Rakeshwar pandey National Secretary INTUC

Rakeshwar pandey National Secretary INTUC National secretary INTUC, general secretary Indian national metal workers federation and leader of congress party. President of more than 25 unions.

With wife on the occasion of daughter ‘s marriage
05/02/2019

With wife on the occasion of daughter ‘s marriage

Some photos
27/10/2016

Some photos

27/10/2016
20/09/2015

कितना सत्य है ना.....?
भक्ति जब भोजन में प्रवेश करती है,
भोजन " प्रसाद "बन जाता है.।
भक्ति जब भूख में प्रवेश करती है,
भूख " व्रत " बन जाती है.।
भक्ति जब पानी में प्रवेश करती है,
पानी " चरणामृत " बन जाता है.।
भक्ति जब सफर में प्रवेश करती है,
सफर " तीर्थयात्रा " बन जाता है.।
भक्ति जब संगीत में प्रवेश करती है,
संगीत " कीर्तन " बन जाता है.।
भक्ति जब घर में प्रवेश करती है,
घर " मन्दिर " बन जाता है.।
भक्ति जब कार्य में प्रवेश करती है,
कार्य " कर्म " बन जाता है.।
भक्ति जब क्रिया में प्रवेश करती है,
क्रिया "सेवा " बन जाती है.। और...
भक्ति जब व्यक्ति में प्रवेश करती है,
व्यक्ति " मानव " बन जाता है..।

🌹 🌹 🌹 🌹

27/05/2015

भारत में sunday की छुट्टी का कारण
हमारे ज्यादातर लोग sunday
की छुट्टी का दिन enjoy करने
में लगाते है।
उन्हें लगता है, की हम इस sunday
की छुट्टी के हक़दार है।
क्या हमें ये बात का पता है,
की sunday के दिन हमें
छुट्टी क्यों मिली? और ये
छुट्टी किस
व्यक्ति ने हमें
दिलाई? और इसके पीछे उस महान
व्यक्ति का क्या मकसद
था? क्या है इसका इतिहास?
साथियों, जिस व्यक्ति की वजह से हमें
ये छुट्टी हासिल
हुयी है, उस महापुरुष का नाम है
"नारायण मेघाजी लोखंडे".
नारायण मेघाजी लोखंडे ये जोतीराव
फुलेजी के सत्यशोधक
आन्दोलन के कार्यकर्ता थे। और
कामगार नेता भी थे।
अंग्रेजो के समय में हफ्ते के सातो दिन
मजदूरो को काम
करना पड़ता था। लेकिन नारायण
मेघाजी लोखंडे जी का ये
मानना था की,
हफ्ते में सात दिन
हम अपने परिवार के लिए काम करते है।
लेकिन जिस समाज
की बदौलत हमें नौकरिया मिली है, उस
समाज
की समस्या छुड़ाने के लिए हमें एक दिन
छुट्टी मिलनी चाहिए।
उसके लिए उन्होंने अंग्रेजो के सामने
1881 में प्रस्ताव रखा।
लेकिन अंग्रेज ये प्रस्ताव मानने के लिए
तयार नहीं थे। इसलिए
आख़िरकार नारायण
मेघाजी लोखंडे जी को इस sunday
की छुट्टी के लिए 1881 में आन्दोलन
करना पड़ा। ये आन्दोलन
दिन-ब-दिन बढ़ते गया। लगभग 8 साल
ये आन्दोलन चला।
आखिरकार 1889 में
अंग्रेजो को sunday
की छुट्टी का ऐलान
करना पड़ा।
ये है इतिहास।
क्या हम इसके बारे में जानते है? अनपढ़
लोग छोड़ो लेकिन
क्या पढ़े लिखे लोग भी इस बात
को जानते है? जहा तक
हमारी जानकारी है, पढ़े लिखे लोग
भी इस बात
को नहीं जानते। अगर
जानकारी होती तो sunday के दिन
enjoy नहीं करते....समाज का काम
करते....और अगर समाज
का काम ईमानदारी से करते तो समाज में
भुखमरी,
बेरोजगारी, बलात्कार, गरीबी,
लाचारी ये
समस्या नहीं होती।
साथियों, इस sunday की छुट्टीपर
हमारा हक़ नहीं है, इसपर
"समाज" का हक़ है।

10/05/2015

Papa - ☺ Whom u like more
Muma or Papa..??

Kid - 😒 Both

Papa - 😐 No tell me 1..?

Kid - 😒 Both

Papa - 😉 If i go to America &
Your Mother go to Paris
Where will u go.?

Kid - 😒 Paris..

Papa - 😕 It Means You Like
Your Mother..?

Kid - 😒 No, Because Paris is
Beautiful than America..

Papa - 😌 If i go to Paris &
Your Mother goes to America
so Where will you go.??

Kid - 😒 America..

Papa - 😳 Why.?

Kid - 😏 Paris to Ghum Aaye
Na Papa.

Papa - 😡 Jaa bey
Maa key Chamche 🍴 Jaa
School Jaa...

Happy mothers day !!!

22/04/2015

लोहे की एक छड़ का मूल्य होता है 250 रूपये.
इससे घोड़े की नाल बना दी जाये
तो इसका मूल्य हो जाता है 1000 रूपये.
इससे सुईयां बना दी जायें तो इसका मूल्य हो जाता है 10,000 रूपये.

इससे घड़ियों के बैलेंस स्प्रिंग बना दिए जायें तो इसका मूल्य हो जाता है 1,00,000 रूपये... --

"आपका अपना मूल्य-- इससे निर्धारित नहीं होता कि आप क्या है बल्कि इससे निर्धारित होता है कि आप में खुद को क्या बनाने की क्षमता है"!!!!
इतने छोटे बनिए कि
हर कोई आपके साथ बैठे,.ओर इतने बड़े बनिए कि
आप खड़े हो तो कोई बैठा न रहे..!!

कभी कभी
आप अपनी जिंदगी से
निराश हो जाते हैं,
जबकि
दुनिया में उसी समय
कुछ लोग
आपकी जैसी जिंदगी
जीने का सपना देख रहे होते हैं।

घर पर खेत में खड़ा बच्चा
आकाश में उड़ते हवाई जहाज
को देखकर
उड़ने का सपना देख रहा होता है,
परंतु
उसी समय
उसी हवाई जहाज का पायलट
खेत ओर बच्चे को देख
घर लौटने का सपना
देख रहा होता है।

यही जिंदगी है।
जो तुम्हारे पास है उसका मजा लो।

अगर धन-दौलत रूपया पैसा ही
खुशहाल होने का सीक्रेट होता,
तो अमीर लोग नाचते दिखाई पड़ते,
लेकिन सिर्फ गरीब बच्चे
ऐसा करते दिखाई देते हैं।

अगर पाॅवर (शक्ति) मिलने से
सुरक्षा आ जाती
तो
नेता अधिकारी
बिना सिक्युरिटी के नजर आते।
परन्तु
जो सामान्य जीवन जीते हैं,
वे चैन की नींद सोते हैं।

अगर खुबसुरती और प्रसिद्धि
मजबूत रिश्ते कायम कर सकती
तो
सेलीब्रिटीज् की शादियाँ
सबसे सफल होती।
जबकि इनके तलाक
सबसे सफल होते हैं

इसलिए दोस्तों,
यह जिंदगी ......

सभी के लिए खुबसुरत है
इसको जी भरकर जीयों,
इसका भरपूर लुत्फ़ उठाओ
क्योंकि
जिदंगी ना मिलेगी दोबारा...

सामान्य जीवन जियें...
विनम्रता से चलें ...
और
ईमानदारी पूर्वक प्यार करें...

स्वर्ग यहीं हैं...

Address

H6/108, OC Road, SOUTH PARK, BISTUPUR
Jamshedpur
831001

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