01/06/2026
भारतीय रुपए और भारतीय मीडिया में कंपटीशन चल रहा है,
कौन कितना #नीचे तक #गिर सकता है…
TRP की दौड़ में सच कहीं खो गया है।
पत्रकारिता अब सेवा कम और प्रतियोगिता ज़्यादा बनती जा रही है।
सोचिए…
“मीडिया जनता की आवाज़ है या सिर्फ़ सनसनी का बाज़ार?”