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मिशन कर्मयोगी के तहत IGOT प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभागों को और प्रयास करने के निर्देशशासकीय सेवक को प्रतिमाह न्...
07/10/2026

मिशन कर्मयोगी के तहत IGOT प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभागों को और प्रयास करने के निर्देश
शासकीय सेवक को प्रतिमाह न्यूनतम एक घंटे का IGOT प्रशिक्षण लेने की अपील
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राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मध्यप्रदेश की अखिल भारतीय रैंकिंग में सर्वोच्च स्थान के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टर, कमिश्नर सहित सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश जारी करI GOT प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए और भी प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।

शासकीय सेवक द्वारा प्रतिमाह न्यूनतम 01 घंटे का IGOT प्रशिक्षण

निर्देशों में कहा गया है कि समस्त विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि विभाग के सभी पंजीकृत IGOT यूजर्स को प्रत्येक माह कम-से-कम 1 घंटे का IGOT प्रशिक्षण पूर्ण करें। इस कार्य के लिए कर्मियों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया है। इस के लिए विभागीय नोडल अधिकारी अपने स्तर सभी प्रयास करेंगे।

विभाग-वार कोर्स एवं विषय विशेषज्ञ का नामांकन

प्रत्येक विभाग अपने कार्यक्षेत्र में संबंधित महत्वपूर्ण विषय/क्षेत्रों की पहचान करते हुए क्षेत्र विशेष की सूची तैयार करेगा तथा प्रत्येक विषय के लिए उपयुक्त विषय विशेषज्ञ (Subject Matter Expert SME) का नामांकन करेगा। नामांकित SME का विवरण मिशन कर्मयोगी के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज कुमार राय, प्राध्यापक (व्यवहार विज्ञान), मो. नं. 9425800850, RCVP नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल को प्रेषित किए जाने के लिए कहा गया है, जिससे विभागवार विशिष्ट कोर्सेस का निर्माण/विकास हो सकेगा।

IGOT पर एक्टिव यूजर्स की संख्या में वृद्धि

समस्त विभागीय एमडीओ/नोडल ऑफिसर विभाग में पंजीकृत IGOT यूजर्स की समीक्षा की जाएगी तथा निष्क्रिय (Incative) की पहचान कर उन्हें पुनः सक्रिय करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल पंजीकृत लोकसेवक की संख्या 9,57,038 है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अपेक्षा की गई है कि कार्यवाही की नियमित समीक्षा संबंधित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, सचिव तथा संबंधित विभागाध्यक्ष ‌द्वारा समय-सीमा की बैठक में की जाए तथा विभागीय MDO/Nodal Officer को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएं।

General Administration Department, MP

07/10/2026

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का सुनहरा अवसर

विशेष शिविर

7, 8 और 9 अक्टूबर 2026

प्रदेश के प्रत्येक मतदान केंद्र पर विशेष शिविर का आयोजन

नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 के साथ अलग से नहीं देना होगा कोई घोषणा

ऑनलाइन आवेदन:
voters.eci.gov.in या ECINET Mobile App के माध्यम से करें आवेदन

Election Commission of India

फार्म 6 के साथ नहीं लिया जाएगा घोषणा पत्र : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झापात्र मतदाताओं के नाम जोड़न...
06/10/2026

फार्म 6 के साथ नहीं लिया जाएगा घोषणा पत्र : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा

पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने प्रदेश में 7,8 और 9 अक्टूबर को विशेष कैंप लगाने के दिए निर्देश
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के निर्वाचन सदन भोपाल से वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने पूरे प्रदेश में 7, 8 और 9 अक्टूबर को पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए प्रदेश के प्रत्येक मतदान केंद्र में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान किसी भी मतदाता से फार्म 6 के अलावा घोषणा पत्र नहीं लिया जाएगा। सभी जिला उप निर्वाचन अधिकारी यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने व्यापक स्तर पर प्रचार प्रचार करने के निर्देश दिए।

श्री झा ने कहा कि जिन युवाओं की उम्र 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की है गई, उनके भी फॉर्म लिए जाएंगे। इसके साथ ही 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए एडवांस में फॉर्म जमा कराए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन की सुविधा भी प्रदान की गई है। कोई भी मतदाता voters.eci.gov.in पर अथवा ECINET mobile app पर जाकर अपना नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। श्री झा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा की वे इस ऑनलाइन प्रक्रिया को व्यापक रूप से प्रचारित करें और युवा मतदाताओं को खास तौर पर ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुए अब तक के कार्यों की समीक्षा भी की। इंदौर तथा विदिशा में अच्छी प्रगति के लिए सराहना की। जो जिले इस कार्य में पिछड़े हैं उन्हें प्रगति के निर्देश दिए।

Chief Electoral Officer Madhya Pradesh

‘सेवा भाव’ पर विशेष ऑनलाइन सत्र 7 अक्टूबर कोनीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम करेंगे संवादप्रदेश के अधिकारी-कर्म...
06/10/2026

‘सेवा भाव’ पर विशेष ऑनलाइन सत्र 7 अक्टूबर को
नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम करेंगे संवाद
प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों से सत्र में भाग लेने की अपील
सत्र में सहभागिता पर मिलेंगे ‘Service Orientation’ competency के विशेष क्रेडिट
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कर्मयोगी भारत द्वारा नागरिक केन्द्रित शासन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘सेवा भाव’ विषय पर बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को विशेष ऑनलाइन सत्र आयोजित किया जाएगा। सत्र का संचालन नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम करेंगे। सत्र में शासकीय सेवकों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और नागरिक केन्द्रित दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने के साथ लोक सेवा प्रदाय में ‘सेवा भाव’ की भावना विकसित करने पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टर्स को इस संबंध में निर्देश जारी कर अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को ऑनलाइन सत्र में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है।

सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक होगा सत्र

विशेष ऑनलाइन सत्र 7 अक्टूबर को सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा। सीधा प्रसारण iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा। इससे केन्द्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के साथ राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी ऑनलाइन सत्र में शामिल हो सकेंगे। सत्र की लिंक iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म के Events Section में उपलब्ध कराई जाएगी।

सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेंगे विशेष क्रेडिट

अधिकारी-कर्मचारियों की सहभागिता और सीखने के प्रति उनकी सक्रियता को प्रोत्साहित करने के लिए 7 अक्टूबर को सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म के माध्यम से सत्र में शामिल होने वाले सभी उपयोगकर्ताओं को ‘Service Orientation’ competency के अंतर्गत विशेष क्रेडिट प्रदान किए जाएंगे।

नागरिकों को शासन के केन्द्र में रखने पर जोर

मिशन कर्मयोगी में नागरिक केन्द्रितता को प्रमुख विषय के रूप में शामिल किया गया है। उद्देश्य ऐसी पेशेवर, सक्षम और उत्तरदायी सिविल सेवा का निर्माण करना है, जो शासन और लोक सेवा प्रदाय में नागरिकों को केन्द्र में रखे। iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर नागरिक केन्द्रितता और सेवा उन्मुखीकरण से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं जिन्हें बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारियों द्वारा पूरा किया जा चुका है।

विशेष सत्र के माध्यम से शासकीय सेवकों में सहानुभूति, जवाबदेही और नागरिक केन्द्रित दृष्टिकोण को और मजबूत करने तथा लोक सेवा प्रदाय में ‘सेवा भाव’ की भावना को आत्मसात करने पर जोर दिया जाएगा। कर्मयोगी भारत ने सभी स्तरों के अधिकारियों-कर्मचारियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है जिससे शासन के सभी स्तरों पर सेवा, संवेदनशीलता और नागरिक केन्द्रित प्रशासन की साझा कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ किया जा सके।

General Administration Department, MP

राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस का आयोजन 6 अक्टूबर को दवा सेवन से वंचित हितग्राहियों के लिए 9 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस का आयोजन ...
05/10/2026

राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस का आयोजन 6 अक्टूबर को

दवा सेवन से वंचित हितग्राहियों के लिए 9 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस का आयोजन

Directorate of Health Services, Madhya Pradesh

पीएम गति शक्ति पर मध्यप्रदेश के नवाचार बने अन्य राज्यों के लिए उदाहरणकेवड़िया चिंतन शिविर में लोक निर्माण मंत्री श्री रा...
05/10/2026

पीएम गति शक्ति पर मध्यप्रदेश के नवाचार बने अन्य राज्यों के लिए उदाहरण

केवड़िया चिंतन शिविर में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने की पीएम गतिशक्ति पर केंद्रित तकनीकी सत्र की अध्यक्षता

मध्यप्रदेश के पीएम गतिशक्ति मॉडल को राजस्थान, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अपनाया गया : श्री विनय ठाकुर डायरेक्टर BiSAG

अधोसंरचना विकास की पूरी कार्यप्रणाली का डिजिटल आधार बने पीएम गति शक्ति : मंत्री श्री राकेश सिंह
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अधोसंरचना विकास में पीएम गति शक्ति के व्यापक और व्यावहारिक उपयोग की मध्यप्रदेश की पहल को राष्ट्रीय मंच पर सराहना मिली है। गुजरात के केवड़िया में आयोजित चिंतन शिविर में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने पीएम गति शक्ति पर केंद्रित तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने सर्वेक्षण, सड़क नेटवर्क की योजना, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, बजट और निर्माण कार्यों की समय-सीमा निर्धारित करने में इस प्लेटफॉर्म के उपयोग के मध्यप्रदेश के अनुभव साझा किए। सत्र में बताया गया कि प्रदेश के कुछ नवाचारों को राजस्थान, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी अपनाया जा रहा है।

श्री सिंह ने कहा कि पीएम गति शक्ति को अधोसंरचना विकास के लिए एक व्यापक डिजिटल आधार के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। इसकी उपयोगिता बढ़ाने के लिए इसे विभागों की नियमित कार्यप्रणाली से जोड़ना होगा। मध्यप्रदेश ने प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न मॉड्यूल विकसित कर इस दिशा में व्यावहारिक पहल की है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित चिंतन शिविर में लगभग 18 राज्यों के लोक निर्माण मंत्रियों ने सहभागिता की। लगभग सभी राज्यों के लोक निर्माण विभागों और सड़क निर्माण से जुड़ी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिविर में अधोसंरचना विकास, तकनीक, नवाचार, गुणवत्ता नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और परियोजनाओं की निगरानी पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। चिंतन शिविर में भाग लेने आए लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह की सोमवार सुबह सबसे पहले लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' के दर्शन किए एवं सरदार पटेल जी के श्रीचरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।

74,370 किलोमीटर सड़कें, 2,601 सरकारी भवन और 3,654 पुल जियो-टैग

लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने बताया कि गांधीनगर स्थित भास्कराचार्य संस्थान (BISAG-N) के सहयोग से पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर मध्यप्रदेश के लिए लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल एप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से प्रदेश की 74,370 किलोमीटर सड़कों, 2,601 सरकारी भवनों और 3,654 पुलों को जियो-टैग किया जा चुका है। इससे अधोसंरचना संबंधी जानकारी को सटीक भौगोलिक पहचान के साथ उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

प्रदेश ने रोड नेटवर्क मास्टर प्लान मॉड्यूल भी विकसित किया है। पीएम गति शक्ति के भू-स्थानिक डेटा का उपयोग कर तैयार रोड नेटवर्क मास्टर प्लान से मौजूदा सड़क नेटवर्क, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और भविष्य की प्राथमिकताओं का बेहतर विश्लेषण संभव हुआ है।

डीपीआर, बजट और समय-सीमा निर्धारण से जुड़ा पीएम गति शक्ति

श्री सिंह ने बताया कि प्रस्तावित सड़कों के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया को भू-स्थानिक डेटा से जोड़ने के लिए डीपीआर मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसी प्रकार बजट मॉड्यूल के माध्यम से वार्षिक बजट तैयार करने की प्रक्रिया को पीएम गति शक्ति से जोड़ा गया है। विभिन्न प्रस्तावों और योजनाओं को एक साथ देखने से संभावित दोहराव की पहचान करने और उसे दूर करने में मदद मिल रही है। इससे उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग का आधार तैयार हुआ है।

निर्माण कार्यों के लिए विकसित टाइमलाइन मॉड्यूल से परियोजनाओं की वास्तविक समय-सीमा निर्धारित करने और तय समय-सीमा के अनुरूप प्रगति की समीक्षा करने की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार सर्वेक्षण और डेटा संग्रह से लेकर योजना, डीपीआर, बजट तथा निर्माण की समय-सीमा तक पीएम गति शक्ति को विभागीय कार्यप्रणाली से जोड़ा जा रहा है।

क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण और अनुबंध प्रबंधन तक बढ़े उपयोग

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि पीएम गति शक्ति की क्षमताओं का उपयोग परियोजना क्रियान्वयन, प्रगति की निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और अनुबंध प्रबंधन तक बढ़ाया जाना चाहिए। विभागों की व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुसार नए मॉड्यूल, इंटरफेस और सुविधाएं विकसित करने के लिए BISAG-N के साथ और अधिक समन्वय किया जा सकता है।

श्री सिंह ने राज्यों से अपनी तकनीकी चुनौतियों, आवश्यकताओं और संभावनाओं पर खुले मन से चर्चा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पीएम गति शक्ति पर डेटा अपलोड करने के साथ उसका नियमित निर्णयों और कार्यों में उपयोग आवश्यक है। सत्र से नए विचार, व्यावहारिक सुझाव और सार्थक समाधान सामने आना ही चिंतन का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।

मध्यप्रदेश की पहल को BISAG-N ने सराहा, अन्य राज्यों में भी अपनाए जा रहे नवाचार

BISAG-N के निदेशक श्री विनय ठाकुर ने पीएम गति शक्ति की विभिन्न सुविधाओं और निर्माण कार्यों में इसके उपयोग की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल की है। श्री सिंह स्वयं तीन-चार बार BISAG-N, गांधीनगर पहुंचकर कार्यों की समीक्षा और मार्गदर्शन कर चुके हैं।

श्री ठाकुर ने बताया कि राजस्थान, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मध्यप्रदेश के कुछ नवाचारों को लागू किया गया है। उन्होंने इसे राज्यों के बीच सफल प्रयोगों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

सफल नवाचारों को साझा कर अन्य राज्यों में अपनाएं : श्री गडकरी

चिंतन शिविर के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने देशभर के अच्छे प्रयोगों और नवाचारों को साझा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘बैंक ऑफ आइडियाज, इनोवेशन एंड रिसर्च’ जैसी वेबसाइट बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी राज्य या विभाग में सफल हुए प्रयोगों को दूसरे राज्यों में भी अपनाया जाना चाहिए, जिससे उनके अनुभवों का व्यापक लाभ मिल सके।

श्री गडकरी ने भूमि अधिग्रहण को सड़क परियोजनाओं की प्रमुख चुनौती बताते हुए कहा कि लगभग 1.60 लाख भूमि अधिग्रहण प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने टेंडर जारी करने से पहले भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्रवाई पूरी करने का सुझाव दिया, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में 18 से 36 वर्ष के युवाओं की बड़ी संख्या में मृत्यु देश के लिए गंभीर क्षति है। उन्होंने बताया कि लगभग 40 प्रतिशत दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों और 60 प्रतिशत राज्य सरकारों की सड़कों पर होती हैं। उन्होंने व्हाइट टॉपिंग तथा अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट जैसी तकनीकों के उपयोग पर भी विचार करने का सुझाव दिया।

ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से परियोजनाओं की निगरानी पर चर्चा

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन श्री संतोष यादव ने ड्रोन तकनीक से सड़क परियोजनाओं की निगरानी और विश्लेषण की जानकारी दी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से निर्माण कार्यों में संभावित देरी और लागत वृद्धि का पूर्व आकलन करने तथा एनएचएआई के डेटा लेक सिस्टम के उपयोग के बारे में बताया।

शिविर में अमरावती शहर के निर्माण और विकास पर भी प्रस्तुतीकरण हुआ। इसमें आधुनिक तकनीक, भू-स्थानिक डेटा और एकीकृत अधोसंरचना योजना के माध्यम से बड़े एवं जटिल विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की संभावनाएं प्रस्तुत की गईं।

Rakesh Singh

04/10/2026
नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के लिए"सरकार आपके द्वार अभियान3 अक्टूबर को विकासखंड और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्र में लगे...
01/10/2026

नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के लिए"सरकार आपके द्वार अभियान

3 अक्टूबर को विकासखंड और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्र में लगेंगे शिविर

जन-विश्वास अभियान से जुड़ा सेवा सेतु
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नागरिकों को पारदर्शी, संवेदनशील, उत्तरदायी एवं समयबद्ध लोक सेवाएँ सीधे उनके गाँव व वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी ''सरकार आपके द्वार”अभियानके तहत 3 अक्टूबर शनिवार को विकासखण्ड स्तर तथा 4 अक्टूबर रविवार को नगरीय क्षेत्र में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान प्रदेश में चल रहे व्यापक “सेवा संकल्प अभियान” 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं केंद्रीय घटक है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी कलेक्टर, कमिश्नर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आयुक्त नगर पालिका / नगर निगम / नगर पालिका परिषद को निर्देश जारी किए है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केन्द्र एवं राज्य सरकार की समस्त फ्लैगशिप हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ नागरिकों, विशेषत: कृषकों, ग्रामीणजनों, श्रमिकों, महिलाओं, वंचितों और कमजोर वर्गों को पहुँचाना है। अभियान को “जन-विश्वास अभियान” के साथ भी संबद्ध किया गया है, जिससे जनता के बीच सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही के विश्वास का सेतु स्थापित हो सके।

विकासखंड और नगरीय क्षेत्र में आयोजित होंगे शिविर

प्रत्येक जिले के समस्त विकासखण्डों में 3 अक्टूबर को शिविर आयोजित किए जाएंगे। नगरीय क्षेत्र में 4 अक्टूबर को नगर पालिका निगम में जोनवार, नगर पालिका तथा नगर परिषद में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

शिविर स्थल का आयोजनसार्वजनिक एवं सुलभ स्थानों पर किया जाएगा।उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण, जनपद पंचायत परिसर, सामुदायिक भवन या खेल मैदानजहाँ पर्याप्त खुली जगह, पेयजल, छाया तथा आवागमन की सुगम सुविधा हो। शिविरों के लिए लोक सेवा प्रबंधन, नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहयोगी विभाग होंगे।

कलेक्टर जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करेंगे जो जिला स्तर पर अभियान का समन्वय करेंगे। कैंप के प्रभारी अधिकारी की सहायता के लिये सहायक अधिकारी की नियुक्ति जिला स्तर से की जायेगी।विकासखण्ड स्तर पर कैम्प के लिए प्रभारी अधिकारी पदेन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और नगर पंचायत/परिषद तथा नगर पालिका के लिए प्रभारी अधिकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर निगम जोनल कार्यालय के लिए जोनल अधिकारी नगर निगम होंगे।

शिविरों के प्रमुख कार्य

शिविर में पूर्व से योजना का लाभ प्राप्त किये जाने वाले हितग्राहियों की जानकारी का संकलन, शेष पात्र हितग्राहियों को सूचीबद्ध करना तथा शेष पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा दिये गए वार्षिक लक्ष्य अनुसार कैंप में ही लाभ देना सुनिश्चित किया जाएगा।लक्षित योजनाओं में वार्षिक लक्ष्य-प्राप्ति से शेष रहे हितग्राहियों को क्रमबद्ध तरीके से लाभ प्रदाय किया जायेगा।

अभियान अंतर्गत कैंप में आने वाले हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा। पंजीयन के लिए पृथक से 3 स्टॉल लगाये जाएंगे।स्टॉल पर अधिकारी/कर्मचारी की उपस्थिति रहेगी। कैंप प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी स्टॉल पर उपस्थित रहे। यदि ब्लॉक स्तर पर विभागीय अधिकारी पदस्थ नहीं है तब कलेक्टर अपने स्तर से अधिकारी को कैंप के लिए नियुक्त करेंगे।

ऑन-स्पॉट डिलीवरी एवं स्वास्थय शिविर

अंतर-विभागीय समन्वय एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की ऑन-स्पॉट डिलीवरी अंतर्गत शिविर में राज्य विभाग नोडल की भूमिका निभाते हुए अन्य प्रमुख विभागों के समन्वय से योजनाओं के लाभ मौके पर प्रदान कराएगा।

स्वास्थ्य शिविर में होगी जाँच

प्रत्येक शिविर स्थल पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जायेगा। स्थल पर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जायेगा जिसमें केन्द्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को सम्मिलित किया जायेगा। विभिन्न विभागों की सेवा के लिए न्यूनतम 25 सुसज्जित एकरूप स्टॉल स्थापना, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, कम्प्यूटर तथा इंटरनेट की व्यवस्था, सेल्फी पाइंट्स एवं अन्य व्यवस्थायें स्थानीय निकायों यथा जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषद के द्वारा की जायेंगी।

पोर्टल रिपोर्टिंग एवं सफलता की कहानियाँ

दैनिक पोर्टल रिपोर्टिंगके अंतर्गतप्रत्येक शिविर में कुल प्राप्त आवेदन, मौके पर स्वीकृत आवेदन, लंबित आवेदन एवं वितरित हितलाभों की संख्यात्मक जानकारी अधिकृत राज्य पोर्टल पर प्रतिदिन शाम 6:00 बजे तक अनिवार्य रूप से प्रविष्ट की जाएगी। सफलता की कहानियाँ अंतर्गत शिविरों के माध्यम से यदि किसी पीड़ित, किसान अथवा निर्धन नागरिक की वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर समाधान हुआ हो, तो उसके फोटोग्राफ, संक्षिप्त वीडियो एवं सफलता की कहानी www.modiat25.in⁠ पर अपलोड किए जाएंगे। शिविर की सूचना के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जायेगा।


#सेवा_संकल्प_अभियान

गांधी जयंती से प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’2 से 8 अक्टूबर तक होंगी जन-जागरूकता गतिविधियां, नशामुक्ति के ...
01/10/2026

गांधी जयंती से प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’

2 से 8 अक्टूबर तक होंगी जन-जागरूकता गतिविधियां, नशामुक्ति के लिए दिलाई जाएगी ऑनलाइन शपथ

विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्राम सभाओं से लेकर महिला स्व-सहायता समूहों तक होगी सहभागिता
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक “मद्य निषेध सप्ताह” मनाया जाएगा। सप्ताह के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, प्रतियोगिताएं, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ग्राम सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऑनलाइन शपथ सहित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग आयुक्त श्री के.जी. तिवारी ने सभी कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय संयुक्त एवं उप संचालकों को सप्ताह के आयोजन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रमों में विभाग से मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाओं, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, आध्यात्मिक संस्थाओं तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।

मद्य निषेध सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य समाज में बढ़ती मद्यपान की प्रवृत्ति तथा नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों एवं दुष्परिणामों के प्रति युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों को जागरूक करना है। सप्ताह के दौरान स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों को “नशा न करेंगे, न करने देंगे” की शपथ भी दिलाई जाएगी।

2 अक्टूबर : नशामुक्ति रैली और प्रदर्शनी

सप्ताह के पहले दिन महात्मा गांधी जयंती पर नशामुक्ति के लिए जन-जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी और नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के लिए नशामुक्ति पर आधारित पोस्टर, फोटो और चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रमों में शामिल नागरिकों को नशा नहीं करने की ऑनलाइन शपथ दिलाई जाएगी।

3 अक्टूबर : शैक्षणिक प्रतियोगिताएं और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर

दूसरे दिन स्थानीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं, संवाद तथा संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आवासीय नशामुक्ति केंद्रों में नशा पीड़ित व्यक्तियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर लगाए जाएंगे।

शिविरों में नशा पीड़ितों की एचआईवी-एड्स, टीबी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच में पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

4 अक्टूबर : ग्राम सभाओं में नशामुक्त गांव का संकल्प

तीसरे दिन ग्राम सभाओं में गांवों को नशामुक्त बनाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। पारित प्रस्तावों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति संबंधी साहित्य, पोस्टर, पेम्फलेट और अन्य प्रचार सामग्री का वितरण किया जाएगा। ग्राम सभाओं में उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्ति की ऑनलाइन शपथ भी दिलाई जाएगी।

5 अक्टूबर : सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता

चौथे दिन ग्राम और नगरीय स्तर पर स्थानीय व्हाट्सऐप समूह बनाए जाएंगे। इन समूहों के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश, जागरूकता सामग्री और लघु फिल्में नागरिकों तक पहुंचाई जाएंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

6 अक्टूबर : महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी

पांचवें दिन महिला स्व-सहायता समूहों और शौर्या दलों द्वारा स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं को परिवार और समाज में नशे के कारण होने वाले आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। महिला समूह समुदाय को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।

7 अक्टूबर : स्कूल-कॉलेजों में ऑनलाइन शपथ

छठवें दिन ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान के लिए तैयार किए गए स्थानीय मास्टर वॉलंटियर और “नशामुक्ति मित्र” स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाएंगे। युवाओं को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया जाएगा।

8 अक्टूबर : जिला मुख्यालयों पर समापन समारोह

मद्य निषेध सप्ताह के अंतिम दिन सभी जिला मुख्यालयों पर जिलास्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नशामुक्ति पर आधारित नाटक, नृत्य, संगीत और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

ऑनलाइन पोर्टल पर दिलाई जाएगी शपथ

सप्ताह के प्रत्येक दिन आयोजित कार्यक्रमों में शामिल विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों को भारत सरकार के नशामुक्त भारत अभियान के ऑनलाइन पोर्टल पर ई-प्लेज के माध्यम से नशा नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी।

जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों में स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, महिला एवं बाल विकास, पुलिस तथा जनसम्पर्क विभाग सहित संबंधित संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। जिलों को आयोजित गतिविधियों का प्रतिवेदन फोटोग्राफ सहित सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Social Justice and Disabled Welfare Department ,Madhya Pradesh

30/09/2026

सेवा संकल्प अभियान -

जिले के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 05 छुई खदान में आंगन मिलन सेवा के तीसरे दिन महिलाओं एवं बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सेवा कार्यों की जानकारी दी गई तथा बच्चों को फल भी वितरित किए गए।


#सेवा_संकल्प_अभियान
Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh

Address

South Civil Lines
Jabalpur
482011

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