11/08/2024
*सभी को नमस्कार, आज 11 अगस्त 2024 रविवार का शुभ दिवस है, ओम भैरवाय नमः। आज मैं सोशल मीडिया के माध्यम से टीवी पर समाचार देख रहा था, पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व विदेश मंत्री, स्वर्गीय कुंवर नटवर सिंह जी के बारे में उनके स्वर्गवास होने के बारे में समाचार आ रहा था, साथ में ही उनकी जीवनी भी बताई जा रही थी कि वह कौन-कौन से पदों पर रहे, कब-कब रहे, क्या-क्या जिम्मेदारियां उन्होंने निभाई, इन सब के बारे में विस्तृत रूप से बताया जा रहा था, यही जीवन है, जीवन में जो कुछ भी इंसान प्राप्त करता है, स्वर्गवास होने के बाद उसके बारे में बताया जाता है और फिर उसके साथ ही उसका वह सफर वही समाप्त हो जाता है, जिस प्रकार से यात्रा के समय चाहे ट्रेन हो या बस हो, यात्रा के अंत में कौन-कौन से स्टेशन आए के बारे में बात करते हैं और अंत में अपने निश्चित स्थान पर आकर यात्रा समाप्त कर देते हैं, इसी प्रकार से जीवन का भी सफर विभिन्न यात्राओं से गुजरते हुए अंतिम यात्रा की ओर अग्रसर हो जाता है, यह कटु सत्य भी है और सारस्वत सत्य भी है, इसलिए कहते हैं, जब इंसान इस दुनिया में आता है तब मुट्ठी बंद होती है खाली हाथ के साथ आता है जीवन के अंत में मुट्ठी खुल जाती है और खाली हाथ यात्रा अंतिम हो जाती है, इसे कहने और समझने में बहुत अंतर है, कहते हैं ना जीवन में पैसा सब कुछ नहीं है, लेकिन बहुत कुछ है, फिर भी पैसे को देखकर हर दूसरा इंसान बहुत प्रैक्टिकल हो जाता है, जब कि उसे प्रारंभिक और अंतिम सच्चाई का ज्ञान होता है फिर भी वह अनजान बना रहता है, यह मानव व्यवहार है, बस समझने वाली बात है। धन्यवाद अरविंद कुमार व्यास जोधपुर राजस्थान*