07/06/2026
कुछ की हवा, कुछ की परेशानी
कुछ साल पहले हमने अपने हाथों से पौधे लगाए थे। सोचा था ये पेड़ आने वाली पीढ़ी को छाया देंगे, मिट्टी को बाँधेंगे, गर्मी को कम करेंगे।
पर पिछले तूफ़ान में प्रकृति ने सब कुछ बिखेर दिया। और दर्द तब हुआ जब कुछ गाँव वालों ने भी उन्हीं पेड़ों को काट दिया - लकड़ी, चारे या जगह के लिए।
सालों की मेहनत, एक दिन में मिट्टी में मिल गई।
पेड़ काटना आसान है, पर एक पेड़ को बड़ा करना? उसके लिए पानी, समय और विश्वास चाहिए।
कुछ को हरा-भरा रखना है तो सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी सीखना होगा।
क्या हम मिलकर फिर से शुरुआत करेंगे?
आप सभी से निवेदन है कि इस कार्य में अपसभी का साथ चाहिए तभी हम ये कर पाएंगे।
#कुछबचाओ #पेड़बचाओ