ईश्वर मेघवाल जय

ईश्वर मेघवाल जय �मेरा समाज मेरी पहचान�

 #तम्बाकू एक धीमा जहर है... विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर इसे त्यागने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्च...
31/05/2021

#तम्बाकू एक धीमा जहर है... विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर इसे त्यागने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लें...

हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर सभी पत्रकारगणों को हार्दिक शुभकामनाएँ।   #हिंदी_पत्रकारिता_दिवस
30/05/2021

हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर सभी पत्रकारगणों को हार्दिक शुभकामनाएँ।


#हिंदी_पत्रकारिता_दिवस

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री व "भारत रत्न" पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन 🙏| . . .
27/05/2021

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री व "भारत रत्न" पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन 🙏| . . .

 #त्याग_की_मूर्तिरमाबाई का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता भिकु धुत्रे (वलंगकर) व माता रुक्मिणी इनके साथ रमाबा...
27/05/2021

#त्याग_की_मूर्ति
रमाबाई का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता भिकु धुत्रे (वलंगकर) व माता रुक्मिणी इनके साथ रमाबाई दाभोल के पास वंणदगांव में नदीकिनारे महारपुरा बस्ती में रहती थी। उन्हेॅ ३ बहिणें व एक भाई - शंकर था। रमाबाई की बडी बहन दापोली में रहती थी। भिकु दाभोल बंदर में मछलिओं से भरी हुई टोपलिया बाजार में पोहचाते थे। उन्हें छाती का दर्द था। रमा के बचपन में ही उनकी माता का बिमारी से निधन हुआ था। माता के जाने से बच्ची रमा के मन पर आघात हुआ। छोटी बहण गौरा और भाई शंकर तब बहूत ही छोटे थे। कुछ दिन बाद उनके पिता भिकु का भी निधन हुआ। आगे वलंगकर चाचा और गोविंदपुरकर मामा इन सब बच्चों को लेकर मुंबई में चले गये और वहां भायखला चाळ में रहने लगे।

सुभेदार रामजी आंबेडकर यह अपने पुत्र भीमराव आंबेडकर के लिए वधू की तलाश कर रहे थे। वहां उन्हे रमाबाई का पता चला, वे रमा को देखने गये। रमा उन्हें पसंद आई और उन्होंने रमा के साथ अपने पुत्र भीमराव की शादी कराने का फैसला कर लिखा। विवाह के लिए तारिख सुनिश्चित कि गई और अप्रैल १९०६ में रमाबाई का विवाह भीमराव आंबेडकर से सपन्न हुआ। विवाह के समय रमा की आयु महज ९ वर्ष एवं भीमराव की आयु १४ वर्ष थी और वे ५ वी अंग्रेजी कक्षा पढ रहे थे।

माता रमाबाई यशवंत की बीमारी के कारण हमेशा चिंता में डूबी रहती थीं, परंतु फिर भी वह इस बात का पूरा ख्याल रखती थीं कि बाबासाहेब के कामों में कोई विघ्न न आए और उनकी पढ़ाई खराब न हो। माता रमाबाई अपने पति के प्रयत्न से कुछ लिखना पढ़ना भी सीख गई थीं। साधारणतः महापुरुषों के जीवन में यह एक सुखद बात होती रही है कि उन्हें जीवन साथी बहुत ही साधारण और अच्छे मिलते रहे। बाबासाहब भी ऐसे ही भाग्यशाली महापुरुषों में से एक थे, जिन्हें रमाबाई जैसी बहुत ही नेक और आज्ञाकारी जीवन साथी मिलीं।

रमाबाई प्रायः बीमार रहती थीं। बाबासाहेब उन्हें धारवाड भी ले गये। परंतु कोई अन्तर न पड़ा। बाबासाहब के तीन पुत्र और एक पुत्री देह त्याग चुके थे। बाबासाहब बहुत उदास रहते थे। 27 मई 1935 को उन पर शोक और दुःख का पर्वत ही टूट पड़ा। उस दिन नृशंस मृत्यु ने उनसे उनकी पत्नी रमाबाई को छीन लिया। दस हजार से अधिक लोग माता रमाबाई के परिनिर्वाण में शामिल हुए।

बाबासाहेब का अपनी पत्नी के साथ अगाध प्रेम था। बाबसाहेब को विश्वविख्यात महापुरुष बनाने में रमाबाई का ही साथ था। रमाबाई ने अति निर्धनता में भी बड़े संतोष और धैर्य से घर का निर्वाह किया और प्रत्येक कठिनाई के समय बाबासाहेब का साहस बढ़ाया। उन्हें रमाबाई के निधन का इतना धक्का पहुंचा कि उन्होंने अपने बाल मुंडवा लिये। वह बहुत

 #मेरे साथ जुड़ने के लिए प्लीज  #फेसबुक_पेज_लाइक करें।👇👇https://www.facebook.com/IshwarMeghwalJai/       #मेरे साथ जुड़न...
26/05/2021

#मेरे साथ जुड़ने के लिए प्लीज #फेसबुक_पेज_लाइक करें।👇👇
https://www.facebook.com/IshwarMeghwalJai/


#मेरे साथ जुड़ने के लिए प्लीज #फेसबुक_पेज_लाइक करें।👇👇
https://www.facebook.com/IshwarMeghwalJai/


आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं |


#बुद्धपुर्णिमा

. #मेरे साथ जुड़ने के लिए प्लीज  #फेसबुक_पेज_लाइक करें।👇👇https://www.facebook.com/IshwarMeghwalJai/      जन-जन की लाडली ...
25/05/2021

. #मेरे साथ जुड़ने के लिए प्लीज #फेसबुक_पेज_लाइक करें।👇👇
https://www.facebook.com/IshwarMeghwalJai/
जन-जन की लाडली #केशवरायपाटन_बूंदी से विधायक परम सम्मानीया #श्रीमती_चंद्रकांता_जी_मेघवाल को जन्मदिवस बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएं

 ीद_दिवस #शहीद_वीरों को नमन। आपकी वीरता की गाथा चिरकाल तक गयी जाएगी। समाज का वर्तमान और भविष्य सदा आपका ऋणी रहेगा।हम प्र...
23/05/2021

ीद_दिवस
#शहीद_वीरों को नमन। आपकी वीरता की गाथा चिरकाल तक गयी जाएगी। समाज का वर्तमान और भविष्य सदा आपका ऋणी रहेगा।
हम प्रण लेते हैं- आपके दिखाए हुए वीरता के मार्ग का जीवन भर अनुसरण करेंगे- गुर्जर न कभी पीछे हटा है- न हटेगा।
बगड़ावतों की वीरता को आपने पुनः परिभाषित किया है।
#गुर्जर_आंदोलन_शहीद_दिवस पर वीर शहीदों को नमन - े_तो_हम_हैं
🙏 नमन 🙏

Address

Jhalawar

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when ईश्वर मेघवाल जय posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category