07/06/2022
पिछले कुछ समय पूर्व है राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पुलिस कर्मचारियों के लिए राजस्थान रोडवेज में एक पासधारी यात्रा शुरू करने का योजना लेकर आई थी इसमें प्रत्येक पुलिस कर्मचारी सीआईए स्तर तक के खाते से ₹200 और ₹100 सरकार के खाते से कुल मिलाकर ₹300 प्रत्येक पुलिसकर्मी के नाम से कांटे जाकर सीधा रोडवेज डिपार्टमेंट को दी जा रही थी उसकी एवज में कार्ड धारी पुलिसकर्मियों को रोडवेज में सरकारी यात्रा करने दी जा रही थी जिसे रोडवेज ने निशुल्क यात्रा कहा,अब यह बताओ यह निशुल्क यात्रा कहां से हुई? जब प्रत्येक पुलिसकर्मी के खाते से ₹300 प्रति महीने कट रहे हैं तो यात्रा निशुल्क कैसे हुई ? चाहे वह पुलिसकर्मी यात्रा करें या ना करें ₹300 तो उसके खाते से कटेंगे ही महीने के महीने राजस्थान में लगभग 90000 पुलिसकर्मियों का इसमें पंजीकरण हुआ था इस हिसाब से लगभग लगभग 3 करोड रुपए महीने के रोडवेज डिपार्टमेंट को सिधे ही ट्रांसफर हो रहे थे कुल मिलाकर 36 करोड रुपए सालाना ट्रांसफर हो रहे थे, अब चाहे इसमें पुलिसकर्मी यात्रा करें या ना करें रोडवेज को प्रति साल ₹36 करोड़ राजस्थान पुलिस के सिपाही अपने खातों से पैसे कटवा कर दे रहे थे , अब रोडवेज डिपार्टमेंट का कहना है कि हमें घाटा हो रहा है तो भाई घाटा हो रहा है तो ये योजना बंद कर दो, एक तो 36 करोड रुपए सालाना ले रहे हो दूसरा तुम्हें ऊपर से घाटा भी हो रहा है महीने के 3 करोड रुपए आप ले रहे हो उसमें हद मार के महीने में पुलिसकर्मी एक करोड़ की यात्रा कर लेते होंगे बाकी के दो करोड़ तो आपके ऐसे ही बच रहे हैं फिर रोडवेज ने कहा कि हम तो पांच से ज्यादा सवारी नहीं उठाएंगे किन्हीं तीन मुलजिम को लेकर कोई आठ पुलिसकर्मी जा रहे हैं तो वह क्या तुम्हारे लिए अलग-अलग बस में जाएंगे तुम तो 5 से ज्यादा सवारी बैठ आओगे नहीं,,,,,,,, दूसरी बात रास्ते में कोई पुलिसकर्मी बैठेगा तो वह क्या पहले बस में चढ़कर पहले से बैठे पुलिसकर्मियों गिनेगा की पांच बैठे हैं तो मैं उतर जाऊं पांच नहीं बैठे हैं तो मैं चढ जाऊं........ आप पैसे काट रहे हो तो उसमें क्या फर्क पड़ता है 5 बैठो चाहे 20 ,,,पैसे मिल रहे हैं ना आपको........ किसी व्यक्ति को 6:00 बजे जाना है अर्जेंट किसी काम से कोर्ट में दूसरे जिले में अब जो बस आ रही है उसमें से पहले ही 5 सवारी बैठी है तो क्या वह पीछे आने वाली बसों का वेट करते रहेगा और सभी बसों में 5/5 सवारी आएगी तो उसको बस कौनसी में बैठना होगा....... इसका भी अमेंडमेंट किया गया सवारी की संख्या बढ़ाकर 5 से 10 की गई अब कल परसों दोबारा उसको 5 सवारी तक सीमित कर दिया यह गलत है रोडवेज प्रशासन चाहे तो इस योजना को बंद कर सकता है
इसमें एक नियम और दिल्ली से कोई पुलिस कर्मी आएगा जाएगा दिल्ली भी शाखा है पुलिस की तो उसको सुविधा का लाभ नहीं दिया जाएगा यह भी सरासर गलत है दिल्ली भारत की राजधानी है और पुलिस का काम पड़ता है सुप्रीम कोर्ट में पड़ता है पैसे भी ले रहे हो वहां सुविधा भी नहीं दे रहे हो इसमें भी अमेंडमेंट हुआ था पहले........ अभी अचानक से वापस बंद कर दिया गया राजस्थान रोडवेज कि जो सबसे निचले स्तर के बसे हैं उनमें यह सुविधा दी गई है क्यों भाई बाकी जो अन्य बसे हैं और रात को किसी व्यक्ति को किसी काम से दूसरे जिले में निकलना है उस समय कोई लग्जरी या कोई स्लीपर या कोई स्पेशल बस चलती है रोडवेज की वही निकलती है इसके अलावा सामान्य बस रात को नहीं निकलती है तो वह सिपाही बताओ कौन सी बस में जाएगा ???? क्या वह सुबह तक लोकल बस का इंतजार करेगा इसके अलावा राजस्थान पुलिस को देश के हर हिस्से में सम्मन वारंट की तामील हेतु मुलजिम तलाश हेतु जाना पड़ता है जहां तक राजस्थान रोडवेज की बस जा रही है वहां तक यात्रा पास होना चाहिए जैसे राजस्थान से हरिद्वार कोई बस जारी है तो उसमें वहां तक की यात्रा का पास बनना चाहिए बस तो राजस्थान की ही है पैसे भी राजस्थान रोडवेज ले रही है तो फिर इसमें बॉर्डर का भेदभाव क्यों .......
यह कुछ कमियां है जिन को दूर किया जाए और अगर नहीं किया जाए तो राजस्थान पुलिस अधिकारियों और राजस्थान रोडवेज के अधिकारियों से निवेदन है कि इस योजना को समय रहते ही बंद कर दिया जाए कोई जरूरी नहीं है अगर रोडवेज प्रशासन नहीं चाहता है वह चाहता है कि हम घाटे में जा रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं योजना को बंद कर दो अब सबसे महत्वपूर्ण जो बिंदु है वह यह है कि एक तो यात्रा करने वाले पुलिसकर्मियों की यात्रा संख्या सीमित न की जाए ,,,नंबर दो बसों की श्रेणी लोकल बस से बढ़ाकर स्लीपर बस तक की जाए,,,,,, नंबर 3 पूरे भारत में जहां तक राजस्थान रोडवेज की बस जाती है वहां तक पास जारी किया जाए क्योंकि भारत के प्रत्येक ऐसे में राजकार्य जाना पड़ता है ,,,,,नंबर चार यह महीने के महीने पास को रिन्यू करवाने का झंझट खत्म किया जाए एक बार पास बन गया तो उसको 5 साल से पहले रिन्यू करवाने में ज्यादा झंझट खत्म किया जाए,,,, नंबर 5 टिकट काटते समय पर पुलिसकर्मी को सीट नंबर दिया जाए।।।।। ओर अगर ये सब सम्भव नही हो तो योजना को बंद किया जाए