06/02/2026
हमारी नौक्षम साहीबा विधानसभा मे बोलते हुए बड़ी जज्बाती अंदाज से कह रही है की कांमा राजस्थान का सब से ज्यादा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो देश का सब से बडा साइबर क्राइम का जामताड़ा माना जाता था उस मे हम ने हजारों लोगों की गिरफ्तारी करा कर क्राइम खत्म करने के कगार पर ला दिया।।
छोटी बहन अच्छी बात है और स्वागत योग्य है विधायक बहना लेकिन शर्त यह है कि आप ने यह भी कभी चिंतन मंथन भी किया है की इन गिरफ्तारीयों में कितने लोगों को ना जाइज मुल्जिम और मुजरिम बनाने की प्रक्रिया में डाल दिया और किया यह सब आप ने अमन और इसांफ से कार्रवाई अंजाम दी।
अब तक की कार्रवाई से और स्थानिय लोगों और पिडित लोगों के बयानों से तो यह लगता है की जिस तरह से यहां की जनता विषेशकर मेवों पर और मेव खवातीन पर पुलिसिया कार्रवाईयां हो रही है वो बहूत ही जालिमाना है और आप एक युवा खातून हो कर युवा के अंदर बहूत ज्यादा सवेंदनशीलता होती है कभी औरतों के मजालिम के विरोध में नजर आई?? और पुलिस की जवाबदारी ली जवाब दही तै की?
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जब की आप भी एक समझदार औरत है और औरतों पर मर्द पुलिस का जुल्म बर्दास्त से बाहर हैं।
आप क्षेत्र में अमन इसांफ स्थापित करें यही आप के जनप्रतिनिधि होने की बडी जिम्मेदारी है चुंके जनता ने चुन कर भेजा है आप को और बड़ी जिम्मेदारी दी।
क्राईम और भ्रष्टाचार कहां नहीं है भष्टाचारों तो आज की सरकारें भी अछुती नहीं है। क्षेत्र को क्राइम से पाक करो अच्छी बात है और जरूरी भी एक बैहतर समाज निर्माण के लिए बल्कि ऐसे लोगों को ऐसी सजा दो जो समाज के लिए इबरत बने लेकिन यह मुजरिम को मिलै। चंणा के साथ घूंण ना पिसे इस का खास ख्याल रहे।
दुसरी तरफ जिस तरह से पुलिस वहां क्राइम के नाम पर जाइज के साथ बड़ी संख्या में ना जाइज लोगों को उठा कर पैसा वसुली या फिर जैल और घरों पर सामान की तोड़ फौड कर बे तहाशा जुल्म और अत्याचार की तस्वीर बनी हूई है वो एक भयानक पुलिसिया अंदाज है जो बहुत ही घौर निंदनीय कृत्य है और असेंवाधानिक कार्य है जिस से पता चलता है की पुलिस वहां बै लगाम हो कर जुल्म करने की पूरी छूट मिली हुई है
इस पर भी कभी ऐक्शन मूड में आती नजर आती तो लगता के नौक्षम माजी और भूतकाल की सियासत से हट कर अमन इसांफ की सियासत को अपना कर नई राह अपना कर लोंगो को जुल्म ज़्यादती से निजात देने पर चल रही है कांमा की अवाम ने आप को पहली वाली सियासत से ऊब कर चुना है बहन जी और आप को हरियाणा से ले जाकर चुना है।
और आप की और मेरी पाल का नारा दे कर चुना है गौर किजिए गा अगर वक्त मिले तो और डीपली सौचिऐगा
इस लिए पहली वाली रविश और लकीर पर रही तो आप से भी जनता जल्दी मुंह भंग हो कर लोग बैजार हो जाएंगे आप का चुना जाना और रातों रात सत्ता में आने का अस्ल कारण पहली वाली सियासत की रविश से असहमती है चाहे कोई प्रतिनिधि अपना हो या पराया हां नकशा आप की कामयाबी का जो भी बना हो वो अलग बात है।और यह सब इज्जत जिल्लत कब किस को कब केसे देना है यह सब खुदाई निजाम ए कुदरत है।
इस लिए वक्त रहते हुए ना तजरबेकारी और पैसे की चका चौंद मे ना बहकर अपनी शख्सियत की छवी अमन और इसांफ वाली को वरियता दें वहाँ के लोगों ने तरक्की नही देखी आप ने ढेड साल में कितने तरक्कीयाती कार्य कराए हैं और कितनी अब तक कोशिश की और कितनी तरक्की की सौच फिक्र है आप सालाना रिपोर्ट कार्ड पब्लिक डोमेन में लाइए। ताके आप की जबान से नहीं लोग आप के किए हुए कार्य से आप को जाने और पहचानें यही एक जनप्रतिनिधि का
असल कर्तव्य है
साबिर कासमी जर्नलिस्ट & सौशल एक्टिविस्ट