17/03/2023
महानायक समाजरत्न ठाकुर साहब लोकेंद्र सिंह जी कालवी साहब के बिना कालवी सुनी लगती है अनेक महानुभाव बैठें है पर कितना सूनापन और एकाकी महसूस हो रहा है ।
आज जाकर लग रहा है कि मैंने एक बड़े भाई एक मार्गदर्शक को ही नही अपितु एक ऐसे गहरे शखा को भी खो दिया जिनसे समाजिक पीड़ा को मैं बांटा करता था । जिनके साथ अनाम रहकर, रणनीति बनाकर असंभव दिखने वाले परिणाम समाज को दिए जा सके ।
शत शत नमन ।
विनम्र श्रद्धांजलि।