Icfre - Arid Forest Research Institute

Icfre - Arid Forest Research Institute of India

Official Facebook Handle of ICFRE -AFRI, Jodhpur, one of the institutes of the Indian Council of Forestry Research & Education (ICFRE) working under the Ministry of Environment, Forest and Climate Change, Govt.

आफरी, जोधपुर द्वारा दिनांक 5.6.2026 को विश्व पर्यावरण दिवस-2026 का आयोजन हुआ।  वरिष्ठ वैज्ञानिक आफरी, डॉ. तरुण कान्त ने ...
05/06/2026

आफरी, जोधपुर द्वारा दिनांक 5.6.2026 को विश्व पर्यावरण दिवस-2026 का आयोजन हुआ। वरिष्ठ वैज्ञानिक आफरी, डॉ. तरुण कान्त ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण दिवस की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” पर प्रकाश डालते हुए सम्पूर्ण धरा को एक जीवित स्व-विनियमित वृहद् प्रणाली बताते हुए इसकी विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन से ही पर्यावरणीय चुनोतियों का निदान संभव होना बताया। डॉ. संगीता सिंह, समूह समन्वयक शोध ने भी आफरी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के हेतु किए जा रहे अनुसंधान कार्यो के बारे में बताया । इस अवसर पर संस्थान प्रांगण में 50 ओषधिय पौधो जैसे कालमेघ, सतावरी, पत्थरचट्टा, मरुआ, तुलसी आदि का पौधरोपण भी किया गया । आफरी वैज्ञानिक शेराराम बालोच, प्रभागाध्यक्ष , वन पारिस्थितिकी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभाग ने व्याख्यान प्रस्तुत किया । इसमें आफरी के वैज्ञानिको, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। रमेश बिश्नोई, भा.व.से., प्रभागाध्यक्ष, विस्तार प्रभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया अनिल सिंह चौहान, एसीटीओ ने कार्यक्रम का संचालन किया|
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स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत भावाअशिप-शुष्क वन अनुसंधान संस्थान के 729 रहवासी परिसर में आज सुबह सामूहिक सहयोग से सफा...
04/06/2026

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत भावाअशिप-शुष्क वन अनुसंधान संस्थान के 729 रहवासी परिसर में आज सुबह सामूहिक सहयोग से सफाई अभियान चला कर लोगों को अपने आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखने हेतु जागरूक किया गया था। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ तरुण कांत ओर कॉलोनी के कुछ सहयोगी महानुभाव रहवासियों ने इस अभियान में भाग ले कर कॉलोनी को साफ सुथरा करने का कार्य किया। आशा है कि भविष्य में इन महानुभावों से प्रेरणा ले कर अन्य रहवासी भी सफाई के प्रति जागरूक रहेगे। स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के इन कार्यक्रमों का सफल संचालन प्रभागाध्यक्ष, सुविधाएं एवं सेवाएं के सहयोग से वैज्ञानिक श्री सौरव बाग ने किया था।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत भावाअशिप-शुष्क वन अनुसंधान संस्थान के रहवासी परिसर में आज सुबह सामूहिक सहयोग से सफाई अभ...
03/06/2026

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत भावाअशिप-शुष्क वन अनुसंधान संस्थान के रहवासी परिसर में आज सुबह सामूहिक सहयोग से सफाई अभियान चला कर लोगों को अपने आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखने हेतु जागरूक किया गया था। संस्थान के निदेशक ने दिनाँक 1.6.2026 को समस्त कर्मियों को अपने आसपास सफाई रखने हेतु प्रतिज्ञा भी दिलायी गई थी।

आफरी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस कार्यक्रम का आयोजनभा.वा.शि.प.- शुष्क वन अनुसंधान संस्थान जोधपुर द्वारा दिनांक 2...
22/05/2026

आफरी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस कार्यक्रम का आयोजन

भा.वा.शि.प.- शुष्क वन अनुसंधान संस्थान जोधपुर द्वारा दिनांक 22-05-2026 को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस-2026 का आयोजन निदेशक आफरी, डॉ. ए. के. त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुआ । डॉ. त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में बताया कि जैव विविधता संरक्षण हेतु व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रयासों की सक्रिय भूमिका से ही प्रकृति एवं मानव जीवन सुरक्षित व समृद्ध रह सकता है एवं इस दिशा में जल संरक्षण, वन्य जीवो के प्रति संवेदनशीलता तथा स्थानीय प्रजातियों के रोपण जैसे कार्यो से प्राप्ति संभव है । कार्यक्रम के आरम्भ में पौधारोपण किया गया एवं पक्षियों हेतु परिंडे भी लगाये गए । डॉ. संगीता सिंह, समूह समन्वयक शोध ने अपने उद्बोधन में इस वर्ष की थीम “वैश्विक प्रभाव के लिये स्थानीय स्तर पर कार्य करना” के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते को हुए पारिस्थितिकी तंत्र के लिये महत्वपूर्ण बताया। डॉ.सचिन वैज्ञानिक–सी आफरी ने”भारतीय मरुस्थल की पादप विविधता पर” तकनीक पर व्याख्यान दिया । इसमें आफरी के वैज्ञानिको एवं तकनीकी अधिकारियों/ कर्मचारियों ने भाग लिया। कुसुम परिहार एसीटीओ ने कार्यक्रम का संचालन एवं रमेश बिश्नोई ,भा. व. से., प्रभागाध्यक्ष, विस्तार प्रभाग ने धन्यवाद ज्ञापन दिया ।

भा.वा.अ.शि.प. - शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी), जोधपुर एवं  वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग  शिक्षा मंत्रालय, भारत ...
13/05/2026

भा.वा.अ.शि.प. - शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी), जोधपुर एवं वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार,नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में “प्रशासन में तकनीकी शब्दावली एवं राजभाषा में इसके अनुप्रयोग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन 13 मई , 2026 को हुआ। समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पंकज भारद्वाज, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, जोधपुर ने अपने उद्बोधन में संगोष्ठी के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में भाषाई क्लिष्टता चुनौतीपूर्ण है एवं इसको इन संगोष्ठियों से प्राप्त सहज एवं सरल रूप में संप्रेषित किया जा सकता है। संस्थान के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने तकनीकी शब्दावली के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए राजभाषा शब्दकोष को समृद्ध एवं संवाद हेतु पूर्णत: सक्षम बताया। विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर जे. एस. चौहान ने भारतीय सेना में अनुप्रयोग ले जाने वाली शब्दावली से परिचय कराया। अन्य विशिष्ट अतिथि संजय कुमार, सहनिदेशक, रक्षा मंत्रालय रहे। संगोष्टी प्रभारी जे. एस. रावत ने कहा कि आयोग की मानक शब्दावली प्रशासन एवं शासकीय कार्यों में भारतीय भाषाओँ के सशक्त एवं मानकीकृत प्रयोग को संवैधानिक आधार प्रदान करती हैं | फीडबेक में संस्थान के कुम्हेर सिंह परमार, कुसुमलता परिहार, अनिल सिंह चौहान ने इस संघोष्ठी को अपने कार्य क्षेत्र हेतु उपयोगी बताया । संगोष्टी में आफरी के अधिकारी , वैज्ञानिक एवं कर्मचारी के साथ विभिन्न विभागों, विश्वविद्यालय, संस्थानों के नामित प्रतिभागीयों ने भाग लिया एवं उन्हें गणमान्यों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए ।

समापन दिवस के तकनीकी सत्र में पंकज राज माथुर, पुलिस निरिक्षण, राज. पुलिस, प्रशिक्षण केंद्र जोधपुर, ब्रिगेडियर जे. एस. चौहान, भारतीय सेना शिक्षा कोर, संजय कुमार, सहनिदेशक, रक्षा मंत्रालय, डॉ. सोहनलाल गोसाई, गवर्नमेंट कॉलेज अजमेर ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। संगीता त्रिपाठी एवं अजय वशिष्ठ ने कार्यक्रम का संचालन किया। संगोष्टी संयोजक एस. आर. बालोच, वैज्ञानिक –ई , प्रभागाध्यक्ष वन पारिस्थिकी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभाग ने अपने धन्यवाद किया।

आफरी में "प्रशासन में तकनीकी शब्दावली एवं राजभाषा में इसके अनुप्रयोग  पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ  भा.वा.अ.शि.प.) ...
12/05/2026

आफरी में "प्रशासन में तकनीकी शब्दावली एवं राजभाषा में इसके अनुप्रयोग पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ भा.वा.अ.शि.प.) - शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी), जोधपुर एवं वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग शिक्षा मंत्रालय , भारत सरकार,नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में “प्रशासन में तकनीकी शब्दावली एवं राजभाषा में इसके अनुप्रयोग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ” 12 मई , 2026 को हुआ। संगोष्टी में आफरी के अधिकारी , वैज्ञानिक एवं कर्मचारी के साथ विभिन्न विभागों, विश्वविद्यालय, संस्थानों के नामित प्रतिभागी भाग ले रहे है । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम. एल. गर्ग , महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर रहे| कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आफरी द्वारा किए जा रहे पर्यावरण एवं जीव संरक्षण तथा भाषा समृधि हेतु किए जा प्रयासों को महत्त्वपूर्ण बताया| संस्थान के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह संगोष्ठी कार्यालय एवं शासकीय कार्यों में आने वाली सम्सस्याओं के समाधान एवं नवाचारों हेतु उपयोगी साबित होगी । विशिष्ट अतिथि के. आर. मेघवाल, भा.क.से. मुख्य कर आयुक्त (सेवानिवृत्त), जोधपुर ने बताया कि सरल एवं सहज शब्दवाली न केवल अधिकारी कर्मचारियों के सम्प्रेषण के लिये ही नहीं अपितु आमजन के लिये भी आवश्यक हैं । जे. एस. रावत, संगोष्टी प्रभारी ने आयोग के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, राज्य सरकारों, ग्रंथ अकादमियों, विश्वविद्यालय कोशों/ शब्द-संग्रह क्लबों तथा अन्य अभिकरणों के माध्यम से; सभी राज्यों के मध्य समन्वयन स्थापित करते हुए, हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं की शब्दावली में एकरूपता स्थापित करना है । उद घाटन सत्र में आयोग द्वारा “आओ जानों तकनीकी शब्दों को” विषय पर एक लघु वृत्तचित्र प्रदर्शित किया गया। संगोष्टी संयोजक एस. आर. बालोच, वैज्ञानिक –ई , प्रभागाध्यक्ष वन पारिस्थिकी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभाग ने अपने स्वागत उद्बोधन में उपस्थित गणमान्यों का स्वागत किया। गणमान्य अथितियों द्वारा संस्थान द्वारा पूर्ण एआईसीआरपी-17 परियोजना पर बने वृत्त चित्र का विमोचन किया गया। प्रथम दिन तकनीकी सत्र में डॉ. आलोक चतुर्वेदी ,प्रोफेसर ,रसायन विज्ञानं,आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ,जयपुर ,डॉ. दिनेश कुमार गहलोत ,निदेशक, अम्बेडकर स्टडीज सेंटर ,राजनीति विज्ञानं विभाग,जेएनवीयु ,जोधपुर डॉ. छगन लाल ,डिपार्टमेंट ऑफ़ केमेस्ट्री ,स्वामी श्रध्दानन्द कॉलेज ,देल्ही विश्वविद्यालय,डॉ. संतोष पटेल ,असिस्टेंट रजिस्ट्रार डी.एस.ई.यु,न्यू देल्ही तथा प्रोफेसर अजय शर्मा ,राजकीय महाविद्यालय, सिरोही (राज.) विषय विशेषज्ञों ने व्याख्यान प्रस्तुत किए ।लिंक समूह समन्वयक (शोध) डॉ. शिवानी भटनागर ने धन्यवाद ज्ञापित किया एवं संचालन अजय वशिष्ठ ने किया।

प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों में नर्सरी की स्थापनादिनांक 07/05/2026 को भावाअशिप-शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, जो...
07/05/2026

प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों में नर्सरी की स्थापना

दिनांक 07/05/2026 को भावाअशिप-शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, जोधपुर द्वारा महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,पाबुपुरा, जोधपुर के कक्षा 6-8th के कुल 40 छात्र-छात्राओ को प्रकृति कार्यक्रम के तहत विधालयो में नर्सरी की स्थापना का प्रशिक्षण दिया गया। स्वयं विद्यार्थियों से पूर्व में पोर्टिंग मिश्रण तैयार कर, तथा भरे पॉलीथीन बैग में छात्रों द्वारा बीजारोपण कर पौध तैयार करने की प्रक्रिया सम्पादित करवायी गयी थी ।
उनमे में करीब 700 अंकुरण रहित खाली पॉलीथीन बैग में विभिन्न प्रजातियों जिनमे खिरनी, बेलपत्र, अपराजिता एंव टेकोमा आदि के बीज रोपण तकनीक को श्री अनिल सिंह चौहान, एसीटीओ, श्री धाना राम, एसीटीओ द्वारा विद्यार्थियों को सिखाया गया साथ ही खरपतवार हटाने तथा बेड की साफ-सफाई की जानकारी भी प्रदान की । विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वयं अपने हाथो से पॉलीथीन बैग में बीजारोपण, खरपतवार हटाना, बेड की सफाई कार्यो को सम्पादित किया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य नयी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच और व्यवहारिक कौशल विकसित करना है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री दिनेश दाधीच एवं अन्य शिक्षको ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में श्री ओम प्रकाश, तकनीकी सहायक ने सहयोग किया l

On 28/04/2026 a group of 98 students from Euro International School, Uchiyarda, Jodhpur visited ICFRE-AFRI with 7 facult...
28/04/2026

On 28/04/2026 a group of 98 students from Euro International School, Uchiyarda, Jodhpur visited ICFRE-AFRI with 7 faculty members. Dr. Atahar Perwez, Sci-B, Smt. Kusumlata Parihar, ACTO and Sh. Om Prakash, TA explained various research activities of the institute to the visitors. Students also visited VMG of Shisham clone, Thar shobha khejri and neem Patti khad trial. Extension material handed over to faculty. Sh. Sadul Ram Deora, TO provided a comprehensive overview of the nursery techniques practiced at AFRI for raising seedlings of Arid plants. Sh. Mahipal Singh Rathore, UDC assisted with the program.

  | Strong Panchayat, Strong India.Panchayats are now becoming an accessible center of services, where essential service...
24/04/2026

| Strong Panchayat, Strong India.
Panchayats are now becoming an accessible center of services, where essential services such as license, birth-death certificates are being available in simple and timely manner, saving both the time and effort of citizens.

| सशक्त पंचायत, सशक्त भारत।

पंचायतें अब सेवाओं का सुलभ केंद्र बन रही हैं, जहाँ लाइसेंस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे नागरिकों का समय और प्रयास दोनों बच रहे हैं।

Honorable Prime Minister Shri Narendra Modi's message on National Panchayati Raj Day
24/04/2026

Honorable Prime Minister Shri Narendra Modi's message on National Panchayati Raj Day



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Arid Forest Research Institute
Jodhpur
342005

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