28/01/2026
UGC को न केवल लागू किया जाए बल्कि इसे और अधिक मजबूत और कठोर बनाया जाए ! ताकि फिर कोई रोहित वेमुला, पल्लवी को जाति के आधार पर मौत के घाट न उतारा जा सके ...
यह मामला हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की एक दलित बच्ची की है, इसकी जाति के आधार पर इस कदर रैगिंग से मानसिक प्रताड़ना दी गई कि इसकी मौत हो गई ! आखिर कालेज, विश्वविद्यालययों में कब तक OBC_StSc के होनहार छात्र इस तरह मसलें जाएंगे ... कब तक ? आखिर किसी सवर्ण छात्र-छात्राओं के साथ ऐसा डिस्क्रिमिनेशन क्यों नहीं होता ... ? जातिवाद भारत की एक सच्चाई है, जहां "पदाभ्यांम् शुद्रो अजायत्" विचारों का कीड़ा सवर्णों के मस्तिष्क में हर समय बिलबिलाता है ! वस्तुत: जातिवादी किड़ों को मसलने के लिए UGC जैसे कानून को और अधिक मजबूत/कठोर बनाने की आवश्यकता है.!