जीवन परिचय ओर सेवा का संकल्प
महाराणा सेवा संस्था के संस्था प्रमुख महिपाल सिंह पिंजराया ने अपने जीवन से सिख कर मानव सेवा का संकल्प लिया, उन्होने जिंदगी में ऐसे कई दिन देखे जो वें दूसरों की जिंदगी में नही देखना चाहते, इस क्रम में उनके बारे में कुछ सच्ची घटनाए जिनके कारण ही परिस्थितियों नें उनकी जिंदगी को बदल कर रख दिया।
महिपाल सिंह पिंजराया का जन्म 4/4/1994को जिला मुख्यालय धार के सरकारी हॉस्पिटल क
े कमरा नम्बर 05 में हुआ था, बचपन से उनको एकांत वातावरण पसन्द था बाल्यकाल से ही देवी-देवताओं की दैवीय शक्तियों के बारे में जानने में जिज्ञासा में लिप्त रहकर अपना बचपन का समय बिताया, इसी दौरान 3 मार्च 1998 में उनके पिता ठाकुर समंदर सिंह पिंजराया का स्वर्गवास हो गया, महिपाल उस समय बहुत छोटी सी उम्र के थे, पर उन्हें उनकें पिता के गुजर जानें के बाद महसूस हुआ कि जीवन में पिता का अस्तित्व ठीक उसी प्रकार होता है जैसे की पांच उँगलियों में से अंगूठा काट दिया जाए तो हाथ किसी काम का नही होता।