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अगस्त 1947 में स्वतंत्रता के आगमन के साथ, भारत की 563 रियासतें धीरे-धीरे विभिन्न प्रशासनिक सजातीय इकाइयों में एकीकृत हो गईं। राजस्थान राज्य अपने वर्तमान स्वरूप में विभिन्न चरणों में अस्तित्व में आया। 18 मार्च, 1948 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली वाले मत्स्य संघ की शुरुआत सबसे पहले हुई थी। वे बांसवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, किशनगढ़, कुशलगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, टोंक से एक सप्ताह बाद शामिल हुए थे। और उदयपुर। ठीक एक साल बाद, चार बड़े राज्यों के बीच। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर भी शामिल हुए। साथ में उन्होंने ग्रेटर राजस्थान का गठन किया, जिसका उद्घाटन भारत के गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 31 मार्च, 1949 को किया था। हालांकि यह प्रक्रिया आजादी के तुरंत बाद शुरू हुई थी, लेकिन यह 1956 तक नहीं थी। वर्तमान राजस्थान बनाने के लिए सभी राज्य एक साथ आए। तत्कालीन रियासतों ने राजस्थान को आकार, जनसंख्या, राजस्व संसाधनों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और प्रथाओं में काफी भिन्नता प्रदान की है। यह कानून और व्यवस्था के कार्यों के लिए सुरक्षा बलों की संरचना और क्षमता में विधिवत रूप से परिलक्षित होता था। हालांकि, इन राज्यों के विलय के साथ, उनके पुलिस बलों को एक एकल पुलिस बल में मिला दिया गया, जिसे राजस्थान पुलिस के रूप में जाना जाता था। अपनी स्थापना के बाद के शुरुआती वर्षों में, राजस्थान पुलिस में प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों का नेतृत्व किया गया था और पहले पुलिस महानिरीक्षक श्री आर.बनर्जी थे, जिन्होंने 7 अप्रैल, 1949 को पदभार संभाला था। श्री बनर्जी ने इस पद को सात महीने तक संभाला था और सबसे समर्पित थे उस अवधि में विभिन्न पुलिस बलों के एकीकरण के आवश्यक पूर्वाधारों के लिए। उन्होंने राजस्थान पुलिस विनियमों में संयुक्त राज्य राजस्थान के लिए एक सामान्य पुलिस कोड चाक किया। राजस्थान पुलिस सेवा का गठन जनवरी 1951 में किया गया था और राज्य भर के योग्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। यह राजस्थान पुलिस की शुरुआत के रूप में चिह्नित है जैसा कि हम आज जानते हैं।

क्या आपने कभी किसी साइबर कैफे, होटल या दोस्त के फोन पर अपनी ID Login करने के बाद Logout करना याद रखा है? शेयर किए गए या ...
07/10/2026

क्या आपने कभी किसी साइबर कैफे, होटल या दोस्त के फोन पर अपनी ID Login करने के बाद Logout करना याद रखा है?

शेयर किए गए या पुराने उपकरणों पर खुला हुआ आपका अकाउंट साइबर अपराधियों के लिए खुला आमंत्रण साबित हो सकता है। यह छोटी सी लापरवाही आपकी पर्सनल जानकारी, फोटो और बैंक खातों को खतरे में डाल सकती है।
इसलिए हमेशा सतर्क रहें, उपयोग के बाद अपने अकाउंट से साइन आउट करें और डिवाइस बदलने से पहले सभी एक्टिव सेशंस को जरूर हटाएं।

किसी भी प्रकार का Cyber Fraud होने की स्थिति में तुरंत साइबर Helpline नंबर 1930, WhatsApp नंबर: 9256001930, 9257510100 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

राजस्थान पुलिस - आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।

#1930

07/10/2026

सुर्खियों में राजस्थान पुलिस… 07.10.2026

“बस 2 मिनट का काम है?” कहकर सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति न बनाएं!जल्दबाजी में गाड़ी कहीं भी पार्क कर देना थोड़े समय की स...
07/10/2026

“बस 2 मिनट का काम है?” कहकर सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति न बनाएं!

जल्दबाजी में गाड़ी कहीं भी पार्क कर देना थोड़े समय की सुविधा तो लग सकती है, लेकिन यह दूसरों के लिए घंटों की परेशानी और बड़े ट्रैफिक जाम का कारण बन जाती है।

आइए एक जिम्मेदार और समझदार नागरिक बनें:

1. वाहन को निर्धारित पार्किंग ज़ोन या सफेद पट्टी के भीतर ही पार्क करें।
2. सड़क को अपना निजी पार्किंग स्थल न समझें और दूसरों के आवागमन का सम्मान करें।
3. एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियों के लिए रास्ता सुगम रखें।

राजस्थान पुलिस की अपील पर एक छोटी सी सावधानी और अनुशासन से हमारे शहर को सुंदर, सुरक्षित और जाम-मुक्त बनाएं।
सुरक्षित सड़कें, अनुशासित राजस्थान!

सड़क पर किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत 112 डायल करें।

संविधान के प्रति निष्ठा, अनुशासन और जनसेवा का संकल्प!सशस्त्र सीमा बल (एस.एस.बी.) रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र, अलवर में राजस...
06/10/2026

संविधान के प्रति निष्ठा, अनुशासन और जनसेवा का संकल्प!

सशस्त्र सीमा बल (एस.एस.बी.) रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र, अलवर में राजस्थान पुलिस के 483 नव प्रशिक्षित आरक्षियों का द्वितीय बी.आर.टी.सी. बैच का भव्य दीक्षांत परेड समारोह का सफल आयोजन किया गया। इस समारोह में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (आर्मड बैटालियन्स), राजस्थान श्री रूपिन्दर सिंघ, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

समारोह के दौरान नव प्रशिक्षित आरक्षियों ने उत्कृष्ट अनुशासन और दक्षता का प्रदर्शन करते हुए शानदार परेड प्रस्तुत की। पासिंग आउट परेड के अवसर पर सभी कांस्टेबलों ने देश के संविधान के प्रति अटूट निष्ठा और अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ ली। साथ ही, प्रशिक्षण अवधि के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट्स को सम्मानित भी किया गया।

मुख्य अतिथि ने सभी नव प्रशिक्षित जवानों को बधाई दी और उन्हें राजस्थान पुलिस आचार संहिता का पूर्ण पालन करने की सीख दी। उन्होंने आमजन की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता के प्रति संवेदनशील व जिम्मेदार व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

*The 100: नशे के सौदागरों के खिलाफ राजस्थान पुलिस का ऐतिहासिक प्रहार!*राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANT...
06/10/2026

*The 100: नशे के सौदागरों के खिलाफ राजस्थान पुलिस का ऐतिहासिक प्रहार!*

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक साल ख़त्म होने से पहले ही असाधारण और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

नशे के काले कारोबार की कमर तोड़ते हुए ANTF ने कुल 100 कुख्यात किंगपिन और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।

इस विशेष अभियान के तहत देश के 12 अलग-अलग राज्यों से अपराधियों को दबोचा गया, जिसमें मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, केरल, दमन-दीव, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक फैले नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया। अकेले राजस्थान के विभिन्न जिलों जैसे जालोर, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़ और जयपुर में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।

पकड़े गए इन कुख्यात अपराधियों में कई ऐसे थे जिन पर हजारों-लाखों रुपये का इनाम घोषित था और जो कानून की नजरों से 10 साल से अधिक समय से फरार चल रहे थे। 'ऑपरेशन यमलकमली' से लेकर 'ऑपरेशन नीलमणि' और 'ऑपरेशन गाँजानेय' जैसे विशेष ऑपरेशन्स के जरिए ANTF ने यह साबित कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के लिए राजस्थान में कोई स्थान नहीं है।

राजस्थान को पूर्ण रूप से नशामुक्त और सुरक्षित बनाने का हमारा यह संकल्प निरंतर जारी रहेगा।

यदि आपको नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि दिखे तो तुरंत Anti-narcotics helpline 155249 पर सूचना दें।

E Governance और साइबर सुरक्षा के नए युग की ओर अग्रसर राजस्थान!जयपुर के RIC में आयोजित ‘टेक सक्षम राजस्थान’ कार्यक्रम के ...
06/10/2026

E Governance और साइबर सुरक्षा के नए युग की ओर अग्रसर राजस्थान!

जयपुर के RIC में आयोजित ‘टेक सक्षम राजस्थान’ कार्यक्रम के उद्घाटन और विशेष सत्रों में डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और DPDP एक्ट पर गहन मंथन हुआ। इस कार्यक्रम में महानिदेशक पुलिस, राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा, सचिव DOIT श्री रवि कुमार सुरपुर, और एमडी NICSI श्री आलोक तिवारी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान NIC राजस्थान की डिजिटल गवर्नेंस गतिविधियों और NICSI PBD Solutions का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, विशेषज्ञों द्वारा साइबर सुरक्षा पर श्री अमित दुबे, एआई विशेषज्ञ श्री विश्वदीप विश्वास और DPDP Act पर डॉ. मुकेश कुमार गुप्ता द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र संचालित किए गए।

तकनीकी आधुनिकीकरण, AI और सुरक्षित डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। राजस्थान सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों के इस संयुक्त प्रयास से राज्य में डिजिटल सेवाओं को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

06/10/2026

सुर्खियों में राजस्थान पुलिस… 06.10.2026

ATM का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही आपको वित्तीय नुकसान पहुँचा सकती है। कार्ड स्किमिंग और ऑनलाइन ठगी से बचने के ल...
06/10/2026

ATM का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही आपको वित्तीय नुकसान पहुँचा सकती है। कार्ड स्किमिंग और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

सुरक्षित लेन-देन के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
* स्लॉट जाँचें: कार्ड स्लॉट हिलाकर देखें, ढीला दिखे तो Skimmer हो सकता है।
* कीपैड देखें: बटन मोटे या ढीले लगें तो इस्तेमाल से बचें।
* PIN छिपाएँ: कीपैड ढंककर टाइप करें ताकि हिडन कैमरा न देख सके।

तुरंत रिपोर्ट करें: संदिग्ध उपकरण दिखने पर पुलिस या बैंक को सूचित करें।
किसी भी प्रकार की वित्तीय या साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर Helpline नंबर 1930, WhatsApp नंबर: 9256001930, 9257510100 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

राजस्थान पुलिस - आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।

#1930

तकनीक के साथ सुरक्षित राजस्थान की ओर एक और मजबूत कदम।आज मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास एवं महानिदेशक पुलिस, राजस्थान श्री...
05/10/2026

तकनीक के साथ सुरक्षित राजस्थान की ओर एक और मजबूत कदम।

आज मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास एवं महानिदेशक पुलिस, राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय में साइबर पुलिस थाने एवं अभय कमांड सेंटर का निरीक्षण किया।

इस दौरान 1930 साइबर हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, त्वरित कार्रवाई, बैंक समन्वय एवं साइबर अपराधों की रोकथाम की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

#1930

05/10/2026

साइबर सुरक्षा से स्मार्ट पुलिसिंग तक, तकनीक के साथ सुरक्षित राजस्थान की दिशा में निरंतर प्रयास।

आज जयपुर के पुलिस आयुक्तालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास एवं महानिदेशक पुलिस, राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने साइबर पुलिस थाने एवं अभय कमांड सेंटर का निरीक्षण किया।

इस दौरान साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। 1930 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों से लेकर जीरो एफआईआर दर्ज करने एवं कुछ ही घंटों में एफआईआर में परिवर्तित करने की प्रक्रिया, बैंकों के साथ समन्वय, आवश्यक नोटिस जारी करने तथा पूरी प्रक्रिया के डिजिटलीकरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

मुख्य सचिव महोदय ने कहा कि जयपुर एवं अलवर को चिन्हित उच्च साइबर अपराध प्रभावित जिलों में साइबर अपराध को कम करने, बैंकों के साथ समन्वय को और प्रभावी बनाने तथा न्यायिक प्रक्रिया को त्वरित गति देने के संबंध में भी चर्चा की गई।

अभय कमांड सेंटर में 1930 साइबर हेल�

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Rajasthan Police Headquarters, Lalkothi
Jaipur
302015

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