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कलधर्म समाचारपूज्य पाद प्रेम भुवनभानु सूरीश्वरजी समुदाय के पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री राजेंद्रसूरीश्वरजी मारासाहेब के ...
25/10/2021

कलधर्म समाचार
पूज्य पाद प्रेम भुवनभानु सूरीश्वरजी समुदाय के पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री राजेंद्रसूरीश्वरजी मारासाहेब के आज्ञानुवर्ती और पूज्य युग प्रधान आचार्य सम पन्यास प्रवर श्री चन्द्रशेखर विजयजी माराजसाहेब के शिष्य पूज्य आचार्य मेघदर्शन सूरीश्वरजी माराजसाहेब के प्रशिष्य पूज्य मुनिराज श्री निसंगप्रेमविजयजी माराजसाहेब(पूज्य मुनिश्री दिव्यचरण विजयजी माराजसाहेब के सांसारिक संबंध से पिताजी मारासाहेब)का आज आसो वदी चौथ 25-10-2021 सुबह 4 बजे समाधि पूर्वक काल धर्म चेन्नई सौकारपेट आराधना भवन में हुआ है। अग्नि संस्कार संबंधित बोलीया सुबह 11.00 बजे एवम पालखी दोपहर 12.30 बजे जैन आराधना भवन से शुरू होगी।

अशोक जैन-(छाजेड़)

श्री शत्रुंजय गिरिराज से जिरनार तीर्थ छ:रि पालित संघ 19/12/2021
17/10/2021

श्री शत्रुंजय गिरिराज से जिरनार तीर्थ छ:रि पालित संघ 19/12/2021

अशोक जैन-(छाजेड़)

तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ प्रभु
17/10/2021

तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ प्रभु

अशोक जैन-(छाजेड़)

💎💎💎💎💎💎💎💎💎💎*_सोमवार पूनम सुखकारी।_**_गुरु दर्शन आवे नर नारी।।_*💎💎💎💎💎💎💎💎💎💎*कल सोमवार दि 20/09/2021 सोमवती पूनम का महा मंगल...
19/09/2021

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*_सोमवार पूनम सुखकारी।_*
*_गुरु दर्शन आवे नर नारी।।_*
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*कल सोमवार दि 20/09/2021 सोमवती पूनम का महा मंगलकारी दिवस*
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*सभी दादा गुरुदेव भक्त दादावाड़ी दर्शन, पूजन, इकतीसा पाठ अवश्य करें।*

🙏

*जय गुरुदेव 🙏*

दिलीप जैन-(छाजेड़)

*जैसलमेर के समीप स्थित लूणिया दादाबाड़ी के बारे में जानकारी*पुस्तक- *ऐतिहासिक*    *जैसलमेर-जैन-गाइड*लेखक एवं संग्राहक- *श...
19/09/2021

*जैसलमेर के समीप स्थित लूणिया दादाबाड़ी के बारे में जानकारी*

पुस्तक- *ऐतिहासिक*
*जैसलमेर-जैन-गाइड*

लेखक एवं संग्राहक- *श्री फूलचन्द्र चौरङिया "पुष्प" साहित्यभूषण*
*रतलाम ( मालवा )*

प्रकाशक- *सेठ अमृतलाल साराभाई*
ठि.रतनपोल,फतेभाई की हवेली
अहमदाबाद

प्रकाशन वर्ष - *वीर संवत् 2470*
*विक्रम संवत् 2000*

प्रस्तुत पुस्तक में तत्कालीन जैसलमेर की भौगोलिक स्थिति,जैसलमेर तीर्थ के जिनालयों,अमर सागर तथा लौद्रवपुर तीर्थ के इतिहास का वर्णन किया गया है। दुर्ग स्थित 8 जिनालयों के साथ तत्कालीन 7 ज्ञान भंडारों का उल्लेख है।इस पुस्तक का प्रकाशन भारत की स्वतंत्रता से पूर्व हुआ था,अतःउस समय के लोकप्रिय शासक महारावल श्री जवाहरसिंह जी भाटी के बारे में भी जानकारी दी गई है।इसके अलावा संक्षिप्त में लक्ष्मीनाथ जी के मंदिर एवं बाफना सेठों की हवेलियों का जिक्र भी किया गया है।इस पुस्तक का आधार उस समय के बृहद् खरतरगच्छ के यति श्री महोपाध्याय पं.प्रवर वृद्विचंद्र जी द्वारा बताये गये ऐतिहासिक तथ्य तथा बाबू पूरनचन्द जी नाहर के जैसलमेर तृतीय खंड आदि को ध्यान में रख कर छपवाया गया है।
इस पुस्तक में उस समय की प्रचलित 4 दादाबाङियों का उल्लेख है।
1) गजरूप सागर के दादा जी
2) गामगढा के दादा जी
3) पीरोल बाहर के दादा जी
4) लूनिया के दादा जी।
इसके बाद *आदि आदि* शब्द का प्रयोग हुआ है अर्थात् इसके अलावा भी दादाबाङियां स्थित थी,पर ज्यादा प्रचलन में ये चारों थी।इसके बाद विशेष रूप से उल्लेख केवल लूणिया दादाबाङी का किया गया है।उसका अक्षरशः वर्णन इस प्रकार है।
*लूनिया के दादाजी के विषय में यह कहावत प्रसिद्ध है किसी समय देराउर में बादशाह के पास लूनिया गोत्रिय मन्त्री था उसकी लङकियाँ खूबसूरत थी।उन पर बादशाह की निगाह पङी उसने इनकी इज्जत पर हाथ डालने का विचार किया।जब मन्त्री को यह ज्ञात हुआ तो वह बङी चिंता में पङा।इज्जत का सवाल था उसने गुरू देव का स्मरण किया।गुरूदेव ने प्रगट रूप में साधु की शक्ल में दर्शन दिये और देराउर से लङकों के कपङे लङकियों को पहिना चले जाने को कहा।मन्त्री ने वैसा ही किया।गुरूदेव ने यह भी कहा था कि रात्रि भर चलते रहना और पीछे घूम कर मत देखना।मन्त्री अपने कुटुम्ब के साथ ऊँटों पर सवार हो चल दिया।प्रातःकाल के करीब उसने यह जानने के लिये पीछे फिर कर देखा कि हम देराउर से कितने दूर आ गये हैं उन्हें गुरूदेव साथ ही दृष्टि गोचर हुए गुरूदेव ने कहा जैसलमेर सिर्फ तीन मील रह गया है अब निडर चले जाओ।गुरूदेव की इस कृपा के बदले में उसने वहीं गुरूदेव के पैरों के चिन्ह बना दिये और जैसलमेर पहुंचा बाद में छतरी बना सुन्दर पादुकायें स्थापित करवा प्रति दिन पूजन ध्यान करता रहा आज भी यह स्थान चमत्कारी है।*

एक अन्य पुस्तक
नाम- *जैसलमेर*
*पंचतीर्थी का इतिहास*

लेखक- *श्री मुनि प्रकाश विजय जी म.सा.*

संपादक- *श्री धर्मचंद सिंघवी*

प्रकाशक- *श्री जैसलमेर लौद्रवपुर पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट,जैसलमेर।*

प्रकाशन- *दिसम्बर 1993*

पेज नं.*96*
*बिन्दु सं.8.* ब्रह्मसर मार्ग पर लूणिया दादाबाड़ी है।यहां लूणियाजी को श्री जिनकुशलसूरि जी ने दर्शन दिये थे उसके प्रतीक बनी इस दादाबाड़ी में श्री जिनकुशलसूरिजी के चरण हैं।

*बिन्दु सं.14.* ब्रह्मसर-यहां से पश्चिम दिशा की ओर दादा श्री जिन कुशलसूरिजी का स्थान है।यह स्थान लूणिया गोत्र वालों का बनाया हुआ है।

इन पुस्तकों के आधार पर जैसलमेर के समीप स्थित लूणिया दादाबाड़ी तीसरे दादा गुरूदेव श्री जिन कुशलसूरि जी महाराज साहब की प्रत्यक्ष दर्शन स्थली है।जैसलमेर आने वाले यात्री दर्शन पूजन का लाभ अवश्य प्राप्त करें एवं इस तीर्थ क्षेत्र के विकास में सहयोगी बनें।

[पवन कुमार पुत्र श्री विजयसिंह कोठारी
जैसलमेर।]

दिलीप जैन-(छाजेड़)

tpsvi anumodanna
17/09/2021

tpsvi anumodanna

07/08/2021

अशोक छाजेड़

*हुबली दादावाड़ी प्रेरिका पूर्णप्रभाश्रीजी के 64 सार्थक जन्मदिन(16/6) पर मंगल भावनाये*      ---     -------    --------*ग...
15/06/2021

*हुबली दादावाड़ी प्रेरिका पूर्णप्रभाश्रीजी के 64 सार्थक जन्मदिन(16/6) पर मंगल भावनाये*
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*गच्छाधिपति आचार्य प.पु श्री मनिप्रभसूरीश्वरजी की आज्ञानुवर्ती एवं हुबली दादावाड़ी प्रेरिका साध्वी पू श्री सूर्यप्रभाश्रीजी की सुशिष्या पूर्णप्रभाश्रीजी के सार्थक जन्मदिन दि 16/6/21 पर ह्रदय की गहराइयों से मंगलकामनाये!*

*उसी दिन पावन भूमि पालीताणा में पू गच्छाधिपति की निश्रा में 9 दीक्षाएं सम्पन्न होंगी*
*हम प्रत्यक्ष पावन अवसर देखने के लिए गवाह तो नही होंगे पर अपने दिल मे प्रवज्या पथ की अनुमोदना जरूर कर सकते है और नवकार मंत्र का स्मरण कर पुण्य प्राप्त कर सकते है*
*चम्पासूर्यपूर्ण मंडल में डिम्पल की दीक्षा होंगी और मंडल में एक और बढ़ोतरी होंगी अतः बिटिया के मंगल जीवन की कामनाये करते है*

सिद्ध पद ओलिजी का दूसरा दिन
20/04/2021

सिद्ध पद ओलिजी का दूसरा दिन

ओलीजि आराधना अरिहंत पद
18/04/2021

ओलीजि आराधना अरिहंत पद

आज अमावस्या के अवसर पर JYM सेवा समिति हुबली के सदस्य श्री सिद्वारुडस्वामी मठ गौशाला में जीवदया के रूप में गायों के सेवा ...
12/04/2021

आज अमावस्या के अवसर पर JYM सेवा समिति हुबली के सदस्य श्री सिद्वारुडस्वामी मठ गौशाला में जीवदया के रूप में गायों के सेवा का कार्यक्रम आयोजित किया!इस अवसर पर संस्था के मनोज चोपड़ा, महावीर कांकरिया गौतम भन्साली अशोक भन्साली जितु गोलेच्छा महेंद्र बाफना प्रकाश मांडोत अशोक छाजेड़ और जन्मदिन लाभार्थी परिवार हसमुख छाजेड़ अपने पुत्र के एवम कई श्रदालु उपस्तिथ थे ! jym सेवा समिति के मेंबर गौतम भन्साली ने जैन परिवार से अपील की की अपने परिवार में कोई भी खुशी के मोके पर जीवदया नही भूलना चाहिए और बढ़चढ़ कर आगे आने की अपील की मनोज चोपड़ा ने आज के लाभार्थी परिवार का आभार व्यक्त किया

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