18/11/2014
मोदी सरकार की "स्मार्ट सिटी" बनेगी देश का आइना
Modi government`s Smart City will be the mirror of the country
मोदी सरकार ने बजट में देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की घोष्ाणा की थी। शहरी विकास मंत्रालय ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जिन सौ "स्मार्ट सिटी" को विकसित करने का फैसला किया गया है। उनमें 24 घंटे बिजली और पानी आपूर्ति, वाईफाई कनेक्टिविटी और टेलीमेडिसिन जैसे सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। देश में 100 स्मार्ट सिटी तैयार केरने में जुटी अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री ने अपने कॉन्सेप्ट को आम कर दिया है।
स्मार्ट सिटी में हर घर से अधिकतम 800 मीटर की दूरी पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध हो। साथ ही हर सिटी में हाइटेक हेल्थ सर्विस, स्कूल और हायर स्टडी सेंटर का भी इंतजाम हो। इस कॉन्सेप्ट पर लोगों से भी राय मांगी गई है।
मंत्रालय का कहना है कि स्मार्ट सिटी में क्वालिटी ऑफ लाइफ बेहतर होनी चाहिए। वहां पावर, वॉटर, सॉलिड मैनेजमेंट, सीवरेज, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट, साइबर कनेक्शन, कनेक्टिविटी (रेल, हवाई और रोड), हाउसिंग, एजुकेशन, हेल्थकेयर, एंटरटेनमेंट, स्पीडी सर्विस डिलिवरी, एन्फोर्समेंट, सिक्यॉरिटी, पारदर्शिता और जवाबदेही जबरदस्त होनी चाहिए।
ऎसे चुने जाएंगे स्मार्ट सिटी : 40 लाख तक की आबादी वाले शहर ही स्मार्ट शहर के रूप में सबसे फिट होंगे। बड़े शहरों से जुड़े सैटलाइट टाउन भी स्मार्ट बनेंगे। महानगरों से जुड़े 40 लाख की आबादी वाले सैटलाइट शहरों में से नौ को स्मार्ट शहर बनाया जा सकता है। 10 से 40 लाख की आबादी वाले 44 शहरों को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। 17 ऎसे शहर हैं, जहां की आबादी 10 लाख से कम है। कंसेप्ट पेपर में कहा गया है कि अमृतसर, वाराणसी जैसे 10 धार्मिक शहर भी स्मार्ट लिस्ट में होंगे। बाकी 20 शहर ऎसे चुने जाएंगे जिनकी आबादी 5 से 10 लाख के बीच हो।