29/10/2025
🛡️ सुरक्षा, स्वतंत्रता और विकास: क्या हम अतीत को भूल सकते हैं?
यह मेरा दृढ़ मंतव्य है कि राज्य और राष्ट्र हित के लिए N.....A 🚩🌷🏹🎯 की निरंतरता आवश्यक है।
नई पीढ़ी शायद उस दौर को न जानती हो, लेकिन हमारे अभिभावक जानते हैं कि एक समय था जब:
शाम 5 बजे के बाद घर से निकलना खतरे से खाली नहीं था।
बिहार नक्सलवाद, माओवाद, अपहरण, लूट और जबरन वसूली (रंगदारी) के आतंक से जूझ रहा था।
आज हम जो स्वतंत्रता और सुरक्षा महसूस कर रहे हैं, वह रातों-रात नहीं मिली है।
मेरा निवेदन है:
युवा पीढ़ी अपने अभिभावकों से उस भयभीत कर देने वाले अतीत की सच्चाई जाने।
हम लोकलुभावन (लुभावने) वादों के जाल में फंसकर समाज को फिर से अराजकता के हाशिए पर न जाने दें।
हमें समझना होगा कि बड़े सपने दिखाकर, समाज को फिर से वही पुरानी परेशानियों की ओर धकेला जा सकता है।
हमारा समाज समझदार है। जनता जानती है कि बिहार का सच्चा और टिकाऊ भला कौन कर सकता है। फैसला आपका है।
#विकास_बनाम_अराजकता #बिहारकीसुरक्षा #मतदानकरें
Note:- This is My Personal Thought Not Political.