13/11/2025
🌸 खत्री महिला संगठन ने मनाया 34वां स्थापना दिवस एवं बाल दिवस — मूक-बधिर विद्यालय के बच्चों संग बाँटी खुशियाँ 🌸
लखीमपुर, 13 नवम्बर 2025
खत्री महिला संगठन, जिसकी स्थापना वर्ष 1991 में समाजसेवा, सहयोग और नारी सशक्तिकरण के उद्देश्य से हुई थी, ने इस वर्ष अपना 34वां स्थापना दिवस एवं बाल दिवस मनाया।
यह आयोजन “बाइट्स एंड बियोंड” रेस्टोरेंट में हुआ, जिसमें मूक-बधिर विद्यालय के नन्हें बच्चों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम की आराधना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।
बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संगठन की सदस्यों ने बच्चों के साथ केक काटा, खेल खेले और उपहार बाँटकर बाल दिवस की खुशियाँ साझा कीं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्री सुरेन्द्र कुमार तोलानी जी एवं श्रीमती सुनीता तोलानी जी, साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री वर्मा जी, शिक्षिका सुश्री सरिता जी एवं अन्य शिक्षकों की उपस्थिति रही।
संगठन की परंपरा के अनुसार, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक कार्यों में विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट के माध्यम से 168 वर्षों से चली आ रही रामलीला परंपरा को जीवित रखने वाले समाजसेवियों —
श्री विपुल सेठ एवं श्रीमती अनामिका सेठ,
श्री कैलाश नाथ सेठ एवं श्रीमती किशोरी सेठ,
श्री विभु सेठ एवं श्रीमती प्रीति सेठ,
श्री अमित सेठ तथा श्री अभिषेक सेठ — को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में संगठन की वरिष्ठ पदाधिकारी श्रीमती सविता चोपड़ा भी उपस्थित रहीं।
सभी ने संगठन की 34 वर्ष की प्रेरणादायक यात्रा को याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की आयोजिका श्रीमती वंदना बत्रा रहीं, जिन्होंने अपने प्रतिष्ठान पर आयोजन कर बच्चों के लिए जलपान एवं मनोरंजन की उत्कृष्ट व्यवस्था की।खत्री महिला संगठन की अध्यक्षा रश्मि महेन्द्र द्वारा वंदना बत्रा जी,विशिष्ट अतिथि श्री सुरेन्द्र कुमार तोलानी जी एवं श्रीमती सुनीता तोलानी जी के इस कार्यक्रम में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
संगठन की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि महेन्द्रा एवं सचिव श्रीमती कविता शेखर ने कहा —
“हमारा स्थापना दिवस और बाल दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, प्रेम और संवेदना का प्रतीक हैं। एकता, मानवता और सहयोग ही हमारी संस्था की असली शक्ति हैं।”
यह दिन खत्री महिला संगठन की 34 वर्ष की समाजसेवा यात्रा और बाल दिवस की मासूम खुशियों का प्रेरणादायक संगम बन गया — जो आगे भी सेवा, सम्मान और संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित करता रहेगा। 🌺