Chitrakoot : A Cultural Heritage

Chitrakoot : A Cultural Heritage A group continously working on discovery, conservation and research on ancient heritage of chitrakoot
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चित्रकूट धाम मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में एक है। उत्तर-प्रदेश में 38.2 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैला शांत और सुन्दर चित्रकूट प्रकृति और ईश्वर की अनुपम देन है। चारों ओर से विन्ध्य पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे चित्रकूट को अनेक आश्चर्यो की पहाड़ी कहा जाता है। मंदाकिनी नदी के किनार बने अनेक घाट और मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

गाया कवि तुलसी ने राम का चरित्र तब,
जग में प्रसिद्ध हुआ नाम चित्रकूट का।


मत्गयेन्द्र नाथ स्वामी जी ने आके नष्ट किया,
लोभ मोह क्रोध और काम चित्रकूट का।।


कोना कोना दुनिया का घूमने के बाद लगा,
पावन पवित्र एक धाम चित्रकूट का।


कामता के नाथ की परिक्रमा के कारण ही,
वैभव बढ़ाते प्रभु राम चित्रकूट का।।

-- पण्डित सुनील नवोदित 7753023513

माना जाता है कि भगवान राम ने सीता और लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के चौदह वर्षो में ग्यारह वर्ष चित्रकूट में ही बिताए थे। इसी स्थान पर ऋषि अत्री और सती अनसुइया ने ध्यान लगाया था। ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने चित्रकूट में ही सती अनसुइया के घर जन्म लिया था।

 #रामनवमी चित्रकूट के रामघाट से दीपोत्सव की ड्रोन तस्वीरें
27/03/2026

#रामनवमी

चित्रकूट के रामघाट से दीपोत्सव की ड्रोन तस्वीरें

हाथी तालाब , लौरी (रामनगर)
23/03/2026

हाथी तालाब , लौरी (रामनगर)

चित्रकूट का प्राचीन आश्रम जहां भगवान शिव का चमत्कारिक स्थान है । देखिये ग्राउंड रिपोर्ट 👇🏽 पूरा वीडियो देखने के लिए कमें...
23/03/2026

चित्रकूट का प्राचीन आश्रम जहां भगवान शिव का चमत्कारिक स्थान है । देखिये ग्राउंड रिपोर्ट 👇🏽

पूरा वीडियो देखने के लिए कमेंट बॉक्स में पहुंचकर वीडियो लिंक क्लिक करें

 #मैहर माता की जय हो
17/03/2026

#मैहर माता की जय हो

चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा प्राचीन सोमनाथ चर मंदिर पहुंचकर विकास कार्यों का जायजा लिया गया
15/03/2026

चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा प्राचीन सोमनाथ चर मंदिर पहुंचकर विकास कार्यों का जायजा लिया गया

26/02/2026

परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज समाधिलीन, धारकुंडी आश्रम में मंत्रों संग युग का मौन अवसान

धारकुंडी आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को भू-समाधि दी गई। यह केवल एक संत की विदाई नहीं, बल्कि करुणा, तप, संयम और मौन साधना से भरे युग का शांत अवसान है।

चित्रकूट की प्राचीन और पौराणिक नदी  #मंदाकिनी का प्राकृतिक नजारा
26/02/2026

चित्रकूट की प्राचीन और पौराणिक नदी #मंदाकिनी का प्राकृतिक नजारा

 #सूरजकुंड चित्रकूट धाम के सूरजकुंड आश्रम में 1958 से निरंतर गूंज रहा श्रीराम नाम संकीर्तन, गौसेवा के साथ आध्यात्मिक साध...
26/02/2026

#सूरजकुंड

चित्रकूट धाम के सूरजकुंड आश्रम में 1958 से निरंतर गूंज रहा श्रीराम नाम संकीर्तन, गौसेवा के साथ आध्यात्मिक साधना का केंद्र
धर्मनगरी चित्रकूट धाम में स्थित प्राचीन और पावन स्थल सूरजकुंड आश्रम आस्था, भक्ति और सेवा का अद्वितीय केंद्र है। यह वही ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल माना जाता है, जहां भगवान श्रीराम के वनवास काल के दौरान स्वयं सूर्यदेव उनके दर्शन के लिए पधारे थे। मान्यता है कि सूर्यदेव का दिव्य रथ इसी पावन भूमि पर उतरा था, जिसके कारण इस स्थान का नाम “सूरजकुंड” पड़ा।

सूरजकुंड आश्रम में 3 मार्च 1958 से अखंड श्रीराम नाम संकीर्तन का शुभारंभ हुआ था, जो आज तक निरंतर जारी है। पिछले लगभग सात दशकों से यहां “श्री राम, जय राम, जय जय राम” की गूंज वातावरण को भक्तिमय बनाए हुए है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर कीर्तन में सहभागी बनते हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

वर्तमान में आश्रम का संचालन एवं व्यवस्थापन महंत सरस्वती 108 श्री रामबदन दास जी महाराज के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उनकी देखरेख में मंदिर की समस्त धार्मिक गतिविधियां, पूजा-अर्चना और अनुष्ठान सुव्यवस्थित रूप से संपन्न होते हैं।

आश्रम परिसर में गौसेवा का भी विशेष महत्व है। यहां संचालित गौशाला में लगभग डेढ़ सौ गायों की नियमित सेवा और देखभाल की जाती है। श्रद्धालु भी इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं।

अखंड श्रीराम नाम संकीर्तन, पौराणिक मान्यता और गौसेवा के संगम से सूरजकुंड आश्रम चित्रकूट धाम की धार्मिक पहचान को और भी गौरव प्रदान कर रहा है। यह स्थल आज भी सनातन परंपरा, भक्ति और सेवा का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।

जय 1श्रीराम आज दिनांक 22/02/26 रविवार श्रंगार दर्शन स्वतः प्रगटे हुये श्री बरहा हनुमान जी महाराज प्राचीन तृतीय मुखार बिन...
24/02/2026

जय 1श्रीराम आज दिनांक 22/02/26 रविवार श्रंगार दर्शन स्वतः प्रगटे हुये श्री बरहा हनुमान जी महाराज प्राचीन तृतीय मुखार बिन्द चित्रकूट धाम

🙏 जयश्री सीताराम🙏

15/02/2026

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं॥
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं।।

चित्रकूट सीमा क्षेत्र से सटे बिरसिंहपुर के प्रसिद्ध गैविनाथधाम में रुद्राभिषेक का अलौकिक नजारा👇🏻

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