30/05/2018
राजस्थान की प्रमुख सभ्यता
#कालीबंगा सभ्यता | Kalibanga Civilization
o राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले मे अवस्थित
o राजस्थान की सबसे प्राचीन नगरीय सभ्यता
o 1952 ईस्वी में अमलानन्द घोष ने की खोज
o 1961-69 ई.के बीच उत्खनन कार्य बी.बी.लाल और बी.के.थापर के संयुक्त निर्देशन में
o नगरीय सभ्यता जिसे सरस्वती सभ्यता भी कहा जाता है
o कालीबंगा शब्द का अर्थ काले रंग की चुडिया होता है |
o विश्व में सबसे पहले दोहरे जूते हुए खेतो के अवशेष यही प्राप्त हुए
o सरस्वती नदी के विलुप्त होने के बाद वर्तमान में घग्घर नदी बहती है |
o आकार चुर्तुभुज के समान
o ताम्र बर्तन और कच्ची मिटटी से बने घरो के प्राप्त हुए अवशेष
o रबी की फसल (गेहू ,जौ) उगाई जाती थी |
o यज्ञ वेदिकाए एवं सींग वाले मानव की आकृति के अवशेष
#आह्ड सभ्यता | Ahar Civilisation
o राजस्थान के उदयपुर जिले में मिले सभ्यता के अवशेष
o 4000 वर्ष पुरानी सभ्यता
o राजस्थान की प्राचीन ग्रामीण सभ्यता
o 1954 में रतनचन्द्र अग्रवाल ने की सभ्यता की खोज
o इसे ताम्रवटी या धुलकोट या बनास की संस्कृति भी कहा जाता है |
o 1961 -62 में उत्खनन डा.एच.डी.सांखलीया ने किया
o लोग ताम्र धातु तथा काले एवं लाल रंग के मृदापात्रो का उपयोग करते थे |
o मृदापात्र उल्टी तपाई विधि से पकाए जाते थे |
o यहाँ से मातृदेवी एवं बैल की मुर्तिया प्राप्त हुयी है |
o यह संस्कृति उदयपुर के अलावा चित्तोडगढ , भीलवाड़ा और डूंगरपुर तक फ़ैली
o आह्ड ,बालाथल ,गिलुण्ड इसी सभ्यता के पुरास्थल थे |
o इस सभ्यता के लोग हाथी एवं घोड़े से परिचित थे |
#गणेश्वर सभ्यता | Ganeshwar Civilization
o सीकर के नीमका थाना में मिले सभ्यता के अवशेष
o कान्तली नदी के किनारे बसी सभ्यता
o 2800 ईस्वी पूर्व की ताम्र युगीन सभ्यता
o 1977-78 में आर.सी.अग्रवाल और विजयकुमार ने किया उत्खनन
o भारत में ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी क्योकि सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सांस्कृतिक केंद्र
o यहा के लोग ताम्र धातु के अलावा अन्य धातु के ज्ञान से अपरिचित थे |
o भवन निर्माण में सिर्फ पत्थर का उपयोग करते थे ईंटो का नही |
o ताम्बे के अलावा पत्थर का बाघ , चित्रकारी युक्त बर्तन एवं मछली पकड़ने का काँटा प्राप्त हुआ
#बैराठ सभ्यता | Bairath Civilization
o जयपुर के विराटनगर में मिले सभ्यता के अवशेष
o इस सभ्यता को लौहयुगीन माना जाता है |
o 1936 ईस्वी में दयाराम साहनी ने उत्खनन कार्य किया |
o यह क्षेत्र मुख्यत: पर्वतीय प्रदेश है |
o पर्वतीय कन्दराओ एवं गुफाओं के प्रागैतिहासिक काल में निवास स्थल के अवशेष मिले है |
o यहा की भीम डूंगरी ,गणेश डूंगरी एवं बीजक डूंगरी में 100 से भी ज्यादा शैलचित्र प्राप्त हुए है |
o पूर्व मौर्यकालीन एवं मौर्यकालीन सभ्यताओ के अवशेष
o अशोक कालीन बौध स्तूप , मन्दिर एवं बौद्ध मठ के अवशेष
o भ्रावु का शिलालेख
o चीनी यात्री हेन्साग ने बैराठ की यात्रा की थी
#बागौर सभ्यता | Bagore Civilization
o भीलवाडा जिले में मिले अवशेष
o वी.एन मिश्र एवं एल.एस.लैशमी ने किया उत्खनन
o कोठारी नदी के किनारे पनपी सभ्यता
o 3000 ईस्वी पूर्व की उत्तरपाषाणकालीन सभ्यता स्थल
o उत्खनन में बोतल के आकार के बर्तन
o हाथ एवं कान में पहनने के लिए शीशे के गहने
#बालाथल सभ्यता | Balathal Civilization
o उदयपुर जिलें में मिले अवशेष
o सन 1993 में वी.एन.मिश्र ने किया उत्खनन
o समय काल 3000 ईस्वी पूर्व से 2500 ईस्वी पूर्व
o ताम्रयुगीन सभ्यता जिसमे मिले ताम्बे के आभूषण
o उत्खनन में बड़ा भवन , दुर्ग जैसी संरचना ,सांड-कुत्ते की मूर्तियों के अवशेष