31/05/2026
मुंबई की एक होटल कंपनी के मालिक ने अपने ग्राहकों के सामने एक शर्त रखी कि मगरमच्छों से भरे तालाब में जो आदमी मगरमच्छों से बचकर बाहर निकल जाएगा उसको 5 करोड रुपए इनाम के तौर पर दिया जाएगा और अगर उस आदमी को मगरमच्छ ने खा लिया तो उसके पिता को दो करोड रुपया दिया जाएगा...
यह सुनकर सभी लोग भयभीत हो गए !
किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि
वह तालाब में कूद सके !
तभी एक जोरदार आवाज आती है...........
लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया,
यह क्या,
*किसी व्यक्ति ने तालाब में छलांग लगा दी थी !*
लोगों की सांसे थम गई
और सभी लोग उस व्यक्ति की तरफ देखने लगे !
वह व्यक्ति पूरी तरह से
तालाब में जद्दोजहद कर रहा था !
बिजली की फुर्ती से,
वह पानी को चीर कर आगे बढ़ रहा था !
सभी लोग उसको बहुत ध्यान से देख रहे थे !
अब यह व्यक्ति
मगरमच्छ का निवाला बनेगा !
वह देखो मगरमच्छ उस व्यक्ति के पीछे !
मगर उस व्यक्ति ने हिम्मत नहीं हारी
वह पूरी तरह जद्दोजहद कर रहा था बाहर निकलने की !
*तभी वह व्यक्ति पानी को चीरता हुआ, दूसरे किनारे से बाहर निकल जाता है !*
उस व्यक्ति की
पूरी तरह सांस भी नहीं आ रही थी !
सभी लोग भाग कर उसकी तरफ गए !
लोगों ने ताली बजाना शुरू कर दिया !
जब उस व्यक्ति को
थोड़ा होश आया
और उसे पता चल गया
कि वह करोड़पति बन गया है, तो
उसके मुंह से पहली आवाज निकली,
*''पहले यह बताओ मुझे धक्का किसने दिया था ?''*
*तभी तलाब के पास खड़ी भीड़ में, एक स्वार्थी बाप ने हाथ खड़ा किया!*
*वह स्वार्थी बाप उस व्यक्ति का पिता था !*
उसने कहा, बेटा
''तुम कोई काम के तो हो नहीं,
अगर बच गए तो 5 करोड़,
मर जाते तो दो करोड़
दोनों तरफ,
फायदा तो मुझे ही होना था !''
*तब से यह कहावत बन गई,
''एक कामयाब व्यक्ति के पीछे,
एक मार्गदर्शक पिता का हाथ होना जरूरी है