28/08/2017
डॉ. अजय कुमार ने पत्रकारों को जमशेदपुर में संबोधित किया।
जमशेदपुर में MGM मेडिकल कालेज (महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज) में पिछले 4 महीने में 164 बच्चों की मौत हुई है। इनमें से 60 कुपोषित बच्चों की मौत पिछले 30 दिन में ही हुई है। इन सारे बच्चों की मौत के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अजय कुमार ने झारखण्ड सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
इस अस्पताल में बंगाल, ओड़िशा सहित पूरे कोल्हान के आम लोग अपने बीमार बच्चे का इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में मई से अगस्त के बीच एनआइसीयू, पीआइसीयू व वार्ड में विभिन्न रोगों से ग्रस्त 1,867 बच्चों को भर्ती किया गया था. इनमें 164 बच्चे की मौत हो गयी. एनआइसीयू में सबसे अधिक 112 बच्चों की मौत (कुल 343 बच्चे भर्ती थे) हुई. अगस्त में इन तीनों जगहों पर कुल 470 बच्चों को भर्ती कराया गया था, जिनमें 41 बच्चों की मौत हो चुकी है. पीआइसीयू में 110 बच्चों में 31 और वार्ड में 1410 में 21 बच्चों की मौत हो गयी।
बड़ी संख्या में नवजात शिशुओं को यहां इलाज के लिए लाया जाता है लेकिन इसके लिए जो इंतज़ाम हैं, वह आज तक न्यूनतम हैं। एमजीएम अस्पताल में खराब पड़े लाखों रुपये की मशीनें जंग ख्रा रही है। बेकार रखे हुए होने के कारण आधे से अधिक मशीन खराब हो गया है। इसी तरह, इमरजेंसी डिपार्टमेंट में करीब 1.5 करोड़ की लागत से तैयार मोड्यूलर ऑपरेशन थियेटर भी काम नहीं कर रहा है। 36 लाख की डिजास्टर ट्रॉली भी धूल फांक रही है।
डॉ अजय ने कहा की झारखण्ड में रघुबर सरकार को सत्ता संभाले लगभग तीन साल हो गए हैं। एक ओर जहां समाज के कुछ तबकों को इस सरकार से ढेरों आशाएं हैं वहीं दूसरी ओर, इस सरकार के बारे में जो छल और निराशा पहले से व्यक्त की जा रही थीं, वे सच होती दिख रही हैं। बहुत ही दुःख की बात है की मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ऐसी घटनाएं घट रही हैं ,जो मध्यम एवं गरीब वर्ग के लोगों की बिच सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं एवं व्यवस्था को लेकर निराशा और भय का माहौल बना रही हैं।
वहीं दूसरी ओर झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (रांची ) में एक मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी I इस बार महज 50 रुपये की कमी के वजह से एक साल के मासूम श्याम की मौत हो गई। मौसीबाड़ी, धुर्वा (वार्ड 42) निवासी संतोष लोहरा के बच्चे की मौत महज 50 रुपए की कमी के कारण हो गई। रिम्स में पीपीपी मोड पर संचालित रेडियोलॉजी सेंटर हेल्थ मैप के काउंटर पर महज 12 महीने के श्याम को गोद में लिए उसकी मां गुड़िया व बुआ सारो गिड़गिड़ाती रही, बिलखती रही, लेकिन उसका सीटी स्कैन नहीं किया गया। सीटी स्कैन के लिए उससे 1350 रुपए मांगे गए। उसने 1300 रुपए जुटा लिए थे, लेकिन 50 रुपए कम होने पर सीटी स्कैन से लोगों ने इनकार कर दिया और बच्चे की मौत हो गई। वहीं, इस घटना पर झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री रामचन्द्र चंद्रवंशी ने मीडिया में गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि जिसने खबर छापी उसे ही 10-10 रुपये चंदा देना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीएचयू(BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की जगह दूसरी गैस दे दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई I अस्पताल में इसी साल छह और सात जून को ऑपरेशन के बाद 3 मरीजों की मौत हो गई थी I
डॉ अजय ने कहा की भारत के अन्य भाजपा शाशित राज्यों में भी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है।
छत्तीसगढ़ (रायपुर ): रायपुर के बीआर आंबेडकर अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 3 बच्चों की मौत।
गोरखपुर : गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में आॅक्सीजन ख़त्म होने से 67 बच्चों की मौत।
वाराणसी: वाराणसी के एक अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की वजह से 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने कहा की जमशेदपुर,झारखण्ड बल्कि पुरे देश में स्वास्थ्य व्यवस्था ख़राब हो चुकी है। राज्य में लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है I वर्तमान सरकार गाय को लेकर आवश्यकता से ज़्यादा चिंतित होने का दिखावा कर रही है, लेकिन वहीं हर साल डायरिया-कुपोषण से मरने वाले लाखों बच्चों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार निष्क्रिय है। इस से साफ़ जाहिर है कि ये मौजूदा सरकार सिर्फ आश्वासन देने वाली सरकार है। सरकार के दावे और असलियत में फ़र्क दिखता है।
डॉ अजय कुमार ने प्रशाशन से अपील किया की बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाया जाये अथवा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये I
सवाल है कि MGM मेडिकल कालेज (महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज) को अपग्रेड करने का निर्णय लेने में प्रदेश सरकार को इतनी देरी क्यों हो रही है और क्या इस कारण नवजात शिशुओं की मौत की ज़िम्मेदारी क्या दोनों सरकारें लेंगी ?
"यह है भाजपा सरकार का असली चेहरा"
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