05/06/2026
प्रेस बयान
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
हांसी के सोरखी गांव में युवक को कुएं में लटकाकर यातना देना बर्बर भीड़तंत्र का खतरनाक चेहरा- माकपा
दिनांक :04-06-2026
हांसी के सोरखी गांव में मोटर चोरी के आरोप में एक दलित युवक को पैरों से बांधकर कुएं में लटकाने, बेरहमी से पिटाई करने और कानून को हाथ में लेने की घटना बेहद अमानवीय, निंदनीय और लोकतंत्र तथा कानून के राज पर हमला है। यह घटना दिखाती है कि किस प्रकार समाज में भीड़तंत्र और दबंगई को बढ़ावा मिल रहा है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है।
किसी व्यक्ति पर आरोप लगने मात्र से किसी को उसे सजा देने का अधिकार नहीं मिल जाता। यदि चोरी का संदेह था तो कानून के अनुसार पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी। लेकिन युवक को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करना, कुएं में उल्टा लटकाना और हिंसा करना बर्बरता का उदाहरण है। यह संविधान द्वारा दिए गए नागरिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
हम मानते हैं कि ऐसी घटनाओं के पीछे बढ़ती बेरोजगारी, सामाजिक असुरक्षा, कानून व्यवस्था पर कमजोर भरोसा और सत्ता द्वारा विशेषकर दलितों के प्रति नफरत व हिंसा के माहौल को सामान्य बनाना भी जिम्मेदार कारक हैं। जब शासन जनता की समस्याओं के समाधान में विफल होता है, तब कई जगह भीड़ खुद को न्यायाधीश मानने लगती है, जो बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है। हरियाणा में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
हम हरियाणा सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि:
इस घटना में शामिल सभी दोषियों की तुरंत पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ित युवक को बेहतर चिकित्सा, सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए।
क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत कर ऐसी भीड़ हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने के ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की छूट न मिले।
समाज के लोकतांत्रिक और प्रगतिशील तबकों से भी अपील है कि वे ऐसी अमानवीय घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं और न्याय, मानव गरिमा तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हों।