08/03/2022
Women’s Day के अवसर पर जानिए उन महिलाओं की कहानी जो सफल बिज़नेसवुमन होने के साथ पेश करती हैं ममत्व की नई मिसाल |
स्त्री के कई रूप है। प्रेम संग अटूट आस्था मिली तो ‘विद्रोही’ मीरा बन गई। दृढ़ संकल्पित होकर काल के पंजे से पति को खींच लाने वाली एक स्त्री सावित्री बन गई। ममत्व और वीरता का मेल हुआ तो मणिकर्णिका रानी लक्ष्मी बाई के रूप में दिखी। धरती पर जब पाप बढ़ा तो मां काली बन दुष्टों का संहार किया। स्त्री की शक्तिशाली भुजाओं में अनंत कथाएं हैं। हर स्त्री की अपनी अलग कहानी है। प्रकृति भी उस शक्ति से बखूबी परिचित है, तभी अपने अंदर एक और जान को जीवित रखने का सौभाग्य केवल एक स्त्री को ही मिला है। आज स्त्रियों की इन्ही महानताओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया जाता है।
स्त्री के कई रूप है लेकिन इनमें मां का स्थान भगवान से भी उंचा माना गया है क्योंकि केवल वो मां ही होती है जो नौ महीने अपने बच्चे को गर्भ में रख तकलीफ, दर्द सहती हुई उसे जन्म देती है। बच्चे की रग-रग से मां वाकिफ होती है क्योंकि जब हम मां के गर्भ में होते हैं उसे हमारी एक-एक हरकत का एहसास होता है। हमें क्या खाने से ताकत मिलेगी, क्या हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगा यह हमारे जन्म लेने से पहले ही मां सोचना आरंभ कर देती है। मां हमेशा खुद से पहले अपने बच्चों के बारे में सोचती है। अपनी पंसद, नापसंद सब भुलाकर सिर्फ अपने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखना चाहती है। किसी ने कहा भी है कि ‘यदि मां का बस चले तो वो दुनिया की सारी खुशी अपने बच्चों की झोली में डाल दे। मां के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भारत में कई मां ऐसी भी हैं जिन्होंने ना केवल एक मां होने का फर्ज बखूबी निभाया है बल्कि सफल बिज़नेसवुमन बनकर दुनिया को दिखा दिया है कि वो किसी से कम नहीं हैं। आइए जानते हैं Women’s Day के अवसर ऐसी ही कुछ महिला बिज़नेसवुमन की जिन्होंने मां बनने के बाद भी अपनी अलग पहचान बनाई हैं।
फाल्गुनी नायर - फाउंडर और सीईओ, Nykaa
Nykaa की फाउंडर और सीईओ फाल्गुनी नायर ना केवल एक सफल उद्यमी है बल्कि एक मां भी है। IIM-A से पढ़ीं फाल्गुनी घर और बाहर दोनों जगह की जिम्मेदारी बखूबी निभाती हैं। फाल्गुनी दो बच्चों की मां हैं। पचास वर्ष की उम्र में अपने करियर की शुरूआत करने वाली फाल्गुनी महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश कर रही हैं। सफल सौंदर्य उद्यमी बनने के लिए फाल्गुनी ने कोटक में नौकरी छोड़ दी, जहाँ सब कुछ बिल्कुल सही हो रहा था। आज, नायका 650 ब्रांडों से 35,000 से अधिक उत्पाद बेचती है, दोनों अंतरराष्ट्रीय और भारतीय, लक्जरी और बड़े पैमाने पर, और लगातार अपने स्टॉक में नए लेबल जोड़ रही है। NYKAA जैसी बड़ी जो ब्यूटी प्रोडक्ट से लेकर फैशन से जुड़ी हर जानकारी देती हैं इसे सफल बनाने के पीछे फाल्गुनी नायर का बहुत बड़ा रोल है।
2. शहनाज़ हुसैन - सीईओ, Shahnaz Herbals
मशहूर ब्यूटीशियन शहनाज़ हुसैन की जब शादी हुई थी तब वो एक किशोरी थी और जल्द ही एक माँ भी बन गई। जब वो 16 साल की थी तब उनकी बेटी हुई थी। कम उम्र में मां बनने के बाद भी शहनाज़ हुसैन ने अपने सपनों को नहीं छोड़ा। वो अपनी पूरी जिंदगी एक गृहिणी बनकर नहीं गुजारना चाहती थी इसलिए सभी बाधाओं से लड़ते हुए उन्होंने खुद का ब्रांड शुरू किया। उन्हें "हर्बल ब्यूटी केयर की रानी" के रूप में जाना जाता है और 2006 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वह भारत की सबसे प्रमुख व्यवसायी हैं, जिन्होंने अपना व्यवसाय 138 देशों में चलाया है, जिसमें लगभग 600 फ्रेंचाइजी और दुनिया भर में क्लीनिक संबंधित हैं। शहनाज हुसैन ने उन्होंने अपनी शादी के बाद भी एक पत्नी, माँ और बहू के सभी कार्यों को संभालते हुए एक सफल बिज़नेसवुमन के रूप में खुद को स्थापित किया है।
3. सुचि मुखर्जी - फाउंडर और सीईओ, LimeRoad
LimeRoad की फांउडर सुचि मुखर्जी हमेशा से खुद की एक अलग पहचान बनाना ताहती थी। ऐसा कहा जाता है, कि लाइमरोड का विचार उन्हें तब आया था, जबकि वह अपने मातृत्व अवकाश पर थी। मां बनने के बाद जब अक्सर महिलाएं अपने करियर को छोड़ने का विचार करती हैं उस समय सुचि ने अपनी पहचान बनाने की ठानी। उन्होंने 2012 में मनीष सक्सेना, अंकुश मेहरा, और प्रसाद मलिक के साथ लाइमरोड बनाने की यात्रा शुरू की। कंपनी ने अब Lightspeed वेंचर पार्टनर्स, मैट्रिक्स पार्टनर्स और टाइगर ग्लोबल से $ 20 मिलियन का फंड जुटाया है। सुचि ने चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी कंपनी की शुरूआत की। उन्होंने जो सपना देखा था उसे हासिल करने के लिए दृढ़ थी। यही कारण है कि आज वो एक मां होने के साथ सफल बिज़नेसवुमन भी हैं।
4. वंदना लूथरा - फाउंडर, VLCC
VLCC, एक ब्यूटी के क्षेत्र में एक दिग्गज कंपनी है और एशिया, अफ्रीका और जीसीसी (गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल) में 11 देशों में अपना साम्राज्य फैला चुकी है। इस कंपनी की शुरूआत करने वाली वंदना लूथरा एक मां हैं। शुरुआत में एक गृहिणी, वंदना ने 1989 में अपनी यात्रा शुरू की। उस समय उनकी बेटियों की उम्र 3 साल थी। इतनी कम उम्र में अपने बच्चों को छोड़कर अपने करियर पर ध्यान देने का फैसला करना वंदना के लिए आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान दिया।
आज उनकी कंपनी में 4 हजार से भी अधिक लोग काम करते हैं। जिसमें चिकित्सक, पोषण विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट शामिल हैं, और पांच मिलियन से अधिक उपभोक्ता हैं। VLCC की संस्थापक, वंदना लूथरा को उनके योगदान के लिए 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है और 2015 में फॉर्च्यून इंडिया द्वारा भारत में व्यापार में 33 वीं सबसे शक्तिशाली महिला के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। वंदना कहती हैं यह सब एक दिन में नहीं होता लेकिन एक दिन जरूर होता है।
5. सुष्मिता सेन- बॉलीवुड अभिनेत्री
बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक हैं सुष्मिता सेन, जो कि विश्व सुंदरी का खिताब भी जीत चुकी हैं। सिंगल मदर की लिस्ट में सुष्मिता का नाम सबसे पहले आता है। सुष्मिता ने ग्लैमर की दुनिया में अच्छा खासा नाम कमाया है। इसके साथ ही साथ वो एक अच्छी मां भी बन पाई हैं। सुष्मिता जब 25 साल की थी उसी समय एक बच्ची को गोद ले लिया था। सुष्मिता ने इसके बाद एक और बच्ची को गोद लिया। सिंगल मदर की भूमिका सुष्मिता ने बखूबी निभाई। सुष्मिता एक मां होने के साथ एक सफल अभिनेत्री और बिज़नेसवुमन भी हैं।
इसके अलावा भी अन्य कई अभिनेत्रियां और बिज़नेसवुमन हैं जो आज अपने करियर के साथ-साथ एक मां भी हैं। उन्होंने अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया और अपनी पहचान बनाकर दुनिया को दिखा दिया कि एक मां चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकती। आज वो अपने बच्चे का पालन पोषण कर रही हैं और ऐसा कर वो उस सोच पर तमाचा भी मार रही हैं जो ये सोचता है कि महिलाएं कमजोर होती हैं, और वो पुरूष के सहारे के बिना कुछ नहीं कर सकती।
महिला दिवस के इस शुभ अवसर पर Bada Business उन सभी महिलाओं की तहे दिल से सराहना करता है जो अपने अपनों की खातिर पूरी दुनिया का अकेले सामना करने को तैयार रहती हैं। जिन्होंने घर-परिवार के साथ-साथ अपने करियर में भी ऊंची उड़ान भरी है। किसी ने सच ही कहा है महिला से बड़ा योद्धा और कोई नहीं होता।