10/08/2022
*लिम्पी रोग में 24 घंटे में असर आया है👇👇*
गायों में फैलने वाली लंपी बीमारी की चिकित्सा
गौहित के लिए यह संदेश आवश्यक गौशालाओं और समाज तक भेजने में मदद करें।
यह एक विषाणु जनित बीमारी है। अक्सर गाय को खुले में पानी पीने से फैलती है एवम् एक गाय से दूसरी गाय में फैलती है।इसमें गौ के पूरे शरीर पर घाव हो जाते हैं।
बचाव के लिए पानी पीने की नांद में समय समय पर चूने की पुताई करें। कुछ सेंधा नमक अवश्य घोल दें।
पानी में नीम की पत्तियां एवम् कुछ हल्दी चूर्ण उबालकर
गुनगुने पानी से सावधानी पूर्वक गौ को स्नान कराएं।
चिकित्सा के लिए
होम्योपैथी औषधि बेलाडोना एवम् नक्सवूमिका तीन दिन तक दें। छोटी बछड़ी को 200 एवम् बड़ी गाय को 1000 ताकत की औषधि जीभ पर 7- 7 बूंद आधे - आधे घंटे के अंतराल पर प्रतिदिन 3 बार दें। या पके केले में डालकर केला खिलाएं
एवं शरीर पर जहां पर घाव हो गया है वहां पर निम्न पेस्ट बनाकर लगाएं। एवं एक मुट्ठी तुलसी के पत्ते अवश्य खिलाएं। लगभग 8 दिन में यह बीमारी पूर्णतः ठीक हो जाती है।
पेस्ट बनाने के लिए आवश्यक नियम
नीम तेल 100ml
हल्दी चूर्ण 100gm
तुलसी पत्ता रस 10ml
एलोवीरा रस 20ml
सबको अच्छे से मिलाकर पेस्ट बनाकर घाव में लगाएं।
पानी और मक्खी से घाव को बचाएं।
धन्यवाद..
राष्ट्रीय गोवंश संवर्धन परिषद