रसाद यादव की सामाजिक न्याय और सामाजिक कटिबद्धता इस बात से भी मांपिए की उन्होंने अपने बेटे के ख़िलाफ़ खुद से मुकेश रौशन जैसे डिजर्विंग कैंडिडेट को टिकट भी दिया..

तेज प्रताप यादव से निधि ABP की पत्रकार ने पूछी कि आपको अगर राजद से टिकट दी जाती है तो चुनाव लड़ेंगे तो तेज प्रताप यादव ने जवाब दिया था कि पिताजी टिकट देंगे तो हम जरूर चुनाव लड़ेंगे इतना जानते हुए भी श्री लालू प्रसाद यादव ने फैसले पर अडिग रहने की जुर्रत दिखाए।

श्री लालू प्रसाद यादव ये जानते थे कि तेज प्रताप यादव हर सीट पर अपना कैंडिडेट देंगे जिससे नुकसान उनकी राष्ट्रीय जनता दल को ही होगा सो हुआ भी फिर भी लालू प्रसाद यादव ने पुत्र मोह को त्यागे रखा।

ये बातें आज इसलिए कह रहा हूं क्योंकि श्री नीतीश कुमार जो सर्वदा श्री लालू प्रसाद यादव और श्री मति राबड़ी देवी को परिवारवाद का आरोप लगाकर गालियां पढ़ते थे उन्होंने अपने अंतिम समय में परिवार को ही सर्वोपरि मानकर अपनी कुर्सी तक त्याग दिया, बिहार के जनमत के साथ धोखा किया, बिहार वासियों के साथ धोखा किया जो उनके नाम पर वोट किया था।
बिहार के खेतिहर किसानी कौम कुशवाहा, कुर्मियों को धोखा दिया जो उनको अपना मानकर उनपर आंख मूंदकर भरोसा किया, अपना वोट दिया, अपना नेता माना।
बस अपने पुत्र मोह में फंसकर, अपने पुत्र को कानूनी दांव पेंच से बचाने के लिए नीतीश कुमार ने बिहार को किसी बड़ी पार्टी के हाथों छोड़ दिया।

केवल श्री लालू प्रसाद यादव को परिवार वाद के कटघरे में खड़े करने वाले लोग जवाब दें —
चिराग पासवान को क्यों सौंपी पार्टी श्री राम विलास पासवान ने , जबकि डिजर्विंग तो उनका भाई पशुपति पारस थे ?

जीतन राम मांझी के परिवार में एक भी आदमी विधायक MLC से नीचे नहीं है।

उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे को मंत्री क्यों बनाया, अपनी पत्नी को ही विधायक क्यों ?
क्या बिहार में कोई अन्य कुशवाहा लड़का डिजर्विंग नहीं था ?
सवाल सिर्फ एक से क्यों ?

शकुनि चौधरी ने अपने ही बेटे सम्राट चौधरी को मंत्री क्यों बनवाया था जबकि उनका बेटा नाबालिग था मंत्री बनने की उम्र सीमा भी पार नहीं किया था ?
क्या सम्राट चौधरी से बेहतर कुशवाहा का बच्चा या बच्ची बिहार में था ही नहीं ?

नीतीश कुमार यहां अपने बेटे को तेज प्रताप यादव के तरह त्यागकर अमर हो जाते वो लालू प्रसाद यादव से भी ऊपर के वैचारिक नेता बन जाते लेकिन मोह त्यागना, जहर पीना के बराबर है, समाज कल्याण के लिए जहर पीना केवल महादेव ही पी सकते हैं।

नीतीश कुमार जरूर 20 साल बिहार के मुख्यमंत्री रहे लेकिन 7.5 साल का लालू प्रसाद यादव का कार्यकाल और उनकी वैचारिक कटिबद्धता, सामाजिक न्याय के सामने वो हमेशा इतिहास में बौने नज़र आएंगे जो आ भी रहे हैं।

आदमी का मर जाना ही मरना नहीं है, विचारों की मृत्यु भी एक मृत्यु ही है।

— Nitesh Kartiken ✍🏽

20 वर्षों से अधिक से सत्ता में नहीं हैं, क़रीब 10 वर्ष से प्रत्यक्ष राजनीति में नहीं हैं, क़रीब 11 वर्ष से अस्वस्थ्य हैं...
06/03/2026

20 वर्षों से अधिक से सत्ता में नहीं हैं, क़रीब 10 वर्ष से प्रत्यक्ष राजनीति में नहीं हैं, क़रीब 11 वर्ष से अस्वस्थ्य हैं । फिर भी आज भी अगर बिहार में चुनाव हो जाए तो लालू v/s All करना पड़ता है चुनाव जीतने के लिए । मुख्यमंत्री को अपने काम पर नहीं बल्कि लालू प्रसाद यादव का नाम जपना पड़ता है पूरे चुनावी अभियान के दौरान ।

प्रधानमंत्री को पूरे मंत्रिमंडल को उतारना पड़ता है। ख़ुद 52-55 दौरा करते हैं वो भी सिर्फ़ ये बताने के लिए कि लालू प्रसाद यादव कौन हैं।

रुतबा हो तो ऐसा भाई, नहीं तो कुछ लोगों को तो 20 घंटे में भुला दिया जाता है कि कौन है, 20 वर्ष तो बहुत दूर की बात है कि कोई याद भी रखेगा ❓

#लालू_नाम_केवलम 🥺🥺

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