राष्ट्रीय गोवंश संवर्धन परिषद

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राष्ट्रीय गोवंश संवर्धन परिषद इंटिलीओ वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा प्रबंधित

*लिम्पी रोग में 24 घंटे में असर आया है👇👇*गायों में फैलने वाली लंपी बीमारी की चिकित्सागौहित के लिए यह संदेश आवश्यक गौशाला...
10/08/2022

*लिम्पी रोग में 24 घंटे में असर आया है👇👇*

गायों में फैलने वाली लंपी बीमारी की चिकित्सा
गौहित के लिए यह संदेश आवश्यक गौशालाओं और समाज तक भेजने में मदद करें।
यह एक विषाणु जनित बीमारी है। अक्सर गाय को खुले में पानी पीने से फैलती है एवम् एक गाय से दूसरी गाय में फैलती है।इसमें गौ के पूरे शरीर पर घाव हो जाते हैं।
बचाव के लिए पानी पीने की नांद में समय समय पर चूने की पुताई करें। कुछ सेंधा नमक अवश्य घोल दें।
पानी में नीम की पत्तियां एवम् कुछ हल्दी चूर्ण उबालकर
गुनगुने पानी से सावधानी पूर्वक गौ को स्नान कराएं।
चिकित्सा के लिए
होम्योपैथी औषधि बेलाडोना एवम् नक्सवूमिका तीन दिन तक दें। छोटी बछड़ी को 200 एवम् बड़ी गाय को 1000 ताकत की औषधि जीभ पर 7- 7 बूंद आधे - आधे घंटे के अंतराल पर प्रतिदिन 3 बार दें। या पके केले में डालकर केला खिलाएं
एवं शरीर पर जहां पर घाव हो गया है वहां पर निम्न पेस्ट बनाकर लगाएं। एवं एक मुट्ठी तुलसी के पत्ते अवश्य खिलाएं। लगभग 8 दिन में यह बीमारी पूर्णतः ठीक हो जाती है।
पेस्ट बनाने के लिए आवश्यक नियम
नीम तेल 100ml
हल्दी चूर्ण 100gm
तुलसी पत्ता रस 10ml
एलोवीरा रस 20ml
सबको अच्छे से मिलाकर पेस्ट बनाकर घाव में लगाएं।
पानी और मक्खी से घाव को बचाएं।
धन्यवाद..

राष्ट्रीय गोवंश संवर्धन परिषद

🙏🙏Like shair please🙏🙏1-हर व्यक्ति जन्म लेता है गो-पुत्र के रूप में-इसलिये उसका एक गोत्र होता है।2-हर व्यक्ति अपना विवाह ...
09/04/2022

🙏🙏Like shair please🙏🙏

1-हर व्यक्ति जन्म लेता है गो-पुत्र के रूप में-इसलिये उसका एक गोत्र होता है।

2-हर व्यक्ति अपना विवाह मुहूर्त चाहता है -गो धूलि बेला में।

3-हर व्यक्ति मृत्यु के बाद जाना चाहता है गोलोक धाम,हर आत्मा चाहती है गोलोकवास।

4-हर जीव वैतरणी पार करना चाहता है -मृत्यु से पहले गो दान करके।
सोचिये ! हर कामना पूरी करने के लिए गो माता का सहारा। लेकिन उसी गो माता की सेवा के लिए समय नही होता है।

गो माता के विषय में भारतीय ज्योतिष अनुसंधान केंद्र कुछ रोचक जानकारी पेश करते हुए....!
1. गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनन्दपूर्वक चैन की सांस लेती है। वहाँ वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं।

2. जिस जगह गौ माता खुशी से रभांने लगे उस जगह देवी देवता पुष्प वर्षा करते हैं।

3. गौ माता के गले में घंटी जरूर बांधे ; गाय के गले में बंधी घंटी बजने से गौ आरती होती है।

4. जो व्यक्ति गौ माता की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गौ माता हर लेती है।

5. गौ माता के खुर्र में नागदेवता का वास होता है। जहाँ गौ माता विचरण करती है उस जगह सांप बिच्छू नहीं आते।

6. गौ माता के गोबर में लक्ष्मी जी का वास होता है।

7. गौ माता कि एक आँख में सुर्य व दूसरी आँख में चन्द्र देव का वास होता है।

8. गौ माता के दुध मे सुवर्ण तत्व पाया जाता है जो रोगों की क्षमता को कम करता है।

9. गौ माता की पूँछ में हनुमानजी का वास होता है। किसी व्यक्ति को बुरी नजर हो जाये तो गौ माता की पूँछ से झाड़ा लगाने से नजर उतर जाती है।

10. गौ माता की पीठ पर एक उभरा हुआ कुबड़ होता है, उस कुबड़ में सूर्य केतु नाड़ी होती है। रोजाना सुबह आधा घंटा गौ माता की कुबड़ में हाथ फेरने से रोगों का नाश होता है।

11. एक गौ माता को चारा खिलाने से तैंतीस कोटी देवी देवताओं को भोग लग जाता है।

12. गौ माता के दूध घी मक्खन दही गोबर गोमुत्र से बने पंचगव्य हजारों रोगों की दवा है। इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते हैं।

13. जिस व्यक्ति के भाग्य की रेखा सोई हुई हो तो वो व्यक्ति अपनी हथेली में गुड़ को रखकर गौ माता को जीभ से चटाये गौ माता की जीभ हथेली पर रखे गुड़ को चाटने से व्यक्ति की सोई हुई भाग्य रेखा खुल जाती है।

14. गौ माता के चारों चरणों के बीच से निकल कर परिक्रमा करने से इंसान भय मुक्त हो जाता है।

15. गौ माता के गर्भ से ही महान विद्वान धर्म रक्षक गौ कर्ण जी महाराज पैदा हुए थे।

16. गौ माता की सेवा के लिए ही इस धरा पर देवी देवताओं ने अवतार लिये हैं।

17. जब गौ माता बछड़े को जन्म देती तब पहला दूध बांझ स्त्री को पिलाने से उनका बांझपन मिट जाता है।

18. स्वस्थ गौ माता का गौ मूत्र को रोजाना दो तोला सात पट कपड़े में छानकर सेवन करने से सारे रोग मिट जाते हैं।
19. गौ माता वात्सल्य भरी निगाहों से जिसे भी देखती है उनके ऊपर गौकृपा हो जाती है।

20. काली गाय की पूजा करने से नौ ग्रह शांत रहते हैं। जो ध्यानपूर्वक धर्म के साथ गौ पूजन करता है उनको शत्रु दोषों से छुटकारा मिलता है।

21. गाय एक चलता फिरता मंदिर है। हमारे सनातन धर्म में तैंतीस कोटि देवी देवता है, हम रोजाना तैंतीस कोटि देवी देवताओं के मंदिर जा कर उनके दर्शन नहीं कर सकते पर गौ माता के दर्शन से सभी देवी देवताओं के दर्शन हो जाते हैं।

22. कोई भी शुभ कार्य अटका हुआ हो बार-बार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं हो रहा हो तो गौ माता के कान में कहिये रूका हुआ काम बन जायेगा।

23. गौ माता सर्व सुखों की दातार है।
हे मां आप अनंत ! आपके गुण अनंत ! इतना मुझमें सामर्थ्य नहीं कि मैं आपके गुणों का बखान कर सकूँ।

*☆गोसेवा धर्म हमारा☆*🐄🐂🐄🐂

जय माता दी।।
07/04/2022

जय माता दी।।

जय गौ माता।।इस नवरात्रि में माता का आगमन घरों में घोड़े पर हो रहा है। जब भी नवरात्रि में माता का आगमन घोड़े पर होता है त...
02/04/2022

जय गौ माता।।
इस नवरात्रि में माता का आगमन घरों में घोड़े पर हो रहा है। जब भी नवरात्रि में माता का आगमन घोड़े पर होता है तो समाज में अस्थिरता, तनाव, अचानक बड़ी दुर्घटना, भूकंप चक्रवात आदि से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। आम जनमानस के सुखों में कमी की अनुभूति होती है। इसलिए इस नवरात्रि में माता का पूजन अर्चन क्षमा प्रार्थना के साथ किया जाना नितांत आवश्यक है प्रत्येक दिन विधिवत पूजा के उपरांत क्षमा प्रार्थना किया जाना भी अति आवश्यक होगा लाभदायक होगा।।
🐂🐂🐂🐂🐂👇👇👇🐂🐂🐂🐂🐂
।।इस नवरात्रि में गौ सेवा कर पुण्य कमाए।।
हिंदू धर्म में गौ माता को काफी ऊंचा दर्जा दिया गया है, यही कारण है कि भारत में गौ माता को मां कह के बुलाया जाता है और गौ माता की पूजा की जाती है। हिंदू संस्कृति में भी गौमाता का कई बार उल्लेख किया गया है। भगवान की कथाएं हो या फिर राजा महाराजाओं की कहानी सब जगह गाय को गौ माता के नाम से पुकारा है। भारत में कई ऐसे त्यौहार आते हैं जिनमें गौ माता की पूजा भी की जाती है।।
इस नवरात्रि पर गौ सेवा कर पुण्य कमाए।।

रात्रि कहानी ।।गोवंश संवर्धनएक बार मध्यप्रदेश के इन्दौर नगर में एक रास्ते से ‘महारानी देवी अहिल्यावाई होल्कर के पुत्र मा...
28/03/2022

रात्रि कहानी ।।गोवंश संवर्धन

एक बार मध्यप्रदेश के इन्दौर नगर में एक रास्ते से ‘महारानी देवी अहिल्यावाई होल्कर के पुत्र मालोजीराव’ का रथ निकला तो उनके रास्ते में हाल ही की जनी 🐂गाय का एक 🐮बछड़ा सामने आ गया।

गाय अपने बछड़े को बचाने दौड़ी तब तक मालोरावजी का ‘रथ गाय के बछड़े को कुचलता’ हुआ आगे बढ़ गया।

किसी ने उस बछड़े की परवाह नहीं की। गाय बछड़े के निधन से स्तब्ध व आहत होकर बछड़े के पास ही सड़क पर बैठ गई।

थोड़ी देर बाद अहिल्यावाई वहाँ से गुजरीं। अहिल्यावाई ने गाय को और उसके पास पड़े मृत बछड़े को देखकर घटनाक्रम के बारे में पता किया।

सारा घटनाक्रम जानने पर अहिल्याबाई ने दरबार में मालोजी की पत्नी मेनावाई से पूछा-

यदि कोई व्यक्ति किसी माँ के सामने ही उसके बेटे की हत्या कर दे, तो उसे क्या दंड मिलना चाहिए?

मालोजी की पत्नी ने जवाब दिया- उसे प्राण दंड मिलना चाहिए।

देवी अहिल्यावाई ने मालोराव को हाथ-पैर बाँध कर मार्ग पर डालने के लिए कहा और फिर उन्होंने आदेश दिया मालोजी को मृत्यु दंड रथ से टकराकर दिया जाए। यह कार्य कोई भी सारथी करने को तैयार न था।

देवी अहिल्याबाई न्यायप्रिय थी। अत: वे स्वयं ही माँ होते हुए भी इस कार्य को करने के लिए भी रथ पर सवार हो गईं।

वे रथ को लेकर आगे बढ़ी ही थीं कि तभी एक अप्रत्याशित घटना घटी।

वही गाय फिर रथ के सामने आकर खड़ी हो गई, उसे जितनी बार हटाया जाता उतनी बार पुन: अहिल्याबाई के रथ के सामने आकर खड़ी हो जाती।

यह दृश्य देखकर मंत्री परिषद् ने देवी अहिल्यावाई से मालोजी को क्षमा करने की प्रार्थना की, जिसका आधार उस गाय का व्यवहार बना।

उस तरह गाय ने स्वयं पीड़ित होते हुए भी मालोजी को द्रौपदी की तरह क्षमा करके उनके जीवन की रक्षा की।

इन्दौर में जिस जगह यह घटना घटी थी, वह स्थान आज भी गाय के आड़ा होने के कारण ‘आड़ा बाजार’ के नाम से जाना जाता है।

उसी स्थान पर गाय ने अड़कर दूसरे की रक्षा की थी। ‘अक्रोध से क्रोध को, प्रेम से घृणा का और क्षमा से प्रतिशोध की भावना का शमन होता है’।

भारतीय ऋषियों ने यूँ ही गाय को माँ नहीं कहा है, बल्कि इसके पीछे गाय का ममत्वपूर्ण व्यवहार, मानव जीवन में, कृषि में गाय की उपयोगिता बड़ा आधारभूत कारण है।

गौसंवर्धन करना हर भारतीय का संवैधानिक कर्तव्य भी है
राम राम जी
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how the gao rakshak network👇👇👇👇
19/03/2022

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🙏🙏🌺🌺🙏🙏केवल एक गौ माता की पूजा और सेवा करने से सभी ३३ कोटि देवी-देवताओं की पूजा संपन्न हो जाती है| गौ सेवा धर्म, अर्थ, का...
19/03/2022

🙏🙏🌺🌺🙏🙏केवल एक गौ माता की पूजा और सेवा करने से सभी ३३ कोटि देवी-देवताओं की पूजा संपन्न हो जाती है| गौ सेवा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष प्राप्त करने का सुलभ, सरल, वैज्ञानिक और सर्वश्रेष्ठ साधन है|🙏🙏गोवंश समर्थन।।

गौशालाजहां बहुत सारी गाय संयुक्त रूप से रहती हैं उस स्थान को गौशाला कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के धाम जाने का सरलतम मा...
15/03/2022

गौशाला

जहां बहुत सारी गाय संयुक्त रूप से रहती हैं उस स्थान को गौशाला कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के धाम जाने का सरलतम माध्यम है प्रतिदिन गौ सेवा करना। रोजाना गौशाला को मंदिर समान भाव से नमन करने से अक्षय पुण्य मिलता है।
जय गौ माता।जय श्री कृष्णा।।🙏💐🙏💐🙏

गौ माता में तीर्थों का निवास llगोवंश संवर्धन INT GROUP🔶🔶🔶🔶🔷🔷🔷🔷
13/03/2022

गौ माता में तीर्थों का निवास ll
गोवंश संवर्धन INT GROUP
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12/03/2022

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जय गौ माता।गौ माता की रक्षा करना मनुष्य का परम कर्तव्य।।
11/03/2022

जय गौ माता।गौ माता की रक्षा करना मनुष्य का परम कर्तव्य।।

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