26/08/2023
तत्कालीन राजस्थान कांग्रेस सरकार ने 2013 तक तीनों डिस्कॉम पर 78,000 करोड़ रु का घाटा छोड़ा था। मैंने सुराज संकल्प यात्रा में जनता से वादा किया था के 22 से 24 घंटे उन्हें क्वालिटी बिजली उपलब्ध करवाऊँगी। इस हेतु 62,000 करोड़ रू का डिस्कॉम का ऋण हमारी सरकार ने अपने ऊपर ले लिया था। परिणामस्वरूप डिस्कॉम का घाटा जो प्रतिवर्ष 15,000 करोड़ रू की रफ़्तार से बढ़ रहा था उसे मैं कम करके 4000 करोड़ रू प्रतिवर्ष पर लेकर आ गई थी।
लेकिन आज वापस डिस्कॉम 90,000 करोड़ रू से ज़्यादा के क़र्ज़े में डूब गया है जिससे प्रदेश कि विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है।
आज राजस्थान में बिजली विभाग अति कुप्रबंधन का शिकार है। सरकार के पास कोयला खरीद और बिजली खरीद का रोडमैप नहीं है। उपभोक्ताओं का काम बिना रिश्वत नहीं हो रहा। महीनों तक ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे। सप्लायर्स को बकाया भुगतान नहीं हो रहा। ख़राब वोल्टेज के कारण हज़ारों की तादाद में किसानों की बिजली मोटरें जल रही हैं।
हमारे समय बिजली इतनी सुचारू रूप से मिलती थी कि लोगों ने इन्वर्टर पैक करके रख दिए थे। ट्रांसफार्मर में खराबी की शिकायत का तीन दिन में समाधान हो जाता था। नया बिजली कनेक्शन सप्ताह भर में मिल जाता था। ट्रांसफार्मर सप्लाई करने वालों के खाते में सीधा RTGS से पेमेंट समय पर हो जाता था।
आज कांग्रेस राज में संपूर्ण प्रदेश में आमजन, किसान और औद्योगिक फैक्ट्रियां बिजली कटौती से परेशान है। क्योंकि इस सरकार ने मुफ्त बिजली के सब्जबाग दिखाकर राजस्थान को विद्युत अराजकता एवं अंधेरे में धकेलने का काम किया है।
#बत्ती_गुल