23/09/2023
खुद को मूर्ख मत बनाएं।
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किसी दिन, एक बैल और एक तीतर खेत में थे। बैल घास चर रहा था और तीतर बैल के शरीर पर चिपकी किलनी खा रहा था - एक बढ़िया साझेदारी। खेत के किनारे पर एक बड़े पेड़ को देखकर तीतर ने कहा, ‘आह, एक समय था जब मैं उस पेड़ की सबसे ऊंची डाल तक उड़ सकता था। अब मेरे पंख में इतनी ताकत भी नहीं है कि मैं पहली डाल तक पहुंच सकूं।’
बैल ने निर्लिप्त भाव से कहा, ‘हर दिन बस मेरा थोड़ा गोबर खाओ और फिर देखो कि क्या होता है। दो सप्ताह में ही, तुम सबसे ऊपर पहुंच जाओगे।’
तीतर ने कहा, ‘अरे छोड़ो भी, यह कैसी बकवास है। ये बेकार की बात है?’
बैल ने कहा, ‘आजमाकर देखो। पूरी मानवता इसी के बल पर है।’
बहुत हिचकते हुए, तीतर ने गोबर खाना शुरू किया। और, पहले ही दिन वह पहली डाल तक पहुंच गया। एक पखवाड़े में, वह सबसे ऊंची डाल तक पहुंच गया था। वह वहां बैठकर बस दृष्य का आनंद लेने लगा।
एक बूढ़ा किसान, अपनी झूलने वाली कुर्सी पर झूल रहा था, उसने इस मोटे बूढ़े तीतर को देखा, अपनी बंदूक निकाली और तीतर को मारकर गिरा दिया।
कहानी की सीख: मूर्खतापूर्ण चीज़ें (बुलशिट) आपको ऊंचाई पर ले जा तो सकती है, लेकिन वे कभी आपको वहां टिकने नहीं देतीं!