01/04/2026
प्रेस विज्ञप्ति
खगड़िया, दिनांक: 01 अप्रैल 2026
मजदूर और किसान संगठनों के राष्ट्रव्यापी काला दिवस के आह्वान पर प्रतिरोध मार्च।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आलोक में चार श्रम संहिताओं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, प्रस्तावित बीज बिल-2025, बिजली संशोधन विधेयक तथा मनरेगा से संबंधित प्रावधानों के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
खगड़िया जिला में एटक, खेत मजदूर यूनियन, किसान सभा एवं एफ-टू-न्यू के संयुक्त तत्वावधान में बापू नगर स्थित योगीन्द्र भवन से प्रतिरोध मार्च निकाला गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बलुआही एनएच-31 तक पहुंचा।
प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन के उप महासचिव पुनीत मुखिया, बिहार राज्य किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष प्रभाशंकर सिंह, एटक के राज्य कार्यकारिणी सदस्य चंद्रजीत कुमार, खगड़िया जिला एटक की महासचिव निर्मला कुमारी, जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र चौधरी, बंदना कुमारी, पूजा कुमारी एवं एफ-टू-न्यू के सुनील कुमार सहित अन्य नेताओं ने किया।
इस मार्च में खगड़िया जिला आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की सेविकाओं सहित विभिन्न संगठनों के किसान-मजदूरों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
बलुआही एनएच-31 पर प्रभाशंकर सिंह की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन के उप महासचिव पुनीत मुखिया ने कहा कि मजदूरों ने लंबे संघर्ष के बाद जो अधिकार हासिल किए थे, उन्हें समाप्त कर मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं लागू की जा रही हैं, जो पूंजीपतियों के पक्ष में हैं। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों पर हमला बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने वाले प्रावधानों को रद्द किया जाए तथा प्रस्तावित बीज बिल और बिजली संशोधन अधिनियम को वापस लिया जाए।
एटक की जिला महासचिव निर्मला कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है और वे न्यूनतम मजदूरी से कम पर काम करने को मजबूर हैं।
सभा को रमेश चंद्र चौधरी, चंद्रजीत कुमार, सुनील कुमार, मीनाक्षी कुमारी, बंदना कुमारी, रीता कुमारी, विभाष चंद्र बोस, चंद्रकिशोर यादव सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।