13/09/2026
#हमारा_मज़हब_हमें_यह_इजाज़त_नहीं_देता कि हम किसी दूसरे धर्म या मज़हब को गलत कहें।
इस्लाम इंसानियत, अमन, मोहब्बत और आपसी सम्मान का पैग़ाम देता है।
भारत की आज़ादी की लड़ाई में मुसलमानों की कुर्बानियों और योगदान को भी कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज़ादी की इस जंग में हमारे बुज़ुर्गों, उलेमाओं और स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जानें कुर्बान कीं। आप इंडिया गेट पर शहीदों के नाम देख सकते हैं—वहाँ आपको इस देश के लिए जान देने वाले हर मज़हब के लोगों की यादें मिलेंगी।
रेशमी रुमाल तहरीक जैसी ऐतिहासिक कोशिशों में भी बड़ी संख्या में उलेमा और स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ खड़े हुए। यह मुल्क किसी एक मज़हब, जाति या समुदाय की कुर्बानियों से नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुस्तानियों की साझा मेहनत और बलिदान से आज़ाद हुआ है।
और हमें यह भी याद रखना चाहिए कि #सनातन परंपरा में प्रेम, करुणा और मानवता की महान शिक्षाएँ हैं। कुछ लोगों की नफरत या गलत बयानबाज़ी को किसी पूरे धर्म से जोड़ना उचित नहीं है। किसी भी धर्म को बदनाम करने की कोशिश समाज के लिए नुकसानदेह है।
मेरा तमाम भारतीयों से दिल से आग्रह है—
हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बनाए रखें, एक-दूसरे के धर्म और आस्था का सम्मान करें और नफरत फैलाने वालों से सावधान रहें।
हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे तो भारत आगे बढ़ेगा।
हम मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा, और मजबूत भारत ही दुनिया में अपनी सबसे बड़ी ताकत के साथ आगे बढ़ेगा। 🇮🇳
मोहब्बत बाँटिए, नफरत नहीं।
भाईचारा बढ़ाइए, दूरी नहीं।
देश जोड़िए, देश तोड़िए नहीं।
#हिंदू_मुस्लिम_एकता #भाईचारा #अमन #इंसानियत #भारत #देश_की_एकता #कन्नौज