05/06/2026
जयपुर4जून2025 (एमएनआईटी) मालवीय राष्ट्रीय इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूशन जयपुर में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को वर्ष 2013 से स्थाई करण करने का लाभ दिए जाने का एमएनआईटी नियोजन को कोर्ट ने दिया निर्देश,, तीन माह में आदेश की पालना का आदेश / आदेश। जयपुर जिला कमेटी सीटू यूनियन द्वारा लड़ा गया मुकदमा, मजदूरों की शानदार विजय, बरसों बाद न्यायालय से न्याय मिला, खुशी की लहर सीटू के बैनर तले जयपुर ठेकेदारान वर्कर्स यूनियन सीटू के सदस्य श्रमिक,, ठेकेदार मजदूरों की शानदार जीत,, एडवोकेट व सीटू जिला अध्यक्ष जयपुर कामरेड सुरेश कश्यप ने लड़ा मुकदमा,, 2013 में सीटू जिला महामंत्री कामरेड भंवर सिंह शेखावत के नेतृत्व में मुकदमा श्रम विभाग में लगाया गया ।उसके बाद सी जे आई टी कोर्ट में कैस को रेफर कराया गया। मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज जयपुर एमएनआईटी में काम करने वाले सभी ठेकेदार मजदूरों को सी जे आई टी न्यायालय ने दिया सभी ठेका कर्मचारियों को स्थाई करण करने का आदेश ,तीन माह में सारा भुगतान करने का आदेश,, न्यायालय ने मैनेजमेंट को आदेश में माना कि उनके द्वारा अनफेयर लेबर प्रैक्टिस की गई जिसके लिए कानून में सजा का प्रावधान है। सभी कर्मचारियों में खुशी के लहर मिठाइयां बांटी गई नारेबाजी की गई।
जयपुर 4 जून 2026 जयपुर के केंद्रीय सरकार औद्योगिक न्यायाधिकरण जयपुर द्वारा मालवीय राष्ट्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज एमएनआईटी जयपुर में काम करने वाले सैकड़ो ठेका कर्मचारीयों का पिछले कई सालों से मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। सबसे पहले श्रम विभाग में सीटू प्रदेश अध्यक्षकामरेड भंवर सिंह द्वारा मुकदमा लड़ा गया। उसके बाद श्रम विभाग द्वारा यह मामला न्यायालय को प्रेषित कर दिया गया। न्यायालय में यह मुकदमा सन् 2013 से चल रहा था, इस मुकदमे में सीटू के जिला अध्यक्ष और एडवोकेट कामरेड सुरेश कश्यप ने ठेकेदार श्रमिकों की ओर से पैरवी की और उन्होंने न्यायालय के सामने अनेक नजीर पेश की । आज न्यायालय निर्णय सुनाते हुए सभी कर्मचारियों को जो 2013 से एमएनआईटी मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी इंस्टिट्यूट जयपुर मालवीय नगर में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे उन सभी को 2013 से स्थाई करण करते हुए स्थाई कर्मचारियों की तरह लाभ ,परी लाभ देने का निर्णय दिया। जिन कर्मचारियों को 10 साल कार्य करते हो गए उन सभी को स्थाई करण का आदेश देकर 2013 से पूरे लाभ देने का आदेश दिया गया है।
आज जब न्यायालय ने मुकदमे में फैसला सुनाया तो वहां मौजूद महिला मजदूर और यूनियन के नेता उपस्थित थे उनमें खुशी की लहर दौड़ गई उन्होंने बाहर आकर मिठाइयां बांटी और सीटू जिंदाबाद के नारे लगाए। न्यायालय में उपस्थित हुए कर्मचारी आज सीटू राज्य कार्यालय में आए और सबको मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया गया। और सीटू को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया गया।
ठेका कर्मचारियों की यह बहुत बड़ी जीत है इसका अन्य संस्थाओं में काम करने वाले ठेका कर्मचारी अगर मुकदमा दायर करेंगे तो उनको भी लाभ मिलेगा।
इस मुकदमे को लड़ रहे एडवोकेट व सीटू जिला अध्यक्ष कामरेड सुरेश कश्यप ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला न्याय की जीत है एवं ठेका मजदूरों का जो देश में शोषण हो रहा है उसके खिलाफ न्याय देने उन ठेका मजदूरों के पक्ष में एक बहुत ही शानदार फैसला दिया है । जिसका प्रभाव बहुत दूरगामी होगा एवं न्यायालय ने लंबे न्याय निर्णय में सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अंत में श्रमिकों को न्याय दिया हैं ।जिसके लिए हम न्यायालय के आभारी हैं और यह सत्य, न्याय, और शोषण के खिलाफ जीत है।
मजदूरों के चेहरे पर जो खुशी आज दिख रही थी वह देखने लायक थी। सीटू कार्यालय में आकर सब ने नारेबाजी की और खुशी जाहिर करते हुए मिठाई खिलाई गई।
सीटू प्रदेश अध्यक्ष कामरेड भंवर सिंह शेखावत ने सभी मजदूरों को बधाई दी और यह निर्णय ठेकेदार मजदूरों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।