16/01/2026
भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा बिपाशा पत्रिका एक लोकप्रिय व साहित्यिक पत्रिका है। जिसने न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी अपनी एक विशिष्ट पहचान कायम की है। इस पत्रिका का प्रकाशन कार्य विभाग सन् 1985 से करता आ रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसी भी वर्ग के साहित्यकार जो कि हिंदी साहित्य में काफी अच्छी पकड़ रखते हैं उन्हें विभाग द्वारा एक सशक्त माध्यम प्रदान किया जाता है । विपाशा पत्रिका की विषय वस्तु में कहानी, लेख, कविताएं, पुस्तकों की समीक्षा तथा प्रादेशिक भाषाओं के लिए अलग से देशांतर में अनूदित रचनाएं इत्यादि शामिल हैं । यह पत्रिका हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय धारा के साहित्यिक परिवेश से जोड़ने हेतु एक सशक्त माध्यम का कार्य करती है । विपाशा पत्रिका में पाठकों को भारत की परंपराओं, मूल्यों ,सिद्धांतों और विविध क्षेत्रीय संस्कृतियों की झलक मिलती है । यह पत्रिका हिंदी भाषा में है जिसमें प्रसंग ,कहानियां और अभिव्यक्तियां मिलती हैं, जिनके माध्यम से परिवार, सामाजिक मानदंडों और मानव स्थिति को समझने में मदद मिलती है । विपाशा में विभिन्न राज्यों के सर्वश्रेष्ठ साहित्यकार जो भी रचनाएं भिजवाते हैं, उनमें विविध पात्रों और कथाओं की खोज से सहानुभूति, आलोचनात्मक सोच और व्यापक विश्व दृष्टि को विकसित करने में काफी मदद मिलती है। विपाशा साहित्यिक हिंदी पत्रिका राष्ट्रीय भावना हेतु विभिन्न भाषाई समूहों के सुगम संचार को बढ़ावा देती है। भारतीय विरासत को समझने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है,जिससे यह पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है । इसी के मद्देनजर विपाशा पत्रिका न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह शैक्षणिक समावेश की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।विभाग का प्रयास है कि यह पत्रिका प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के पुस्तकालयों एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों विश्वविद्यालयों इत्यादि तक पहुंचाई जाए जिससे कि विद्यार्थियों में हिंदी साहित्य को पढ़ने से कल्पनाशीलता बढ़ सके तथा मस्तिष्क की नई रचनात्मकता को बढ़ावा मिल सके । इसके अलावा पत्रिका में जो पाठ्य सामग्री है वह विद्यार्थियों को समाज के साथ सहानुभूति रखने की क्षमता पर भी अनुकूल प्रभाव डालती है। विपाशा युवा पीढ़ी के पाठकों को प्रेरित करने में काफी सहायक साबित हो सकती है। बीच-बीच में विभाग द्वारा साहित्य से जुड़े विशेषांक के संस्करण भी प्रकाशित करवाए जाते हैं जिससे हिंदी में शोधार्थियों को भी काफी मदद मिल सकती है। विपाशा पत्रिका के लिए भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला भाषा अधिकारी कार्यालय कुल्लू में संपर्क करें। दूरभाष नंबर 01902222406