03/05/2026
#जाति #गिरोह के कब्जे में दम तोड़ती #शिक्षण_संस्थान है
👉 के आंकड़ों के अनुसार छात्रों में पिछले 10 सालों में आत्महत्या की दर 65% बढ़ी है जो इन गिरोह के लिए कोई मायने नहीं रखता
👉 इन शिक्षण संस्थाओं का शिक्षण के मामले में बड़ी बुरी हालत है
👉 जाति गिरोह के यह लोग आपको #सेमिनार करते, #वर्कशॉप करते नजर नहीं आएंगे जिससे कि शिक्षण संस्थान की रैंकिंग सुधरती है
👉 ये दुनिया के स्तर पर रैंकिंग के मामले में 10000 वें नंबर पर भी नहीं खड़े पर इस पर इनका कोई दुख व्यक्त नहीं होता है, कोई मार्च नहीं निकलता
👉 इनको देश से कोई मतलब नहीं, देश में बढ़ रही #गरीबी, #भुखमरी, #बेरोजगारी, #असमानता और #भेदभाव पर इनकी चुप्पी हमेशा कायम रहती है, इस पर ढंग से कोई सेमिनार तक आयोजित करने की जहमत नहीं उठाते
#मोदी जी से मांग है कि ऐसे शिक्षण संस्थानों को जातीय गिरोह के कब्जे से बाहर निकले जो अपने जाति वर्चस्व से को बनाए रखने की नॉरेटिव चलाते हुए गंदी राजनीति का अड्डा बन चुका है
यह पढ़े-लिखे लोग न्याय की मांग नहीं बल्कि एक्स्ट्रा जुडिशल मर्डर (हत्या) यानी एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं, क्यों ? क्योंकि इनके जाति के एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई जो अपने कटरे में शराब ठेका चलाता था और आए दिन शराब पीकर अगल-बगल के लोगों से गाली गलौज करता था, गांव के लोगों में इतनी खराब इमेज थी कि गांव के ही लोग हाथापाई पर उतर आए जिसमें घायल होने पर उसकी मौत हो गई