Laxman choudhary

Laxman choudhary Forever Friends "कर भला तो हो भला"

@सालासर बालाजी
17/01/2026

@सालासर बालाजी

मैंने आज एक बहुत ही जज्बे वाली खबर सुनी है इस खबर का यह टॉपिक है कि चूरु जिले के सुजानगढ़ गांव लोडसर कि यह खबर है यहां ए...
14/10/2018

मैंने आज एक बहुत ही जज्बे वाली खबर सुनी है
इस खबर का यह टॉपिक है कि चूरु जिले के सुजानगढ़ गांव लोडसर कि यह खबर है
यहां एक परिवार है नानुराम जी राव जाट परिवार से बिलॉन्ग करते हैं
जिनके पापा जी बहुत बड़ी बीमारी से ग्रस्त है
इन का एक भाई है चार बहनें हैं मम्मी है दादी जी
पापा का सपना पूरा करके और बहनों की मेहनत से I. A. S. का पेपर पास किया है
इनकी बहनों ने कैसेट टेप रिकॉर्ड कर कर के अपने भाई को पढ़ाया और IAS पेपर पास किया है
क्योंकि क्योंकि नानुराम जी जाट जो आंखों से देख नहीं सकते
(दिव्यां अंग)नेत्र हिन होने के बाद भी कुछ करके दिखाया हमारे समाज को
बहुत-बहुत धन्यवाद नानुराम जी
नानुराम जी की बहनों को और सबसे ज्यादा इनके पापा जी को जो इतनी खतरनाक हालत में भी इन को पढ़ाया लिखाया
इनकी चारो बहन एजुकेटेड है और हमारे समाज का बहुत बड़ा नाम कर रहे हैं
बहुत-बहुत धन्यवाद
जय वीर तेजाजी की
जय भारत भूमि
जय जवान जय किसान

🎠लीलण घोड़ी सोवणी   मोतिया जड़ी लगाम...       खरनाल्या रा वीर तेजाजी ने         झूक झूक करु प्रणाम...  #आपको और आपके  #प...
19/09/2018

🎠लीलण घोड़ी सोवणी
मोतिया जड़ी लगाम...
खरनाल्या रा वीर तेजाजी ने
झूक झूक करु प्रणाम...
#आपको और आपके #परिवार को #तेजादशमी की हार्दिक #बधाई एवं #शुभकामनाएं.....

जज्बा जुनून काबिलियत ..रामसरिया बायतु भोपजी के किसान श्री निम्बाराम s/o बांकाराम जी धतरवाल के तीनों पुत्रों श्री तिलोक च...
04/09/2018

जज्बा जुनून काबिलियत ..
रामसरिया बायतु भोपजी के किसान श्री निम्बाराम s/o बांकाराम जी धतरवाल के तीनों पुत्रों श्री तिलोक चन्द ,पोलाराम जी व नारणाराम जी ने कठोर मेहनत कर कमजोर आर्थिक स्थिति व बेरोजगारी से संघर्ष करते करते आखिर रीट (लेवल-ll)2018 हिंदी विषय में सफलता प्राप्त की।
S.N merit number
2420 1524 Narna ram
2695. 848 Polaram
4494. 2762 Tilok chand

चयन होने पर मेरे तीनों पथ प्रदर्शक भाइयों को बहुत बहुत बधाई ..!

क्यों मार दिया मुझको क्या मुझे जीने का अधिकार नहींक्या मै तेरे जीवन में खुशिया लाऊंगी इसका विस्वास नहींहे जन्म देने वाली...
17/07/2018

क्यों मार दिया मुझको क्या मुझे जीने का अधिकार नहीं
क्या मै तेरे जीवन में खुशिया लाऊंगी इसका विस्वास नहीं
हे जन्म देने वाली माँ क्या तुझको भी मै स्वीकार्य नहीं
एक बार सही मुझको भी तो धरती पे आने देना
,सह लुंगी दुःख दर्द सारे पर उफ़ तक ना मै बोलूंगी
जंहा कहोगी रह लुंगी अपना मुह तक ना खोलूंगी

मैंने सोचा था कि एक प्यारी नन्ही गुड़िया बनके जाउंगी
माँ -पापा के जीवन का चाँद सितारा बन के आउंगी
पर नहीं दिया अधिकार मुझे मै इस दुनिया में आ जाऊ
मार दिया पैदा होने से पहले किसकी बिटिया कहलाऊ
एक बार मुझे मौका मिलता घर खुशियो से भर देती मै
नाम कमाती पढ़ लिख के पापा का सर उचा कर जाती मै
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लानत की इंतिहा, शर्मशार.....काफिर की बेटी समझकर कर रहा था 7 साल की बच्ची का बलात्कार, बच्ची की स्तिथि देखकर डाक्टर भी का...
02/07/2018

लानत की इंतिहा, शर्मशार.....

काफिर की बेटी समझकर कर रहा था 7 साल की बच्ची का बलात्कार, बच्ची की स्तिथि देखकर डाक्टर भी काँपे।

चुप है बॉलीवुड, चुप है मीडिया, चुप है बुद्धिजीवी....??

#मंदसौर
#एवार्ड_वापसी_गैंग
#मोमबत्ती_गैंग
#इंडिया_गेट_गैंग
#असहिष्णुता_गैंग

#मानवता_का_पतन

ऐसा होता है किसान का दिल जीव मात्र की रक्षा के लिये खेत का एक टुकडा टिटोडी के अण्डे बच्चे के लिये छोड दिया  👌 और शहरी लो...
01/07/2018

ऐसा होता है किसान का दिल जीव मात्र की रक्षा के लिये खेत का एक टुकडा टिटोडी के अण्डे बच्चे के लिये छोड दिया 👌
और शहरी लोग कहते है कि किसान हिंसक हो रहे है, अब आप ही बताओ इनकी सोच - - - - - - ?

पिता की मौत के बाद मां ने मजदूरी कर पढ़ाया, दोनों बेटे बने डॉक्टरराजस्थान के जोधपुर जिले की फलौदी तहसील के गांव सांवरीज न...
29/06/2018

पिता की मौत के बाद मां ने मजदूरी कर पढ़ाया
, दोनों बेटे बने डॉक्टर
राजस्थान के जोधपुर जिले की फलौदी तहसील के गांव सांवरीज निवासी विमला देवी इन दिनों बड़ी खुश है। गर्व से चेहरे का नूर बढ़ा हुआ है। गौरवान्वित करने वाली बात यह है कि इनके दोनों बेटे चन्द्रमोहन व अशोक विश्नोई डॉक्टर बन गए हैं। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेकर बड़े बेटे अशोक ने 2013 में नीट में 4000वीं रैंक प्राप्त की और वर्तमान में आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में फाइनल इयर के साथ इंटर्नशिप कर रहा है। वहीं छोटे बेटे चन्द्रमोहन ने नीट-2018 में 2011वीं रैंक प्राप्त की। विमला देवी का सपना पूरा हो गया, जीवन का संघर्ष काम आ गया।
विमला ने बताया कि इन बच्चों के पिता शंकरलाल सेवानिवृत्त फौजी थे, लेकिन आठ साल पहले सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया। ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी मुझ पर आ गई। संकल्प लिया कि कैसे भी कर दोनों बेटों को पढ़ा-लिखाकर पैरों पर खड़ा करना है। पति की मामूली पेंशन से घर का खर्चा चल जाता था, लेकिन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए पैसों की व्यवस्था चुनौती थी। दोनों बेटे फलौदी के सरकारी विद्यालय में पढ़े। मैं तो निरीक्षर हूं, ज्यादातर समय तबियत ठीक नहीं रहती, बावजूद इसके मैंने हिम्मत नहीं हारी, बच्चों की पढ़ाई में जोड़ा हुआ धन खर्च तो हुआ ही, इसके साथ ही मैंने अन्य खर्चों के लिए दिहाड़ी मजदूरी करना शुरू किया। कोटा में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की भी बहुत मदद मिली, चन्द्रमोहन की फीस तो आधी से भी ज्यादा कम कर दी। संस्थान ने दोनों बच्चों की प्रतिभा एवं आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस में रियायत दी। इससे मेरा बहुत हौसला बढ़ा, बच्चों की पढ़ाई और मेरी मेहनत साथ-साथ चले।
अभी तक कर्जा
चन्द्रमोहन ने बताया कि मां ने मेहनत कर पहले 2013 में ब्याज पर पैसा उधार लेकर बड़े भाई अशोक को पढ़ाया। अब उसकी मेडिकल की पढ़ाई पूरी होने को है। पांच साल बीत जाने के बाद भी कर्जा पूरा नहीं चुका। फिर 2017 में मुझे कोटा पढ़ने भेजा। आर्थिक तंगी थी, मां ने नरेगा में मजदूरी भी की। इस दौरान एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने मेरी प्रतिभा और पारिवारिक स्थिति देखते हुए आधी से अधिक फीस की रियायत दी जो कि बड़ी मदद साबित हुई और मुझे पढ़ने का हौसला मिला। अभी भी मां पिता की पेंशन व हालात से संघर्ष कर जैसे-तैसे कर्जा उतारने का जतन कर रही है। गांव में तीन बीघा जमीन है

This picture says it all 😊HAPPY FATHERS DAY 😘धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई हैजिन्दगी को तरस के ईश्वर ने ये तस्वीर ...
17/06/2018

This picture says it all 😊HAPPY FATHERS DAY 😘
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के ईश्वर ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे सह लेतें है
उस ईश्वर की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है”
फ़ादर्स डे की शुभकामना !
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किसान को रुलायेंगे तो किसान भी तुम्हें रुला देगा,सम्भल जाओ... अन्नदाता भूखा रहेगा तो फिर कौन पेट भर खा पायेगा ?
01/06/2018

किसान को रुलायेंगे तो किसान भी तुम्हें रुला देगा,
सम्भल जाओ... अन्नदाता भूखा रहेगा तो फिर कौन पेट भर खा पायेगा ?

दोस्तो ,,,,,,ना "खाने" की "टेबल" ना कोई "पंखा" एसी,,बस अपने पेट की भुख शांत करके फिर से काम पर लग जाना है ये देश का किसा...
20/05/2018

दोस्तो ,,,,,,
ना "खाने" की "टेबल" ना कोई "पंखा" एसी,,
बस अपने पेट की भुख शांत करके फिर से काम पर लग जाना है ये देश का किसान हैं, अपनी मेहनत की कमाई खाते हैं !!
ारत
ान_जय_किसान

शहीद वीरांगना बोली - दोनों बच्चों को सेना में ही भेजूंगीदेश की आन, बान और शान के लिए सैनिक पति के प्राणोत्सर्ग के आठ माह...
13/05/2018

शहीद वीरांगना बोली - दोनों बच्चों को सेना में ही भेजूंगी

देश की आन, बान और शान के लिए सैनिक पति के प्राणोत्सर्ग के आठ माह बाद जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली मां रूपी ने यह कहकर 'वीरांगना' शब्द को सचमुच सार्थक कर दिया कि 'मुझे बस, इनके बड़े होने का इंतजार है, दोनों को सेना में ही भेजूंगी।'
24 सितम्बर, 2017 को जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए ओसियां उपखंड के खुडियाला गांव निवासी गणपत कड़वासरा की वीरांगना ने शुक्रवार शाम जुड़वां पुत्र व पुत्री को जन्म दिया था। दूसरे ही दिन दोनों बच्चों को गोद में लिए और शहीद पति की तस्वीर थामे इस मां ने कहा- इनके (बच्चों के) बड़े होने का इंतजार है, बड़े होते ही सेना में भेजूंगी।

'नहीं भूल सकती, जब तिरंगे में लिपटे आए'

रूपी ने बताया कि 26 सितम्बर, 2017 के उस दिन को कभी नहीं भूल सकती, जब मेरे पति तिरंगे में लिपटकर आए। पति की शहादत से लेकर अब तक के आठ महिने यूं गुजरे, जैसे आठ वर्ष गुजरे हों। समय को गुजारने में मेरे लिए एक-एक पल भारी पड़ रहा था। लेकिन भगवान ने मेरी प्रार्थना सुनकर पति की निशानी के रूप में एक बेटा तो दिया ही, साथ में लक्ष्मी रूप में बेटी से भी गोद भर दी । पूरे परिवार में गत आठ महिनों से पसरा दु:ख का साया वीरांगना द्वारा जुड़वां बच्चों को जन्म देते ही खुशियों में बदल गया।

'मेरा गणपत छोटे रूप में आ गया'
शहीद गणपत की मां बीरोदेवी ने भर्राए गले से भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा- 'मेरा गणपत छोटे रूप में वापस आ गया है।' गत आठ महीनों से मातम में घिरे शहीद गणपत के पूरे परिवार में शुक्रवार को अचानक एेसी खुशियां छा गई, मानो वाकई गणपत ही वापस आ गया। दूसरी तरफ गणपत के घनिष्ठ मित्र धनराज धतरवाल व शहीद गण्पत नवयुवक मंडल के सदस्य गणपत के परिवार की खुशियों में शामिल होकर अस्पताल में अपनी सेवा दे रहे हैं।

'बेटे के साथ बेटी से झोली भर दी

शहीद के पिता पूनाराम ने अपने घर पौत्र व पौत्री के जन्म लेने की खुशी में कहा कि देश ने मेरे बेटे को अपनी सेवा में लिया, प्रतिफल में भगवान ने मुझे उस बेटे के साथ बेटी भी देकर मेरी झोली भर दी। ज्ञात रहे कि शहीद के भाई पुखराज ने मुखाग्नि दी थी । उस अवसर पर सेना के अधिकारी ने पिता पूनाराम को तिरंगा सौंपकर कहा, कि आप पर पूरे देश को गर्व है... आपने अपने लाल को देशसेवा में अर्पित किया है।

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