17/05/2026
पुलिस कार्रवाई और धर्म परिवर्तन एंगल पर उठे सवाल, मूवमेंट कल्कि की टीम पहुंची ग्राउंड ज़ीरो
उधमपुर जिले के सम्बल क्षेत्र में सामने आए कथित धर्म परिवर्तन, नाबालिग लड़कियों के उत्पीड़न और धमकियों से जुड़े संवेदनशील मामले को लेकर मूवमेंट कल्कि की टीम ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लगातार सामने आ रहे आरोपों के बीच टीम ने पीड़ित परिवार, स्थानीय निवासियों और क्षेत्र के लोगों से विस्तार से बातचीत की।
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने टीम को बताया कि विशेष समुदाय के कुछ लोगों द्वारा लंबे समय से परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटियों के साथ अश्लील हरकतें की जाती थीं, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था तथा जबरन उठाकर ले जाने की कोशिशें भी हुईं। परिवार के अनुसार डर और धमकियों का माहौल इतना बढ़ गया था कि लड़कियां घर से बाहर निकलने से भी डरने लगी थीं।
मूवमेंट कल्कि ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले को धर्म परिवर्तन के बजाय जमीन विवाद के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है, जबकि पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों के बयान कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। संगठन ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।
संगठन ने FIR की तारीख को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। पुलिस की प्रेस रिलीज़ के अनुसार मामला 26-04-2026 को दर्ज बताया गया, जबकि उपलब्ध FIR कॉपी में तारीख 30-04-2026 दर्ज है। मूवमेंट कल्कि ने सवाल किया कि यदि FIR 26 अप्रैल को दर्ज हुई थी तो उसकी कॉपी पीड़ित परिवार को तत्काल क्यों नहीं दी गई और आरोपियों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
मूवमेंट कल्कि ने यह भी कहा कि बिना पूरी जांच के धर्म परिवर्तन के आरोपों को गलत करार देना कई सवाल खड़े करता है। संगठन के अनुसार यदि जांच अभी जारी है तो किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आरोपों को खारिज करना निष्पक्ष जांच की भावना के विपरीत है।
मूवमेंट कल्कि ने उधमपुर जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने, आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करने और मामले की गंभीरता से जांच करवाने की मांग की। संगठन ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा का है!