Tropical Forest Research Institute

Tropical Forest Research Institute Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Tropical Forest Research Institute, Government Organization, Mandla Road, Jabalpur.

This is official page of Tropical Forest Research Institute, Jabalpur which is one of the eight regional institutes under the Indian Council of Forestry Research & Education. The Institute came into existence in April 1988, although its origin goes back to 1973 when a Regional Centre of FRI, Dehradun was established at Jabalpur to provide research support to the problems of forest management in ce

ntral India. The institute has not only steadily advanced in terms of infrastructure but also specialized itself as a major nucleus for research on forestry and ecology related problems of tropical forests of the central region comprising of the states of Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Maharashtra and Orissa.

भा.व.अ.शि.प. (ICFRE)- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Research Institute ) जबलपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के ...
02/05/2026

भा.व.अ.शि.प. (ICFRE)- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Research Institute ) जबलपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के साल वनों मे साल हार्टवुड बोरर (Hoplocerambyx spinicornis) के एकीकृत प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम गरियाबंद वन प्रभाग, छत्तीसगढ़ में दिनांक 30/04/2026 फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए आयोजित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के निदेशक डॉ. नीलू सिंह के मार्ग दर्शन में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र मे निदेशक महोदया ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें प्रशिक्षण का महत्व, साल वनों की उपयोगिता एवं स्थानीय लोगों में जागरूकता लाने पर जोर दिया। श्री तपीश कुमार झा, IFS, PCCF और निदेशक, राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (SFRTI), रायपुर, प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने साल वनों की वर्तमान स्थिति, सिल्विकल्चर प्रैक्टिस के माध्यम से सरंक्षण करने हेतु अनुरोध किया। सभी प्रतिभागियों को "गो बैक टू जंगल" का मंत्र दिया जिसे वनों का संरक्षण एवं सतत उपयोग किया जा सके। सीसीएफ, रायपुर सर्कल श्री मणिवसागन एस., भा.व.से, ने अपने भाषण में साल वनों के पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व के बारे में बताया। उन्होंने साल बोरर के प्रकोपों के लिए जिम्मेदार प्रमुख कारकों पर भी चर्चा की और वनों की गुणवत्ता पर जोर दिया। DCF, गरियाबंद श्री शशिगानंदन के., भा. व. से, ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें कीट के सबसे अधिक सक्रिय होने की अवधि के दौरान तत्परता के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को प्राप्त ज्ञान को सक्रिय रूप सेनियमित कार्य में उपयोग में लाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मोहन, वैज्ञानिक ने उद्घाटन सत्र मे प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे मे जानकारी प्रदान किया। डॉ. राठोड ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस कार्यक्रम में 60 से भी अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में डॉ. मोहन सी., वैज्ञानिक-बी ने साल बोरर के जीव विज्ञान, पारिस्थितिकी, पहचान और वर्गीकरण पर व्याख्यान दिए। डॉ. निधीश टी. डी., वैज्ञानिक-बी ने कीट के वर्गीकरण और व्यवहार पर व्याख्यान दिया, जिसमें वन पारिस्थितिकी तंत्र में अलग बीटल के पहचानने की तकनीकी जानकारी प्रदान की। डॉ. राठोड दिग्विजयसिंह यू., वैज्ञानिक-सी ने साल वनों के 'स्टैंड डायनामिक्स' (वनों की संरचना और विकास की गतिशीलता) के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की। ICFRE–TFRI की वैज्ञानिक टीम ने प्रभावित पेड़ों की पहचान, 'ट्री ट्रैप' ऑपरेशन तथा प्रकोपों को रोकने के संबंधित जानकारी फील्ड डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रशिक्षार्थीयो के साथ सजा की। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री कुंजिलाल पटेल (वरिष्ठ तकनीशियन) और जगदानंद पाइक (प्रोजेक्ट सहायक) ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर 22 अप्रैल को भा.व.अ.शि.प. (ICFRE )–उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Resear...
22/04/2026

पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर 22 अप्रैल को भा.व.अ.शि.प. (ICFRE )–उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Research Institute ), जबलपुर में वैश्विक थीम “Our Power, Our Planet” के अनुरूप “नर्सरी से प्रकृति तक: पौध उत्पादन की एक व्यावहारिक कार्यशाला” का आयोजन किया गया। निदेशक श्रीमती नीलू सिंह ने देशी वन प्रजातियों के संरक्षण के महत्व पर बल दिया तथा प्रतिभागियों को पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
श्री मनीष कुमार विजय, कार्यक्रम समन्वयक द्वारा बीज संग्रहण, बीज उपचार, पॉटिंग मिश्रण की तैयारी तथा नर्सरी तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता, वन संरक्षण एवं देशी प्रजातियों के सतत उपयोग जिसमें माहुल पत्ता (Phanera vahlii) को प्लास्टिक के प्रकृति-आधारित विकल्प एवं कर्मल (Dillenia pentagyna) को संरक्षण एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापन हेतु देशी प्रजाति के रूप में रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय, जबलपुर के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त टीएफआरआई के वैज्ञानिक, तकनीकी कर्मचारी एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

भा.व.अ.शि.प. (ICFRE )- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर (Tropical Forest Research Institute ) द्वारा छत्तीसगढ़ के...
19/04/2026

भा.व.अ.शि.प. (ICFRE )- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर (Tropical Forest Research Institute ) द्वारा छत्तीसगढ़ के साल वनों मे साल हार्टवुड बोरर (Hoplocerambyx spinicornis) के एकीकृत प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम कोरबा वन प्रभाग, छत्तीसगढ़ में दिनांक 18/04/2026 फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए आयोजित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के निर्देशक डॉ. नीलू सिंह के मार्ग दर्शन में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र मे डॉ. नितिन कुलकर्णी, निर्देशक , व.व.अ.सं., जोरहाट, असम के निदेशक महोदय ने स्वागत भाषण दिया और सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का उद्देश्य, साल के वनों के महत्त्व पर विशेष जोर दिया एवं प्रतिभागियों का प्रोत्साहन बढ़ाया। प्रेमलता यादव, भा.व.से. उप वन संरक्षक (क्षेत्रीय) ने विशेष संबोधन कार्यक्रम में दिया, जिसमें राज्य वन वृक्ष साल को सालबोरर से बचाने हेतु आवश्यक प्रबंध पर विशेष जोर दिया। डॉ. मोहन सी, वैज्ञानिक ने साल बोरर कीट के जीवन चक्र एवं एकीकृत प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। डॉ. कुलकर्णी ने साल बोरर से प्रभावित वृक्षों के वर्गीकरण एवं उसके रोकथाम-संबंधी उपाय के बारे में आवश्यक जानकारी व्याख्यान के माध्यम से प्रशिक्षार्थीयो को दी। डॉ. राठोड दिग्विजयसिंह, वैज्ञानिक- सी ने फॉरेस्ट स्टैंड डायनेमिक ऑफ साल फॉरेस्ट के बारे में बताया। यह प्रशिक्षण डॉ. राठोड एवं डॉ. मोहन द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें 40 से भी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह प्रशिक्षण राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वार वित्तपोषित किया गया था। श्री कुंजीलाल पटेल, सीनियर तकनीकी अधिकारी एवं अमन पाल द्वारा सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया गया।

भा.व.अ.शि.प. (ICFRE )- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर (Tropical Forest Research Institute ) द्वारा छत्तीसगढ़ के...
19/04/2026

भा.व.अ.शि.प. (ICFRE )- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर (Tropical Forest Research Institute ) द्वारा छत्तीसगढ़ के साल वनों मे साल हार्टवुड बोरर ( Hoplocerambyx spinicornis) के एकीकृत प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सरगुजा सर्किल, मैनपाट, छत्तीसगढ़ में फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए आयोजित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान निर्देशक डॉ. नीलू सिंह के मार्ग दर्शन में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र मे संस्थान की निदेशक महोदया ने स्वागत भाषण दिया और सभी प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन किया। श्री तपिश कुमार झा, भा.व.से, पीसीसीएफ एवं निर्देशक, SFRTI, रायपुर ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण में शामिल हुए। डॉ. नितिन कुलकर्णी, निर्देशक, र.फ़.र.ई, जोरहाट ने छत्तीसगढ़ में साल बोरर से बचाव के उपाय पर अपना व्याख्यान दिया साथ ही उद्घाटन सत्र में भी प्रतिभागियों के साथ साल के वनों के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।श्री दिलराज प्रभाकर, आई.एफ.एस.,
सीसीएफ, सरगुजा सर्किल; श्री अभिषेक जोगावत, आईएफएस डीएफओ सरगुजा संभाग, अंबिकापुर (साउथ सरगुजा) एवं श्वेता कांबोज,आई.एफ.एस ने भी प्रशिक्षण में मुख्य भाषण दिए, जिसमें साल बोरर के कारण साल के वृक्षों होने वाले होने वाले नुकसान, उसके लिए आवश्यक प्रबंध, पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देकर सभी प्रशिक्षार्थी का उत्साह वर्धन किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ५० प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और यह प्रशिक्षण राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर, छ. ग. द्वारा वित्तपोषित किया गया था। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के डॉ. राठोड दिग्विजयसिंह .यू., वैज्ञानिक-सी एवं डॉ. मोहन सी. वैज्ञानिक द्वारा आयोजित किया गया और श्री कुंजीलाल पटेल एवं अमन पाल द्वारा सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया गया।

भा.वा.अ.शि.प. (ICFRE ) - उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Research Institute ), जबलपुर में 13/04/2026 ...
14/04/2026

भा.वा.अ.शि.प. (ICFRE ) - उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Research Institute ), जबलपुर में 13/04/2026 को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) के बी.एस.सी. (कृषि) के 61 छात्र-छात्राओं हेतु एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य कृषि के विद्यार्थियों को उन्नत वानिकी तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका में वनों की भूमिका से अवगत कराना था।
संस्थान की वन विस्तार विभाग की प्रभागाध्यक्ष, डॉ. ननिता बेरी ने छात्रों को संस्थान के संग्रहालय का भ्रमण कराया। उन्होंने संग्रहालय में प्रदर्शित विभिन्न मॉडलों के माध्यम से संस्थान द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और अनुसंधान की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. बेरी ने छात्रों को बताया कि कैसे वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से हम घटते वन क्षेत्र को पुनर्जीवित कर सकते हैं।
कृषि के छात्रों के लिए विशेष सत्र का आयोजन करते हुए डॉ. बेरी ने 'लाख की खेती' पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे किसान अपनी पारंपरिक खेती के साथ-साथ पलाश, कुसुम और बेर के वृक्षों पर लाख का उत्पादन कर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। छात्रों को लाख उत्पादन की तकनीकी बारीकियों और इसके व्यावसायिक महत्व से रूबरू कराया गया।
भ्रमण के अगले चरण में छात्रों ने संस्थान के कीटालय का अवलोकन किया। यहाँ उन्हें वनों में पाए जाने वाले विभिन्न कीटों के बारे में विस्तार से समझाया गया। छात्रों ने जाना कि कौन से कीट वनों के लिए मित्र हैं और कौन से शत्रु। कीटों से होने वाले लाभ, उनके द्वारा होने वाली क्षति और जैविक नियंत्रण के उपायों के बारे में मिली इस जानकारी ने भविष्य के कृषि विशेषज्ञों को काफी प्रभावित किया।
भ्रमण के अंत में छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान की तुलना में संस्थान में आकर वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रत्यक्ष देखना उनके लिए प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर संस्थान के अन्य वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

मेलघाट क्षेत्र में सामुदायिक वन अधिकारों के सुदृढ़ीकरण, संसाधनों के संरक्षण और वन-आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा ...
13/04/2026

मेलघाट क्षेत्र में सामुदायिक वन अधिकारों के सुदृढ़ीकरण, संसाधनों के संरक्षण और वन-आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत प्रमुख संस्था "समाज प्रगति सहयोग" के 17 सदस्यीय दल ने आज भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE )- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Research Institute ) जबलपुर का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया।
संस्थान की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं वन विस्तार प्रभाग की प्रमुख डॉ. ननिता बेरी ने विशेष रूप से 'लाख' (Lac) की खेती के माध्यम से किसानों और वनवासियों की आय को दोगुना करने की अपार संभावनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक पद्धति से लाख उत्पादन कर ग्रामीण अपनी आर्थिक स्थिति को स्थायी रूप से सुधार सकते हैं। भ्रमण के दौरान दल को संस्थान द्वारा पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे नवाचारों से अवगत कराया गया। डॉ. बेरी ने वानिकी के आधुनिक तकनीकों और पारिस्थितिकी तंत्र के प्रबंधन के बारे में चर्चा की, जो मेलघाट जैसे समृद्ध जैव-विविधता वाले क्षेत्रों के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। दल ने टिशू कल्चर से पौध तकनीक के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
समाज प्रगति सहयोग के सदस्यों ने सामुदायिक वन अधिकारों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन की बारीकियों को समझा। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य वन-आधारित आजीविका को 'सतत' (Sustainable) बनाना था, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन संसाधनों का लाभ उठा सकें।
संवाद सत्र के दौरान मेलघाट से आए प्रतिनिधियों ने अपनी क्षेत्रीय चुनौतियों को साझा किया, जिस पर संस्थान के विशेषज्ञों ने उचित तकनीकी समाधान सुझाए। दल के सदस्यों ने संस्थान द्वारा विकसित की गई तकनीकों और प्रदर्शनी केंद्रों को देखा, जिसे उन्होंने अपने क्षेत्र में लागू करने के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस भ्रमण से न केवल मेलघाट के स्थानीय समुदायों और वैज्ञानिकों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान हुआ, बल्कि सामुदायिक वन प्रबंधन की दिशा में भविष्य के नए आयाम भी खुले।

ICFRE - Tropical Forest Research Institute Jabalpur and Maharashtra Gene Bank entered into an MoU for ex*****on of two r...
10/04/2026

ICFRE - Tropical Forest Research Institute Jabalpur and Maharashtra Gene Bank entered into an MoU for ex*****on of two research projects. Sh. M. Rajkumar and Dr Kaushal Tripathi signed the MoUs on behalf of Director, TFRI. Research will focus on conservation of Forest Genetic Resources of Vidharba Region and Mangroves of Coastal Maharashtra.

18/03/2026

Address

Mandla Road
Jabalpur
482021

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Tuesday 9am - 5:30pm
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